नागल ट्रेन हाद्साः तीन दिन बाद भी जांच एजेंसियाें के हाथ खाली, घटना काे माना जा रहा शरारत

नागल ट्रेन हाद्साः तीन दिन बाद भी जांच एजेंसियाें के हाथ खाली, घटना काे माना जा रहा शरारत
train accident

shivmani tyagi | Updated: 20 Dec 2018, 11:01:22 PM (IST) Saharanpur, Saharanpur, Uttar Pradesh, India

उत्कल एक्सप्रेस काे पटलने की काेशिश किए जाने घटना काे अंजाम देने वालाें का पुलिस आैर रेलवे की सुरक्षा एजेंसियां पता नहीं लगा पा रही हैं। घटना काे शरारत से जाेड़कर देखा जा रहा है।

देवबंद से नागल के बीच उत्कलप्रेस काे पलटने की साजिश के पीछे काैन है इस सवाल का जवाब तीन दिन बाद भी नहीं मिल सका है।

मंगलवार रात पुरी से हरिद्वार जा रही ट्रेन संख्या 18477 देेवबंद से नागल के बीच दुर्घटनाग्रस्त हाेने से बाल-बाल बची थी। ट्रेन की टपरी पर कंकरीट के करीब आधा दर्जन छाेटे स्लीपर रख दिए गए थे। तेज धमाके के साथ रात के अंधेरे में ट्रेन इनसे टकराई लेकिन गनीमत रही कि दुर्घटना टल गई। यह टक्कर इतनी तेज थी कि रेलवे ट्रैक भी क्षतिग्रस्त हाे गया था। इस जाेरदार टक्कर ने पूरी ट्रेन काे झटका दिया था जिससे यात्री भी सहम गए थे। ट्रेन के पायलट ने एमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन काे राेका आैर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर डाले जाने की सूचना कंट्राेल काे दी थी। यह सूचना मिलते ही रेलवे के संचालन विभाग में हड़कंप मच गया था। उधर जब ट्रेन में सवार यात्रियाें काे यह खबर मिली कि ट्रेन काे पलटने की साजिश रची जा रही थी आैर किसी ने रेलवे ट्रैक पर कंकरीट के स्लीपर डाल रखे थे ताे यात्री भी सन्न गए। वेस्ट यूपी के लाेग अभी तक पिछले वर्ष अगस्त माह में इसी ट्रेन के खताैली में पलटने की घटना काे भी ठीक से नहीं भुला पाए हैं आैर अब इस साजिश ने यात्रियाें के पैराें तले से जमीन खिसका दी थी। हालांकि इस दुर्घटना में काेई हताहत नहीं हुआ आैर दुर्घटना हाेते-हाेते टल गई लेकिन इस दुर्घटना की इस साजिश ने एक बार फिर उत्कल एक्सप्रेस के खताैली में पलट जाने की घटना की याद काे ताजा कर दिया।


दिल्ली तक मच गया थआ हड़कंप
खबर मिलते ही कंट्राेल ने टपरी से देवबंद के बीच रेलवे ट्रैक पर ट्रेनाें के संचालन काे तत्काल राेक दिया था और दिल्ली कंट्रोल को घटना की सूचना दी गई थी। इसके तुरंत बाद तकनीकी दल को माैके के लिए रवाना किया गया। इस दल के पहुंचने से पहले ही ट्रेन के पायलट आैर गार्ड ने यात्रियाें के साथ मिलकर स्लीपरों को पटरी से दूर कर दिया। इसके बाद पूरे इंजिन की प्राथमिक चेकिंग की गई आैर इस अवधि में ट्रेन काफी समय तक बीच रास्ते ही खड़ी रही। कुछ देर बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हाे सकी लेकिन रेलवे ट्रैक के क्षतिग्रस्त हाे जाने की वजह से इस रूट पर करीब दाे घंटे तक ट्रेनाें का संचालन रुका रहा।


स्टेशन मास्टर की आेर से दी थी गई तहरीर
इस साजिश के पीछे पुलिस ने प्रथम दृष्टया शरारती तत्वाें का हाेना माना था लेकिन यह मामला बेहद संवेदनशील है। इसलिए हर एंगल पर घटना की जांच की जांच हाेनी बेहद आवश्यक है। इस मामले में पूछने पर एसएसपी दिनेश कुमार पी का यही कहना है कि फिलहाल शरारती तत्वाें द्वारा ही घटना काे करने की आशंका जताई जा रही है। जांच चल रही है अगर काेई अन्य तथ्य सामने आते हैं ताे कार्रवाई की जाएगी।

 

एेसे हुई थी दुर्घटना
यह दुर्घटना मंगलवार रात करीब साढ़े सात से आठ बजे के बीच हुई थी। पुरी से हरिद्वार जा रही कंलिग उत्कल एक्सप्रेस देवबंद रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। यह ट्रेन नागल स्टेशन पर पहुंचने ही वाली थी कि रास्ते में दुर्घटना हाे गई। रेलवे ट्रैक पर कंकरीट के स्लीपर पड़े हुए थे। रात में जब ट्रेन स्लीपराें से टकराई ताे तेज धमाके जैसे आवाज हुई। गनीमत रही कि ये स्लीपर छाेटे थे आैर ट्रेन ने इन्हे ताेड़ दिया, वर्ना ट्रेन पलट सकती थी। अगर ट्रेन पलट जाती ताे कई जाने जा सकती थी आैर पिछले वर्ष अगस्त माह में जाे दुर्घटना खताैली में इसी ट्रेन के साथ घटी थी वह दाेबारा भी घट सकती थी।


अलग-अलग एंजियां लगी जांच में
एसएसपी सहारनपुर दिनेश कुमार भले ही यह कह रहे हाें कि प्रथम दृष्टया मामला शरारती तत्वाें का लगता है लेकिन जिस तरह से रेलवे ट्रैक पर आधा दर्जन कंकरीट के स्लीपर रखे गए उससे बड़ा सवाल यह खड़ा हाे रहा है कि क्या काेई शरारती तत्वा इतनी अधिक संख्या में पटरी पर स्लीपर रख सकता है? अब इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए अलग-अलग एजेंसियां अपनी पड़ताल कर रही हैं। खुद एसएसपी इस मामले की जांच की मॉनेटरिंग कर रहे हैं। नागल थाना पुलिस के अलावा इस घटना की जांच में सहारनपुर क्राइम ब्रांच, जीआरपी आैर आरपीएफ की टीमें लगी हुई हैं।

टपरी से देवबंद के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे पड़े हैं स्लीपर
दरअसल मुजफ्फरनगर से सहारनपुर के बीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम चल रहा है और यहां देवबंद से टपरी के बीच रेलवे ट्रैक की बाउंड्री का काम भी चल रहा है। इस बाउंड्री यानी तार बाड़ में छोटे कंक्रीट के स्लीपर लगाए जा रहे हैं। ये कंक्रीट के स्लीपर रेलवे ट्रैक के दोनों ओर पड़े हुए है। इन्हें ही उठाकर किसी ने रेलवे ट्रैक की पटरी पर रख दिया। इस दुर्घटना के बाद अब सहारनपुर एसएसपी दिनेश कुमार की ओर से यह निर्देश जारी किए गए हैं कि सभी स्लीपर को एक निश्चित स्थान पर रखा जाए।


रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने डाला डेरा
इस दुर्घटना के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियां आरपीएफ के अलावा रेलवे की इंटेलिजेंस विंग ने भी सहारनपुर में डेरा डाल लिया है और आस-पास के गांव से भी घटना के बारे में जानकारी की जा रही है।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned