देवबंदी उलेमा बोले- कुछ लोग नाम चमकाने के लिए कर रहे गंदी सियासत

Highlights
- अयोध्या फैसले के बाद पुनर्विचार याचिका को लेकर दिया बयान
- मुफ्ती असद कासमी ने कहा, मस्जिद के लिए एकजुट हों
- मुस्लिम तंजीम और मुसलमान बटे तो कोई फायदा नहीं

By: lokesh verma

Updated: 27 Nov 2019, 05:45 PM IST

देवबंद. अयोध्या फैसले के बाद अब पुनर्विचार याचिका को लेकर मुस्लिम संगठनों में दो गुट बनते दिखाई दे रहे हैं। एक गुट पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कर रहा है तो कुछ मुस्लिम संगठन रिव्यू पिटिशन के पक्ष में नहीं हैं। इस मामले में देवबंदी उलेमा ने दो टूक कहा है कि कुछ लोग अपना नाम चमकाने के लिए गंदी सियासत कर रहे हैं। इनका मजहब और कौम से कोई वास्ता नहीं रह गया है।

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मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि जिस तरीके से बाबरी मस्जिद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। उसके बाद मुस्लिम तंजीमों ने यह ऐलान किया था कि हम पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से जमीअत उलेमा-ए-हिन्द ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वह रिव्यू पिटिशन दाखिल करेंगे। वहीं मुस्लिम पर्सनल लाॅ बोर्ड ने कहा था कि हमें पता चला है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इससे इंकार कर दिया है। मैं समझता हूं कि अगर मुस्लिम तंजीम और मुसलमान दोनों बट जाएंगे तो उससे कोई फायदा हासिल नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से मुस्लिम तंजीमों ने एकजुट होकर पहले बाबरी मस्जिद का मामला सुप्रीम कोर्ट के अंदर ले जाकर तमाम सबूतों के साथ लड़ा था। अब तमाम तंजीमों को चाहिए कि एकजुट होकर याचिका दायर करें। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो सियासत में आना चाहते हैं और अपने आपको मीडिया के सामने मशहूर करना चाहते हैं। वे अपने आपको मशहूर करने के लिए गंदी राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को यह मशविरा हैं कि यह कौम का मसला है, यह मस्जिद का मसला है। इसमें गंदी राजनीति हरगिज न करें। एक साथ मिलकर बाबरी मस्जिद के लिए याचिका दायर करें।

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