अदालत के फैसले से हैरान देवबन्द दारुल उलूम के माेहतमिम, बोले फैसला समझ से परे

  • darul uloom deoband के माेहतमिम का बयान हैरान कर देने वाला है फैसला
  • Court order काे बताया समझ परे, फिर भी फैसले का स्वागत करने की अपील

By: shivmani tyagi

Updated: 01 Oct 2020, 07:57 AM IST

सहारनपुर/देवबंद। इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के माेहतमिम अबुल कासिम नाेमानी ने अयोध्या मामले पर आए सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को मायूस करने वाला फैसला बताया है। उन्होने यह भी कहा है कि अदालत का आरोपियों को बरी कर देने का फैसला समझ से परे है।

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बाबरी विध्वंस मामले पर बुधवार काे आए सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले पर दारुल उलूम देवबन्द के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने हैरानी जताई। उन्हाेंने कहा कि छह दिसंबर 1992 को दुनिया ने उस मंजर को देखा था। इसके बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत का इस तरह का फैसला आना मायूसी भरा है। 9 नवंबर 2019 को अयोध्या फैसले के दौरान देश की सबसे बड़ी अदालत ने यह माना था कि वर्ष 1992 में विवादित ढांचे को गिराए जाना कानून के खिलाफ था।

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ऐसे में जब देश की सबसे बड़ी अदालत ने यह मान लिया है कि ढांचा गिराया गया था, ताे अब इसके बाद भी ऐसा फैसला सामने आना समझ से परे है। उन्हाेंने यह भी कहा है कि, इस फैसले से हमें अफसोस और मायूसी हुई है। बावजूद इसके उन्हाेंने कहा कि, दुनिया के सामने हमें अपनी अदालतों की छवि को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

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फतवा ऑनलाइन कमेटी के चेयरमैन माैलाना मुफ्ती अरशद फारूकी ने भी इस फैसले काे मायूसी भरा फैसला बताया है। जमियत दावातुल मुसलिमीन के सरंक्षक माैलाना कारी इसहाक गाैरा ने भी फैसले पर हैरानी जताई लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अदालत काे भी फैंसला है वह मंजूर हाेगा लेकिन इस तरह के फैंसले से वह हैरान हैं यह फैसला उनकी भी समझ से परे है।

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