कौशल विकास प्रशिक्षण योजना अपडेट के साथ बन गई युवा स्वाभिमान योजना

नाम के अलावा प्रदेश में कुछ बिंदुओं को किया अपडेट, पहले प्रशिक्षण लेकर मिलती थी पुरुस्कार राशि और प्रमाणपत्र अब युवाओं को दे रहे 100 दिन का रोजगार।

सागर. प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए शुरू की गई युवा स्वाभिमान योजना में सरकार ने अपनी ओर से कुछ खास नहीं किया है, बल्कि पूर्व से संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण योजना को अपडेट कर एक नई योजना का नाम दे दिया गया है। युवा स्वाभिमान योजना में आवेदन करने वाले युवाओं को जिन कौशल विकास केंद्रों पर प्रशिक्षण दिलाकर 100 दिन का रोजगार दिलाया जा रहा है, वह काम पहले से ही चालू था। हां इसमें अंतर केवल इतना था कि कौशल विकास केंद्र युवाओं को प्रशिक्षण के साथ पुरुस्कार राशि के रूप में 8 हजार रुपए देती थी और अब उन्हें प्रशिक्षण के साथ 100 दिन काम करने के बाद 13 हजार रुपए मिल रहे हैं। इसके अलावा कुछ और थोड़े बहुत अपडेट योजना में किए गए हैं।

स्थाई की जगह 100 दिन हुआ रोजगार

युवा स्वाभिमान योजना में आवेदन करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ स्थानीय निकाय में 100 दिन का रोजगार भी उपलब्ध कराना है। इसके बदले इन्हें करीब 13 हजार रुपए की राशि मानदेय के रूप में दी जाएगी। वहीं बात यदि कौशल विकास प्रशिक्षण योजना की करें तो इसमें सरकार केवल प्रशिक्षण देती है और युवाओं को बतौर पुरुस्कार करीब 8 हजार रुपए की राशि और प्रमाणपत्र देती है। इसके बाद रोजगार मेलों के माध्यम से स्थाई रोजगार दिलाने में भी मदद करती है।

34 की जगह 44 कर दिए प्रकार

पहले से संचालित कौशल विकास प्रशिक्षण योजना में सरकार युवाओं को 34 कैटेगिरी में प्रशिक्षण दिलाती थी, लेकिन प्रदेश में शुरू हुई युवा स्वाभिमान योजना में इन कैटेगिरी की संख्या 34 से बढ़ाकर 44 कर दी है, लेकिन इसमें कई एेसे भी प्रशिक्षण युवाओं को दिए जा रहे हैं जो चर्चा का विषय हैं। इसमें पशु हांकने और बैंड-बाजा बजाने के प्रशिक्षण आदि शामिल हैं।

यह है कुछ खास बिंदु

- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाय) के लिए युवाआें को किसी प्रकार की फीस नहीं चुकानी होती है, बल्कि उन्हें पुरुस्कार के रूप में करीब 8 हजार रुपए सरकार देती है।
- योजना में 3 से 6 माह और 1 साल के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। कोर्स पूरा करने के बाद ही सर्टिफिकेट दिया जाता है जो पूरे देश में मान्य होता है।

- योजना में ट्रेनिंग करने के बाद सरकार आर्थिक सहायता करने के साथ नौकरी दिलाने में भी मदद करती है, रोजगार मेलों के माध्यम से सरकार ऐसे युवाओं को नौकरी दिलाने में मदद करती है।
- योजना में ऐसे लोगों को भी रोजगार मुहैया कराया जाता है जो कम पढ़े-लिखे हैं या फिर किसी कारणवश उन्होंने बीच में स्कूल छोड़ दिया हो।

कुछ नहीं अब काम करने का बोल रहे हैं

कटरा क्षेत्र निवासी गोविंद स्वामी ने बताया कि वे पहले से ही शहर जाकर कौशल विकास प्रशिक्षण लिया है और उसके बदले में राशि और प्रमाणपत्र भी मिला था, अब युवा स्वाभिमान योजना में भी आवेदन भरा है, लेकिन इसमें फिर वही प्रशिक्षण दिया जा रहा है और निकाय में काम भी करना है।

मकरोनिया निवासी अनूप अग्रवाल ने बताया कि आवेदन किया था, लेकिन यहां क्षेत्र में कोई कौशल विकास केंद्र ही नहीं है जहां पर प्रशिक्षण ले सकें, इसलिए मैं अभी तक आगे प्रशिक्षण लेने का मन नहीं बना सका।

मदन गोपाल तिवारी
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