वसीम रिजवी के बयान पर आग बबूला हुए देवबंदी आलिम ने कहा दिमाग का इलाज करायें 'रिजवी'

  • वसीम रिजवी के बयान पर देवबंदी उलेमा ने उठाया सवाल
  • वसीम रिजवी काे दिमाग का इलाज कराने की सलाह दी

By: shivmani tyagi

Updated: 29 Sep 2020, 07:37 PM IST

सहारनपुर (Saharanpur ) देवबंद ( Deoband ) वसीम रिजवी के बयान ( statement ) से देवबंदी ( deobandi ulema ) उलेमा खफा हैं। मुफ्ती असद कासमी ने उनके बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि वसीम रिजवी (Wasim Rizvi ) को अपने दिमाग का इलाज कराना चाहिए।

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सवाल पूछा कि उनके पास क्या सबूत हैं ? जिसके आधार उन्हाेंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि 'मुगल काल में तोड़े गए मंदिरों की स्थिति को सुधारा जाए' मुफ्ती असद कासमी ने यह भी कहा कि वसीम रिजवी के पास क्या सबूत हैं कि मुगलों ने मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई है ? यह सवाल उठाते हुए उन्होंने साफ लहजे में कहा कि, वह पहले भी इस तरह के विवादित बयान देते आ रहे हैं उनको अपने दिमाग का इलाज कराना चाहिए।

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मुफ्ती असद कासमी ने यह भी कहा की जिस तरीके से वसीम रिजवी ने माननीय प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है और उसमें यह मांग की है कि मुगलों के जमाने में जो मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई हैं उनको दोबारा मंदिर बना दिया जाए, तो मैं ( हम ) सबसे पहले तो वसीम रिजवी जी से सवाल करना चाहते हैं कि उनके पास इसा क्या सबूत है कि मुगलों ने मंदिर तोड़े थे और मस्जिद बनाई थी।

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वसीम रिजवी को हिंदुस्तान के इतिहास की तारीख का बिल्कुल भी पता नहीं है। हम माननीय प्रधानमंत्री जी से यह अपील करते हैं और निवेदन करते हैं कि माननीय प्रधानमंत्री वसीम रिजवी जैसे लोगों की बातों में हरगिज ना आएं सिर्फ अपने देश किस तरीके से उन्नति करें किस तरीके से विकास करे इस ओर साेचने वाले लाेगाें की बात को ही सुनें। यह भी कहा कि, वसीम रिजवी ने अब से पहले भी बहुत सारे विवादित बयान दिए हैं और यह मस्जिद-मंदिर का मुद्दा जब कोई मुद्दा नहीं है। जो बाबरी मस्जिद का मुद्दा सबसे बड़ा था और कोर्ट ने भी स्वीकार कर लिया था कि मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई है तो ऐसा भी कोई सबूत नहीं है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई हो तो अपने दिमाग का इलाज करना चाहिए और जहरीले बयानों से बचना चाहिए।

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