कृषि कानून के खिलाफ उकसाने पर पहले छह किसानों को भेजा 50 लाख का नोटिस, फिर घटाई राशि

Highlights

- निजी मुचलका का नोटिस जारी करने के बाद बढ़ा विवाद

- बैकफुट पर आया प्रशासन, घटाई रकम अब भरना होगा 50 हजार का पर्सनल बांड

- किसान नेता बोले- यह लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार को खत्म करने का प्रयास

By: lokesh verma

Published: 18 Dec 2020, 03:23 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
संभल. जिला प्रशासन ने संभल के आधा दर्जन से अधिक किसानों को शांतिभंग की आशंका में 50 लाख का निजी मुचलका भरने का नोटिस भेज दिया। भारतीय किसान यूनियन से जुड़े इन नेताओं पर आरोप है कि इन सभी ने किसानों को नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन करने के लिए उकसाया। नोटिस मिलने के बाद भड़के किसानों ने जब बवाल किया तब शुक्रवार को उपजिलाधिकारी ने इसे क्लेरिकल एरर बताते हुए पर्सनल बांड की राशि 50 लाख से घटाते हुए 50 हजार कर दिया है।

संभल के एसडीएम दीपेंद्र यादव ने जिले के प्रदर्शनकारी छह किसानों को 50 लाख रुपए के मुचलका भरने के नोटिस जारी किए थे। इन किसान नेताओं मे मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन (असली) के पदाधिकारी शामिल हैं। एसडीएम दीपेंद्र यादव की ओर से 12 और 13 दिसंबर को भेजे गए नोटिस में आइपीसी की धारा 111 के तहत कहा गया था कि यह छह लोग गांव-गांव जाकर किसानों को भड़का रहे हैं। नए कृषि कानून पर अफवाह फैला रहे हैं। इससे शांति भंग हो सकती है। स्थानीय पुलिस थाने की इस रिपोर्ट से संतुष्ट हैं। इसलिए क्यों न एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसानों पर 50 लाख रुपए का मुचलका लगाया जाए।

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यह था मामला

26 नवंबर से सिंघपुर और चंदौसी क्षेत्र में नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के लिए किसान नेता किसानों को एकजुट कर रहे थे। संभल शहर के एक चौराहे पर 400 प्रदर्शनकारी किसान एकत्रित हुए थे। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार करने की कोशिश की थी। आरोप है यह किसान नेता इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे।

किसानों पर यह आरोप

-किसान कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं
-यह किसानों को भड़का रहे,इससे कानून व्यवस्था बिगडऩे की आशंका है
-यह सभी किसान आंदोलन में भागीदारी करने वाले किसान संगठनों के सदस्य हैं

इन किसानों को जारी हुए नोटिस

-भाकियू (असली) के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव और ब्रह्मचारी यादव, वीर सिंह, जयवीर सिंह, सतेंद्र यादव व रौदास।

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क्या कहते हैं किसान

किसानों ने मुचलका भरने से इंकार कर दिया है। भाकियू (असली) के जिलाध्यक्ष का कहना है हमें जेल में बंद कर दिया जाए या फांसी पर लटका दिया जाए लेकिन हम मुचलका नहीं भरेगें। क्योंकि हम कोई गुनाह नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। किसानों या उनके परिवार काकोई सदस्य बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं करेगा। शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना अपराध नहीं है। नोटिस देना लोकतांत्रिक प्रदर्शन को खत्म करने का प्रयास है।

क्या कहते हैं अफसर

एसडीएम संभल दीपेंद्र यादव का कहना है कि हयात नगर पुलिस स्टेशन से रिपोर्ट मिली थी कि कुछ लोग किसानों को उकसाने का काम कर रहे हैं, जिससे शांति भंग हो सकती है। इसीलिए थाना अध्यक्ष की रिपोर्ट में इन व्यक्तियों को अब 50-50 हजार रुपए के मुचलके से पाबंद किया गया है।

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