शहीद जयद्रथ का फौजी भाई बोला किस काम की है ये नौकरी, जानिए क्यों कहा ऐसा

भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुंदरबनी में दुश्मन देश पाकिस्तान से लोहा लेकर शहीद हुए जयद्रथ के परिजन सहारनपुर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नाराज हैं।

By: Rajkumar

Published: 18 Aug 2017, 06:16 PM IST

सहारनपुर। भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुंदरबनी में दुश्मन देश पाकिस्तान से लोहा लेकर शहीद हुए जयद्रथ के परिजन सहारनपुर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से नाराज हैं। सिर्फ परिजन ही नहीं जयद्रथ का पूरे गांव में नाराजगी है। शुक्रवार को सहारनपुर पहुंचे जयद्रथ के परिजनों और ग्रामीणों ने जिला अधिकारी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। जिलाधिकारी पीके पांडे से मिले इन लोगों ने कहा कि शहीद जयद्रथ की शहादत पर पहुंचे अफसरों और जनप्रतिनिधियों ने यह आश्वासन दिलाया था की उनकी तेरहवीं पूरी होने के बाद गांव में जयद्रथ की प्रतिमा की स्थापना कराई जाएगी और गांव के बाहर जयद्रथ के नाम से शहीद जयद्रथ का गेट बनवाया जाएगा लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।

 

इन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर इस कार्रवाई को तेज करने और गांव में जल्द से जल्द शहीद जयद्रथ के नाम से गेट लगाए जाने की मांग की है। फिलहाल जिलाधिकारी पीके पांडेय ने शहीद जयद्रथ के फौजी भाई और उसके साथ आए अन्य ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम प्रधान से वह प्रस्ताव लेकर आएं और गांव में ऐसी कोई जगह चिन्हित करके बताएं जहां पर प्रतिमा को स्थापित कराया जा सके।

जनप्रतिनिधियों से भी नाराज हैं ग्रामीण

शहीद जयद्रथ के परिजन और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से भी नाराज दिखें। उन्होंने कहा कि शहादत पर तो सभी जनप्रतिनिधि आए थे और आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब किसी को 15 अगस्त पर भी उसके घर आने की फुर्सत नहीं मिली। गांव के लोगों को भरोसा था कि शहीद जयद्रथ की शहादत पर कम से कम 15 अगस्त को तो उनके गांव में कोई जनप्रतिनिधि या फिर कोई अफसर जरुर पहुंचेंगे लेकिन एेसा नहीं हाे सका।

जब तक सूरज चांद रहेगा जयद्रथ तेरा नाम रहेगा

जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने जयद्रथ को याद किया और जब तक सूरज चांद रहेगा जयद्रथ तेरा नाम रहेगा, हिंदुस्तान जिंदाबाद हिंदुस्तान जिंदाबाद पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और जयद्रथ को याद करते हुए कहा कि जयद्रथ जैसा कोई विरल ही हो सकता है और गांव में जयद्रथ का सबसे मैत्री व्यवहार था पूरा गांव जयद्रथ को याद करता है।

यह रहे मौजूद

जिलाधिकारी से मिलकर गांव में जयद्रथ के नाम से गेट लगाने और उसकी प्रतिमा स्थापित कराए जाने की मांग करने वालों में मुख्य रूप से जगमाल सिंह, चरण सिंह, सुखदेव राम सिंह, अनिकेत, अमित, भानु, कल्लू, राहुल, अनुज, विजय और राजकुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहें।

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