गांव-गांव लगेंगी जल पाठशाला बच्चे सीखेंगे जल सरंक्षण का पाठ

जल शक्ति मिशन के तहत शुरू होगा अभियान, ग्राम प्रधान और सचिव को जोड़कर दी जाएगी जिम्मेदारी हरेक गांव में लगेंगी पाठशाला

 

By: shivmani tyagi

Updated: 17 Jun 2021, 06:59 PM IST

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

सहारनपुर ( Saharanpur ) कोरोना काल ( corona period ) के बाद सरकार जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी के तहत गांव-गांव जल सरंक्षण का पाठ पढ़ा जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन पाठशाला आयोजित की जाएंगी। इस अभियान में मुख्य रुप से नदियों के किनारे बसे गांव शामिल किये जायेंगे। अभियान सिर्फ जागरुकता तक ही सीमित नहीं रहेगा नदियों के किराने वृक्ष भी लगाए जाएंगे।

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नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार यह पूरा अभियान जल सरंक्षण आधारित है। नगर निगम और अन्य विभाग मिलकर इस अभियान के तहत गांव गांव- गांव जल पाठशाला का आयोजन करेंगे। इस में गांव के लोगों को जल के महत्व के बारे में बताया जाएगा और बारिश के पानी को किस तरह से संचित किया जा सकता है इसकी जानकारी दी जाएगी। अभियान में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव भी जोड़े जाएंगे कोरोना वायरस खतरे को देखते हुए अभी शुरू में ऑनलाइन पाठशाला शुरू की जाएगी। इसके बाद गांव गांव जाकर लोगों को जागरुक किया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह से जल का संचय किया जा सकता है।

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दरअसल सरकार ने जल शक्ति मिशन की शुरुआत की है और इसी मिशन के तहत नदियों तालाब और पोखरों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। इसके साथ ही जल संचय को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। नगर निगम सहारनपुर में भी इसी अभियान के तहत एक शुरूआत की गई है और यह शुरुआत जल पाठशाला की है। इसके लिए गांव गांव में जल पाठशाला आयोजित की जाएगी। दरअसल उत्तर प्रदेश की प्रथम विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र वाले सहारनपुर में कई बरसाती नदियां हैं और इन नदियों के किनारे कई ऐसे गांव हैं जहां पर जल संचय किया जा सकता है। इन्हीं गांव को प्रमुखता से इन अभियान में शामिल किया जा रहा है इन गांव में अब झील तैयार करके जल संचय किया जाएगा। लोगों को जागरुक किया जाएगा।

नदी किनारे होगा वृक्षारोपण
जल संचय के लिए पौधा रोपण को भी आधार बनाया जाएगा। इस तरह ग्रामीणों को बता जाएगा कि किस तरह से वह वह पेड़ लगाकर जल से होने वाले कटाव को रोक सकते हैं और इसके साथ ही पर्यावरण को भी सुरक्षित कर सकते हैं। इस कार्य के लिए नगर निगम सामाजिक संस्थाओं को भी साथ लेगा और किसानों को भी शामिल किया जाएगा।

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