दोपहर तक नहीं मिला लोगों को चाय, नाश्ता, बंद का रहा व्यापक असर

दोपहर तक नहीं मिला लोगों को चाय, नाश्ता, बंद का रहा व्यापक असर

sachendra tiwari | Publish: Sep, 07 2018 11:00:00 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

धारा 144 का हुआ उल्लंघन

बीना. एससी, एसटी एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ सपाक्स ने गुरुवार को भारत बंद का आह्वान किया था जिसका शहर में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से शहर में लोगों को चाय, नाश्ता भी नहीं मिल सका। दोपहर में ज्ञापन सौंपने के बाद दुकानें खुलना शुरू हुईं। बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। बंद शांतिपूर्ण तरीके से रहा। धारा 144 का बंद के दौरान खुला उल्लंघन हुआ और हजारों की संख्या में लोगों ने शहर के मुख्य मार्गों से रैली निकाली। पुलिस भी लोगों को रोकने में नाकाम रही।
गुरुवार को सुबह से ही लोगों ने अपनी स्वेच्छा से दुकानें बंद रखी। शहर के मेन रोड, बड़ी बजरिया, कच्चा रोड, खुरई रोड सहित सभी जगहों की दुकानें लोगों ने बंद रखीं। बंद का असर इतना व्यापक था कि लोगों ने चाय, नाश्ता की दुकानें तक नहीं खोली। वहीं पेट्रोल पंपों पर भी एक्ट के विरोध में बंद रखने के पोस्टर चस्पा कर दिए गए थे, जिससे वाहन चालक भी दोपहर तक परेशान होते रहे। निजी नर्सिंगहोम और मेडिकल भी बंद रहे। सुबह से ही सपाक्स के लोग शहर में बाइकों से घूमते रहे। प्रदर्शन को देखते हुए धारा 144 लगाई गई थी, लेकिन इसका उल्लंघन शहर में जगह-जगह हुआ। कईजगहों पर लोग बड़ी संख्या में एकत्रित होकर खड़े रहे। हालांकि पुलिस सुरक्षा के मद्देनजर शहर में तैनात रही और वाहनों से भी पेट्रोलिंग की गई। दोपहर २ बजे के बाद बाजार में दुकानें खुलने लगी थी। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अशोक जैन ने बताया कि अधिवक्ता संघ ने भी बंद का समर्थन कतरे हुए काली पट्टी बांधकर कोर्ट में काम किया।
नारेबाजी करने से मना किया तो पुलिस से हुई झड़प
सर्वोदय चौराहे के पास स्टेशन रोड पर कुछ युवकों द्वारा एकत्रित होकर नोरबाजी की जा रही थी। पुलिस ने नारेबाजी करने से मना किया और इसी बात को लेकर हल्की झड़प हो गई थी। एसडीओपी और थाना प्रभारी द्वारा पुलिसकर्मियों को बुला लिया गया था और स्थिति से निपटने के लिए थाना प्रभारी ने स्वयं डंडा थाम लियाथा, जिससे यहां लाठी चार्ज जैसे हालात बनने लगे थे, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
हजारों की संख्या में लोग आए सड़कों पर
दोपहर में हजारों लोग सड़कों पर आ गए और सर्वोदय चौराहे से गांधी तिराहा होते हुए मुख्य मार्गों से पैदल रैली निकाली। पुलिस भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक सकी और लोग नारेबाजी करते हुए शहर में घूमे। वहीं बंद के द्वारा सभी पार्टियों के बड़े नेता गायब रहे, जिससे नेताओं के प्रति भी लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है।
समय से पहले सौंपा ज्ञापन
सपाक्स द्वारा दोपहर ढाईबजे सर्वोदय चौराहे पर एसडीएम को ज्ञापन देने का समय दिया गया था, लेकिन कुछ लोगों ने समय से करीब एक घंटा पूर्वही ज्ञापन दे दिया, जिससे सभी लोग शामिल भी नहीं हो पाए। जो लोग ज्ञापन में शामिल नहीं हो पाए उन्होंने नाराजगी जाहिर की। ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया, जिसमें एससी, एसटी एक्ट में हुए संशोधन को खत्म करने और सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित संशोधनों को कानून में समाविष्ट करने की मांग की गईहै।
मंडीबामोरा, खिमलासा में भी रहा बंद का असर
शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंद का असर देखने को मिला। खिमलासा और मंडीबामोरा का बाजार सुबह से बंद रहा। दोपहर बाद बाजार खोला गया। यहां भी बंद के कारण ग्रामीण परेशान होते रहे। मंडीबामोरा में करीब दो सौ लोग ***** धर्मशाला में एकत्रित हुए और वहां से पुलिस चौकी तक जुलूस निकाला। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार अंबर पंथी को ज्ञापन सौंपकर एक्ट का विरोध जताया।
शांतिपूर्ण रहा बंद
बंद पूर्णत: शांतिपूर्णरहा। शहर में कहीं भी किसी प्रकार का उपद्रव नहीं हुआ। शहर में जगह-जगह पुलिसबल तैनात रही और वाहनों से भी पेट्रोलिंग की गई।
रक्षपाल यादव, एसडीओपी, बीना

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