डेढ़ माह से डला है सिविल अस्पताल के एक्स-रे रूम में ताला, परेशान हो रहे मरीज

न स्थाई रेडियोग्राफर ना ही डिजीटल एक्स-रे मशीन

By: sachendra tiwari

Published: 28 Feb 2021, 09:25 PM IST

बीना. जिले के बाद सबसे बड़ी अस्पताल नगर की सिविल अस्पताल है, लेकिन सुविधाएं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जैसी हैं, जिससे मरीजों को परेशान होना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारी और जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रेडियोग्राफर न होने के कारण डेढ़ माह से एक्स-रे होना बंद है। साथ ही पर्याप्त डॉक्टर सहित अन्य स्टाफ की भी कमी बनी हुई है।
अस्पताल में पदस्थ रेडियोग्राफर का निधन अक्टूबर २० में कोरोना से हो गया था और इसके बाद से ही यहां किसी की स्थाई नियुक्ति नहीं हो पाई है। साथ ही खुरई में पदस्थ दो रेडियोग्राफर की ड्यूटी पंद्रह-पंद्रह दिन के लिए यहां लगाई गई थी, लेकिन वह भी नहीं आते हैं, जिससे डेढ़ माह से एक्स-रे नहीं हो रहे हैं। एक्स-रे बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है और मजबूरी में ज्यादा रुपए खर्च कर बाजार से एक्स-रे कराना पड़ रहा है। पुलिस को एमएलसी कराने के लिए भी खुरई जाना पड़ता है। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नहीं आ सकी डिजीटल एक्स-रे मशीन
सिविल अस्पताल में आज भी पुरानी मशीन से ही एक्स-रे हो रहे हैं, जिससे कई बार फ्रेक्चर भी स्पष्ट नजर आ पाता है। यहां डिजीटल एक्स-रे मशीन की जरूरत है और इस संबंध में कई बार रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रस्ताव भी डाले जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं हुई है। जबकि डॉक्टरों द्वारा डिजीटल एक्स-रे कराने के लिए लिखा जाता है और बाजार में इसके लिए करीब ५०० रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
नहीं आते रेडियोग्राफर
करीब डेढ़ माह से रेडियोग्राफर नहीं आए हैं और स्थाई व्यवस्था भी नहीं की गई है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दे चुके हैं। डिजीटल मशीन के संबंध में भी मांग की जा चुकी है।
डॉ. संजीव अग्रवाल, बीएमओ

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