एनआरसी में कर्मचारी की लापरवाही से दहशत में आई महिलाएं, रात में ही जाना पड़ा घर

ड्यूटी होने के बाद भी नहीं पहुंची थी महिला कर्मचारी

By: sachendra tiwari

Published: 24 Aug 2020, 09:15 AM IST

बीना. सिविल अस्पताल में लापरवाही के मामले तो आए दिन सामने आते हैं, लेकिन इस बार अस्पताल के पोषण पुनर्वास केन्द्र से लापरवाही का मामला सामने आया है। केन्द्र में रात की ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रात 10.30 बजे तक नहीं पहुंची तो डरी हुई महिलाओं को मजबूरी में अपने-अपने घर जाना पड़ा।
अस्पताल में पोषण पुनर्वास केन्द्र पुराने भवन और नए भवन के बीच बना है, जिससे रात में यहां सुनसान हो जाता है। इस केन्द्र में शनिवार की रात करीब पांच महिलाएं अपने बच्चों के साथ थीं, लेकिन जिस भी कर्मचारी की ड्यूटी रात में वहां लगाई गई थी वह रात 10.30 बजे तक केन्द्र पर नहीं पहुंची। शाम को संतोष अहिरवार अपनी बहू को देखने के लिए पहुंचने थे और वह 10.30 बजे तक वहां रुके रहे, लेकिन कोई कर्मचारी नहीं आया और महिलाएं अकेली होने के कारण वह बहुत डरी हुई थीं। इसके बाद वह अपनी बहू को घर ले आए, साथ ही दूसरी महिलाएं भी अपने-अपने घर चली गईं। इन लोगों के वहां रहने तक कोई भी नहीं आया था, जिससे यह केन्द्र के गेट लगाकर वापस चले आए। कर्मचारी की इस तरह की लापरवाही से बड़ी घटना भी हो सकती थी। अस्पताल में कहीं भी सुरक्षा गार्ड नहीं है और कर्मचारियों द्वारा भी इस तरह की लापरवाही बरती जा रही है।
वार्ड में नहीं था पानी
वार्ड में मौजूद महिलाओं ने बताया कि वार्ड में कई घटों तक पीने का पानी भी नहीं आया और किसी कर्मचारी के न होने के कारण वहां कोई यह नहीं बता पा रहा था कि पानी की सप्लाई बंद क्यों है।
सुबह मिली थी जानकारी
रात में जिस महिला कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी वह ड्यूटी पर नहीं पहुंची, जिससे महिलाएं, बच्चे घर चले गए थे। इसकी सूचना सुबह मिली और इस संंबंध में जब संबंधित कर्मचारी से बात की तो उनका कहना था कि वह बाहर चली गईं इसलिए नहीं पहुंच पाईं। पानी की व्यवस्था है, लेकिन टंकी खाली होने के कारण पानी नहीं पहुंचा होगा।
आरीफा बी, प्रभारी, पोषण पुनर्वास केन्द्र
एक दिन का काटा जाएगा वेतन
पोषण पुनर्वास केन्द्र की रात की ड्यूटी पर महिला कर्मचारी के न पहुंचने की सूचना मिली है, जिसपर कर्मचारी को नोटिस जारी किया जा रहा है और एक दिन का वेतन काटा जाएगा। साथ ही केन्द्र प्रभारी को केन्द्र पर मोबाइल नंबर लिखने के लिए भी कहा है।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ

sachendra tiwari Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned