प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं को 50 लाख का नोटिस जारी करते ही बैकफुट पर आया पुलिस प्रशासन

Highlights

- कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को एसडीएम ने जारी किया था 50 लाख रुपए का नोटिस

- किसान नेता बोले- नोटिस जारी कर लोकतांत्रिक प्रदर्शन काे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा

- एसपी ने कहा- एसडीएम के छुट्टी से लौटते ही राशि को सुधारकर किया जाएगा 50 हजार

By: lokesh verma

Published: 18 Dec 2020, 12:59 PM IST

संभल. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं को शांति भंग की आशंका के चलते 50 लाख रुपए के निजी बॉन्ड का नोटिस जारी करने वाली संभल पुलिस बैकफुट पर आ गई है। बताया जा रहा है कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को एसडीएम ने 50 लाख रुपए का नोटिस जारी किया था। मामला तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस ने राशि को चूक बताकर सुधारने की बात कही है। किसान नेताओं का कहना है कि इस तरह नोटिस जारी कर लोकतांत्रिक प्रदर्शन काे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।

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दरअसल, 12 और 13 दिसंबर को संभल में किसानों के प्रदर्शन से शांति भंग की आशंका के कारण आधा दर्जन किसान नेताओं को धारा 111 के तहत 50 लाख रुपए का नोटिस जारी किया गया था। इन नेताओं में अधिकतर भाकियू के पदाधिकारी हैं। इसके साथ ही 6 अन्य को भी 5 लाख रुपए के बॉन्ड का नोटिस भेजा गया था। भाकियू (असली) के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव और संजीव गांधी के अलावा राष्ट्रीय किसान मजदूर संघर्ष के पदाधिकारी राजवीर सिंह को नोटिस जारी होने पर उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसानों के प्रदर्शन का इतना डर क्यों है? क्या हम आतंकी हैं? उन्होंने कहा कि प्रशासन को पता है कि हमारे पास 50 लाख की रकम नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन 50 लाख रुपए की धमकी जैसी बात सुनने को कहीं नहीं मिली है।

किसान नेताओं को 50 लाख रुपए का नोटिस जारी करने वाली संभल पुलिस ने इसे क्लेरिकल एरर बताकर बैकफुट पर आ गई है। एसपी का कहना है कि एसडीएम अभी छुट्टी पर हैं। उनके लौटते ही राशि में सुधार करते हुए 50 हजार किया जाएगा।

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