VIDEO: अफसराें के सामने ही महिला पुलिसकर्मियों ने कही ऐसी बात, सुनकर दंग रह जाएंगे आप

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जब इस महिला पुलिस ने सुनाई आपबीती

सहारनपुर। सहारनपुर पुलिस लाईन में अफसराें के सामने महिला पुलिसकर्मियों ने अपना दर्द सुनाया। दरअसल गुरुवार को पुलिस कार्यप्रणाली आैर मानव अधिकार संरक्षण के बीच सामंजस्य को लेकर एक वाद-विवाद प्रतियोगिता की गई थी। इस दौरान विजेता रहे सिपाही ने कहा कि, बगैर डर के किसी भी बदमाश से काेई भी बात उगलवाई नहीं जा सकती इसलिए यह बेहद जरूरी है कि एेसे हालाताें में मानव अधिकार आयाेग पुलिस के गले में फंदा ना डाले।

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इस महिला सिपाही ने सुनाई आप बीती

वाद विवाद प्रतियाेगिता में सबसे पहले बाेलने वाली महिला कांस्टेबल पूजा यादव ने आप बीती का उदाहरण देकर पुलिस आैर समाज काे आईना दिखाने की काेशिश की। उन्हाेंने बताया कि वह ट्रेन में सफर कर रही थी। तभी एक सज्जन ने उनसे पूछ लिया कि आप क्या करती हैं। पूजा यादव के मुताबिक जब उन्हाेंने बताया कि वह पुलिस में हैं ताे उस आदमी ने छूटते ही कहा कि काेई आैर जॉब नहीं मिली आपकाे। दरअसल इस उदाहरण काे देकर उन्हाेंने यह समझाना चाहा आज भी पुलिस आैर समाज के बीच कितनी दूरियां हैं। 

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इन्हाेंने यह भी बताया कि आज पुलिस की छवि समाज के बीच सुधर रही है। इसका उदाहरण फिल्माें से लिया जा सकता है। पुराने समय में पुलिस का चरित्र चापलूसी वाला हाेता था ताे अब सिंघम जैसे चरित्राें पर फिल्म बन रही हैं। कांस्टेबल सलमान ने कहा कि लाेकतांत्रिक समाज में पुलिस की भूमिका सफल ताे है लेकिन यह लागू तभी हाे पाएगी जब पुलिस अपने कर्तव्याें आैर अधिकाराें काे समझेगीं। इन्हाेंने यह भी कहा किस पुलिस काे अपने कार्य में पारदर्शिता करनी हाेगी।

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साेनिया राजपूत ने खाेली पुलिस की पाेल

हाल ही में पुलिस महकमें काे ज्वाईन करने वाली कांस्टेबल साेनिया राजपूत काे प्रथम पुरस्कार मिला है। उन्हाेंने दाे टूक कहा कि पुलिस अपने स्वार्थाें के चलते मानव अधिकाराें का सरंक्षण नहीं करती। पुलिस चाहे ताे यह बिल्कुल कर सकती है। इन्हाेंने अपने ही गांव के कुछ उदाहरण दिए आैर बताया कि किस तरह से पुलिस गांव आती थी आैर निर्दाेश लाेगाें बस प्रयाेग करती थी। उन्हाेंने एक तरह से यह कहने का प्रयास किया कि पुलिस चाहती नहीं है यदि चाहे ताे वह मानव अधिकाराें का सरंक्षण कर सकती हैं। इन्हाेंने बाेलते हुए पुलिसकर्मियाें से समर्थन भी लिया। इन्हाेंने कहा कि उन्हाेंने इसिलए पुलिस महकमा ज्वाईन किया है कि मावन अधिकाराें का सरंक्षण कर सकें।

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एसपी देहात ने बताया क्याें बनी पुलिस

एसपी देहात रफीक अहमद ने वाद विवाद प्रतियाेगिता खत्म हाेने के बाद कहा कि मुख्य रूप से सभी वक्ताआें की बाताें में पुलिस का दर्द झलका है। बताया कि पुलिस बनाई ही इसलिए गई है कि मानव अधिकाराें का सरंक्षण हाे सके। उन्हाेंने सभी पुलिसकर्मियाें से कहा कि वह मानव अधिकार आयाेग के निर्देशाें का पालन करें आैर सकारात्मक साेंचे।
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