लोटा लेकर पालिका पहुंची महिलाओं ने किया हंगामा, अध्यक्ष पर अछूता व्यवहार करने के आरोप

तीन साल से कर रहीं शौचालय निर्माण की मांग, मजबूरी में बाहर शौच के लिए जा रही पूरी बस्ती, कार्यालय के गेट पर लोटा रख किया प्रदर्शन, लेकिन समस्या सुनने नहीं पहुंचे जिम्मेदार,

 

सागर. तीन साल से शौचालय निर्माण की मांग कर रहीं महिलाएं शुक्रवार को लोटा लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंच गई। करीब 20 से 25 महिलाओं के झुंड ने हाथ में लोटा लेकर पहले तो नपा कार्यालय में हंगामा किया और उसके बाद नपा कार्यालय के मैन गेट पर पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब घंटे भर चले इस प्रदर्शन के बाद भी नपा का कोई भी जिम्मेदार महिलाओं की समस्या सुनने मौके पर नहीं पहुंचा। महिलाओं का आरोप था कि नपाध्यक्ष से लेकर पार्षद तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने तीन साल में उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। मौके पर पहुंचे पार्षद ने महिलाओं को आश्वासन तो दे दिया है, लेकिन इसके बाद भी उनके यहां शौचालय बनना मुश्किल नजर आ रहा है।

- तीन साल से काट रहे चक्कर
महिलाओं का आरोप था कि नगर पालिका कार्यालय में तीन साल से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन आज तक उनको शौचालय के लिए भी पात्र नहीं समझा गया है। नपाध्यक्ष से लेकर पार्षद तक सभी यही कहते हैं कि तुम लोगों को कोई शासकीय लाभ नहीं मिलेगा। महिलाओं ने बताया कि घर में बहू-बेटियां हैं उसके बाद भी वे अब तक खुले में शौच जाने मजबूर हैं, लेकिन अब बस्ती के एक ओर आर्मी ने अपनी दीवार उठा ली है तो दूसरी ओर बिजली कंपनी ने अपनी जमीन पर बाउंड्री बना दी है। जिसके कारण अब शौच के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है।

- अध्यक्ष को नहीं पता की पट्टे बटें
नगर पालिका क्षेत्र में आवासहीन लोगों को शासन की योजना का लाभ देने के लिए राजस्व विभाग ने सर्वे कर शासकीय भूमि पर काबिज लगभग चार से पांच सौ लोगों को पट्टे बांटे थे, लेकिन इस संबंध में नपा के जिम्मेदारों का कहना है कि राजस्व ने कोई पट्टे नहीं बांटे हैं। जबकि तत्कालीन तहसीलदार मानवेंद्र सिंह का कहना है कि नपा के माध्यम से ही चार सौ से ज्यादा पट्टे लोगों दिए गए थे।

- नेता कर रहे अछूता व्यवहार
नगर पालिका पहुंची महिलाओं का आरोप है कि नपा के नेता उनके साथ अछूता व्यवहार कर रहे हैं। वोट लेने के लिए तो आते हैं, लेकिन जब हम काम की बात करें तो हमें मकरोनिया का हिस्सा ही नहीं समझते, यही कारण है कि अब तक हमारे पट्टे भी नहीं बन सके हैं।

- नहीं पहुंचे जिम्मेदार
नगर पालिका पहुंची महिलाएं घंटे भर कार्यालय में हंगामा करती रहीं, लेकिन न तो नपाध्यक्ष समस्या सुनने पहुंचे न ही सीएमओ। इस दौरान महिलाओं के साथ आए एक युवक ने नपाध्यक्ष प्रतिनिधि संतोष रोहित व सीएमओ आरसी अहिरवार को फोन लगाया, लेकिन उसके बाद भी दोनों मौके पर नहीं पहुंचे। युवक ने बताया कि प्रतिनिधि रोहित का कहना है कि इस समस्या को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते कलेक्टर के पास चले जाओ।

- वादा तो किया लेकिन शौचालय बनना मुश्किल
नगर पालिका के सीएमओ के कहने पर पार्षद राजू ने लोगों से जल्द ही शौचालय निर्माण कराने का तो वादा कर दिया, लेकिन यह अभी भी मुश्किल है। क्योंकि अध्यक्ष का कहना है कि यदि लोगों के पास जमीन के संबंध में दस्तावेज होंगे तभी उनके शौचालय बना सकते हैं। इसके बाद यह तय है कि लोग यदि राशि नपा कार्यालय में जमा करा देते हैं उसके बाद भी शौचालय निर्माण होना तय नहीं है।

- प्रदर्शन वहां जहां लागू हो गया जुर्माना
शुक्रवार को मकरोनिया नगर पालिका में शौचालय की मांग को लेकर महिलाओं द्वारा किए गए हंगामे ने नपा की हकीकत सामने लाकर रख दी है। बुधवार को ही नपा परिषद ने क्षेत्र में गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने की सहमति बनी थी, जबकि अब तक नपा ही लोगों को बाहर शौच के लिए मजबूर बनाए हुए हैं। इसके बाद भी जुर्माना किस आधार पर वसूला जाएगा यह एक सवाल बनकर रह गया है।

- पट्टा होगा तो ही शौचालय बन सकेगा
इस संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने आवेदन नहीं किया है। आवेदन करें और नपा पात्रता की जांच कराने के बाद शौचालय निर्माण कराएगी, यदि पट्टा होगा तो ही शौचालय बन सकेगा।
सुशीला रोहित, नपाध्यक्ष

- पट्टे बांटे थे
नपा के माध्यम से बांटे थे पट्टे राजस्व ने सर्वे कर शासकीय भूमि पर काबिज चार सौ से ज्यादा परिवारों को नगर पालिका के माध्यम से ही पट्टे बांटे थे। यह पूरी जानकारी एसडीएम कार्यालय से ली जा सकती है।
मानवेंद्र सिंह, तत्कालीन तहसीलदार, सागर

मदन गोपाल तिवारी
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