Motivational: सहारनपुर की इस बेटी ने पेश की नजीर, कल तक जाे कर रहे थे एतराज आज वहीं दे रहे बधाईयां

shivmani tyagi | Publish: Aug, 16 2019 10:01:23 AM (IST) | Updated: Aug, 16 2019 05:26:44 PM (IST) Saharanpur, Saharanpur, Uttar Pradesh, India

खास बातें

रिश्तेदाराें ने बेटी काे विदेश भेजने से कर दिया था मना

माता-पिता ने बढ़ाया हाैंसला और बेटी काे भेजा था विदेश

MCI क्लियर नहीं हाेने पर Depression में चली गई थी जमशीर

अब घर पर रिश्तेदार ही पहुंच रहे हैं बधाईयां देनें

सहारनपुर। बेटियां किसी भी तरह बेटाें कम नहीं हैं। अगर बेटियाें काे अवसर दिया जाए ताे वह भी माता-पिता के सपनाें काे साकार कर सकती हैं और हर मुश्किल से मुश्किल हालातों का मुकाबला कर सकती हैं। सहारनपुर के एक छाेटे से गांव की रहने वाली बेटी ने एक बार फिर यह बात साबित कर दिखाई है।

motivational story में आज हम बात कर रहे हैं, सहारनपुर के पिंजाैरा गांव के रहने वाले मंसूर अली की बेटी जमशीर की। जमशीर ने यूक्रेन से MBBS की पढ़ाई की। जब उन्हे विदेश में पढ़ाई के लिए भेजा जा रहा था ताे रिश्तेदाराें और परिवार के लाेगाें ने साफ इंकार कर दिया था। लड़की काे पढ़ाई के लिए विदेश भेजने के लिए काेई भी राजी नहीं था। ऐसे में लग रहा था कि जमशीर कभी भी MBBS की पढ़ाई नहीं कर पाएंगी, लेकिन जमशीर के पिता ने ठान लिया था कि वह अपनी बेटी के रास्ते नहीं रुकने देंगे। रिश्तेदारों के मना करने पर भी पिता ने बेटी काे विदेश में पढ़ाई के लिए भेज दिया और कहा कि अपने पिता के सिर कभी झुकने मत देना।

यह भी पढ़ें:15 August Special: शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने छाेटे भाई के नाम उर्दू में लिखा था अंतिम पत्र, भतीजे काे याद है एक-एक शब्द

जमशीर के पिता ने अपनी हैसियत से अधिक पैसा खर्च करते हुए जमशीर की पढाई ताे पूरी करा दी लेकिन बड़ी कठिनाई उस वक्त आन खड़ी हुई जब भारत लाैटने के बाद दाे बार के प्रयास के बाद भी जब जमशीर का FMG (MCI) EXAM CLEAR क्लियर नहीं हुआ। दरअसल विदेश से MBBS की पढ़ाई करके भारत लाैटने वाले सभी छात्र-छात्राओं काे एक कॉमन परीक्षा पास करनी हाेती है। इस परीक्षा का नाम अभी तक MCI था अब इसका नाम FMG हाे गया है। विदेश से MBBS करने वाले छात्र-छात्राएं इस परीक्षा काे पास करने के बाद ही भारत में अपना करियर शुरु कर पाते हैं।

यह भी पढ़ें:DUS ka Dum: काष्ठ नगरी सहारनपुर के इन दस व्यंंजन में से एक भी खा लिया ताे उंगलियां चाटतें रह जाएंगे आप

दाे प्रयास के बाद भी यह परीक्षा पास नहीं हाेने पर जमशीर के परिवार पर दबाव बढ़ने लगा। रिश्तेदार और अन्य लाेग यह पूछने लगे कि बेटी विदेश से पढ़कर आई है ताे अब क्या रही है ? इन सवालाें के जवाब ना ताे जमशीर के पास ही थे और ना ही उसके माता-पिता के पास थे। अब जमशी काे motivational thoughts की सपाेर्ट की जरूरत थी। जमशीर बताती हैं कि यह समय उनके जीवन का बेहद कठिन समय था। लाेगाें के इस सवाल का वह सामना नहीं कर पा रही थी और जमशीर के ऐसा लगने लगा कि उनके परिवार के लाेगाें पर भी अब दबाव बढ़ रहा है।

यह भी पढ़ें: Eid ul Adha बकरीद के लिए पशु खरीदने आए इन लोगों की वीडियो देख आ जायेगी आपको भी हंसी

Saharanpur की बेटी जमशीर कहती हैं कि यह सवाल अब ताने जैसे लगने लगे थे। इसके बाद जमशीर ने ठान लिया कि वह इस परीक्षा काे हर हालत में पास करेंगी। जमशीर के पिता मंसूर अली बताते हैं कि बेटी ने दाे साल के लिए खुद काे बिल्कुल अकेला कर लिया और सिर्फ पढ़ाई की। इन दाे वर्षाें में वह किसी पारिवारिक समाराेह में वह भी नहीं गई। जमशीर कहती हैं कि इन दाे वर्षाें में उनके साथ डिप्रेशन जैसे हालात हाे गए थे लेकिन हिम्मत नहीं हारी।

यह भी पढ़ें:बकरीद से एक दिन पहले भाजपा के बड़े नेता ने बताया कश्मीर से क्यों हटाई गई धारा 370 और 35a, देखें वीडियाे

अब जमशीर ने FMG परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए TOP स्टूडेंट में अपनी जगह बनाई है। इस परीक्षा के पास हाेने के बाद अब जमशीर के घर बधाई देने वालाें की लाईन लगी हुई है। कल तक जाे रिश्तेदार और नाती बेटी काे विदेश पढ़ने भेजने के लिए मना कर रहे थे आज वही बधाईयां लेकर मंसूर अली के घर पहुंच रहे हैं। खुद मंसूर अली बेहद खुश हैं और उनका कहना है कि उनकी बेटी ने उनका मान बढ़ाया है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned