देवबंदी आलिम ने कहा लॉक डाउन में पशु-पक्षियों के लिए राशन का इंतजाम करना भी हमारी जिम्मेदारी

Highlights

  • लॉक डाउन में कुत्तों और अन्य बेसहारा जानवरों काे हाे रही परेशानी
  • इनके लिए खाने का नहीं हाे रहा इंतजाम आवारा पशु हैं परेशान

By: shivmani tyagi

Published: 05 Apr 2020, 11:13 PM IST

देवबंद: लॉक डाउन के चलते सभी लोग अपने-अपने घरों में हैं। काराेबार बंद हाेने से जहां आम जन काे परेशानी हाे रही है वहीं आवारा पशुओं के सामने भी अब पेट भरने का संकट है। देवबंद में आवारा पशुओं इधर-उधर भटक रहे हैं और लॉक डाउन के बाद से इनकी हालत भी दयनीय हाे गई है।

ऐसे में देवबंदी आलिम ने कहा है कि, सकंट के ऐसे में समय में हमें सिर्फ इंसानों का ही ध्यान नहीं रखना है वह बल्कि पशु पक्षियों काे भी ध्यान रखना है। मुफ्ती अहमद गोड ने कहा है कि, जितना हक इंसान का है उतना ही हक जानवर का भी है। जानवर भी अल्लाह की मखलूक हैं। कोई भी चीज अल्लाह ने बेवजह नहीं बनाई, हर जीव का महत्व है। कुरान में फरमाया है कि अल्लाह ने इंसान को अपनी इबादत के लिए बनाया है और बाकी तमाम चीजों जिनमें जीव भी शामिल हैं उन्हे इंसान के लिये बनाया है।

अल्लाह ने दुनिया में इंसान के अलावा जाे भी बनाया है वह इंसान के लिए यानी हमारे लिए बनाया है। इसलिए इनकी हिफाजत करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्हाेंने यह भी कहा कि, जो पशु ,पक्षी, जानवर जीव जन्तु हैं उन्हे इंसान जितनी अक्ल नहीं हाेती। हमें अल्लाह ने ज्यादा अकल दी है। इसिलए हमारी जिम्मेदारी है की हम पशु ,पक्षी, जीव ,जन्तुओं का भी ख्याल रखते हुए उनके खाने पीने का भी इंतजाम करें।

जानवरों के खाने-पीने का इंतजाम करना इसलिए भी जरुरी है। अगर उन जानवरों की भूख या प्यास की वजह से माैत होने लगी तो उससे भी बीमारी फैलने का खतरा बढ़ेगा। एक बीमारी से हम पीछा छुड़ा नहीं पा रहे हैं और दूसरी बीमारी हमारे गले पड़ जाएगी। इसलिए हम सभी काे मिलकर जानवरों काे भी ख्याल रखना है।

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