सैकड़ों किलाेमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे मजदूर की माैत, साथियों ने बयां किया सफर का दर्द

Highlights

  • लॉक डाउन में गंगौत्री से सहारनपुर पहुंचा था मजदूर
  • घर आते ही हालत बिगड़ी अस्पताल ले जाते समय माैत

By: shivmani tyagi

Updated: 12 May 2020, 11:45 PM IST

सहारनपुर। लॉक डाउन के बीच यह खबर आपके रोगंटे खड़े कर देगी। चार दिन तक पैदल यात्रा करने के बाद गंगोत्री से सहारनपुर पहुंचे एक मजदूर की मौत हो गई।

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हालत बिगड़ने पर मजदूर काे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां से हायर सेंटर ले जाते वक्त उसने दम ताेड़ दिया।फिलहाल मौत के कारणों का पता ताे नहीं चल पाया है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि लगातार भूखे पेट पैदल चलना इस माैत का कारण हाे सकता है।

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सहारनपुर के घाड़ क्षेत्र के गांव आलमपुर, अहमदपुर, नागल माफी व कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव रतनपुर व कल्याणपुर के कुछ मजदूर लॉक डाउन शुरू होने से पहले गंगोत्री गए थे। इन्हें उत्तराखंड के गंगोत्री में सड़क निर्माण कार्य के लिए बुलाया गया था। पूरे देश में इसी बीच लॉक डाउन हाे गया।

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लॉक डाऊन में इनकी समस्याएं बढ़ती गई और पिछले दिनों खाने तक के पैसे नहीं रहे। बताया जाता है कि 6 मई की सुबह यह सभी मजदूर वहां से पैदल ही चल दिए और जंगली रास्तों से होते हुए करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद 9 मई की मध्यरात्रि यह सभी 11 मजदूर अपने अपने गांव सहारनपुर में पहुंच गए।

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इन्हीं मजदूरों में आमादपुर निवासी अतर सिंह भी शामिल था। 55 वर्षीय अतर सिंह की अचानक हालत बिगड़ गई। परिवार काे लाेग इसे नजदीकी अस्पताल भी लेकर पहुंचे। ग्राम प्रधान मोहम्मद इनाम के अनुसार सुबह अतर सिंह को अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया सहारनपुर अस्पताल लाते वक्त रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

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अतर सिंह की मौत के सही कारणों का तो पता नहीं चल पाया है लेकिन आशंका जताई जा रही है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि लगातार भूखे पेट चलने से भी हृदय गति रुक सकती है।

साथियों ने बताई सफर की दर्दीली दास्तां
मजदूर अतर सिंह तो इस दुनिया में नहीं रहा लेकिन उसके साथी राजपाल सिंह, सुंदर, सोनू और सोमपाल आदि ने आपबीती सुनाई तो सभी की आंखें नम हो गई। इन्हाेंने बताया कि 300 किलोमीटर के सफर में उनकी कई बार थर्मल चेकिंग तो हुई लेकिन उन्हें किसी ने खाना नहीं दिया। कई बार उन्हें डांट भी खानी पड़ी। भूख और प्यास से बदहाल वे सिर्फ चलते ही गए। उन्होंने बताया कि वन गुर्जरों ने उन्हें थोड़ी खिचड़ी जरूर खाने को दी थी। मजदूर की मौत के बाद से उसके परिवार में दुख पसरा हुआ है। एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का इस बारे में कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।

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