गोरखपुर महोत्सव के चलते टाला गया मशहूर मगहर महोत्सव!, सपा बोली 25 लाख रुपये का बजट भी ले गए

Rafatuddin Faridi

Publish: Jan, 13 2018 06:29:49 PM (IST) | Updated: Jan, 13 2018 08:19:35 PM (IST)

Varanasi, Uttar Pradesh, India
गोरखपुर महोत्सव के चलते टाला गया मशहूर मगहर महोत्सव!, सपा बोली 25 लाख रुपये का बजट भी ले गए

संत कबीर नगर में होने वाले मगहर कबीर महोत्सव पर भारी पड़ा गोरखपुर महोत्सव, सपा सरकार का शुरू किया गा 25 लाख का बजट भी अब तक नहीं आया।

नजमुल होदा
संत कबीर नगर. संतकबीर की निर्वाण स्थली मगहर में पसरा सन्नाटा लोगों को चुभ रहा है। हालांकि हर साल 12 जनवरी से 18 जनवरी तक ये जगह गुलज़ार रहती थी। ऐसा इसलिये क्योंकि यहां खिचड़ी के मौके पर लगभग 50 सालों से मगहर महोत्सव का आयोजन किया जाता था। जिसमें कबीर के दोहे और सांस्कृतिक कार्यक्रम के ज़रिये कबीर के सिद्धांतों को पूरे विश्व मे पहुंचाया जाता था। देश के अलावा विदेशों से भी लोग मगहर महोत्सव में आते थे। भीड़ इतनी लगती थी कि यहां यूपी के कई जिलों से दुकानदार आकर अपनी दुकानें लगाते थे। बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन के तमाम इंतज़ाम रहते थे। पर आज यहां एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ है और इस पसरे हुए सन्नाटे की वजह गोरखपुर महोत्सव को बताया जा रहा है। कबीर मठ के महंत विचार दास का कहना है। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर मगहर महोत्सव को टाल दिया। हालांकि समाजवादी पार्टी तो इसको लेकर योगी सरकार पर पूरी तरह से हमलावर हो गयी है। उसने इसे कबीर दास जी का अपमान बताया है।


सपा सरकार ने शुरू किया था महोत्सव के लिये 25 लाख का बजट
मगहर महोत्सव को भव्य करने के लिये समाजवादी पार्टी की सरकार ने पहल की थी। तत्कालीन सपा सरकार के दौरान मुख्यमंत्री मुलायम सिंह याव ने 25 लाख रुपये के बजट की घोषणा की थी। तब से यह सहायता हर साल मिलती चली आ रही थी। महोत्सव की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस कबीर मेले में देश भर से नामी-गिरामी कवी और कलाकार आते थे। कबीर के दोहों से लोगों को सामाजिक कुरीतियों से निपटने के लिए प्रेरणा मिलती थी। यह महोत्सव व्यापार के लिहाज से भी बड़ा था, क्योंकि खास बात ये भी थी की मेले में पूरे यूपी से व्यापारी आते थे, जिनको एक महीने तक व्यापार का मौका मिलता था।

 

 

28 को भी मगहर महोत्सव पर ग्रहण!
फिलहाल ज़िला प्रशासन कबीर की निर्वाण स्थली पर लगने वाले मगहर महोत्स्व में सुरक्षा का हवाला देकर अपना हाथ खड़ा कर चुका है। अब मगहर महोत्सव का आयोजन 12 से 18 जनवरी की जगह 28 को कराने की बात कही जारही है। हालांकि महोत्सव के लिये 28 जनवरी पर भी ग्रहण ही नज़र आ रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि 28 जनवरी में ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, और अब तक बजट नहीं आया है।

 

समाजवादी पार्टी बोली ये कबीर दास जी का अपमान है
मगहर महोत्सव को टाले जाने को लेकर समाजवादी पार्टी योगी सरकार पर हमलावर हो गयी है। सपा के जिला कोषाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने निशाना साधते हुए कहा कि योगी सरकार ने कबीर दास जी का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में मगहर महोत्सव बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रयास किये गए थे। हमारी सरकार ने इसे और भव्य बनाने के लिये 25 लाख रूपये के बजट की व्यवस्था की। पर आज उस बजट को मगहर की जगह गोरखपुर महोत्सव में लगाया जा रहा है।

 

जिलाधिकारी सुरक्षा और बजट न मिलने को बतायी वजह
इस मामले मेंमगहर महोत्सव के अध्यक्ष और संत कबीर नगर के जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने ने पहले तो मगहर के महंत विचार दास पर ही सारा ठीकरा फोड़ा। कहा कि उन्होंने ही महोत्सव के लिये 12 जनवरी की जगह 28 जनवरी को समय दिया, जो कमेटी में पास हो गया। पर इसके बाद डीएम साहब भी अपनी बात से पलट गये और सुरक्षा व्यवस्था व बजट न मिलने को इसके पीछे की वजह बता डाली।

 

व्यापारी हैं परेशान
स्थानीय लोगों को तो इस मामले में साफ कहना है कि गोरखपुर महोत्सव के चलते ही मगहर महोत्सव को टाल दिया गया। कुछ लोगों ने दबी जुबान इसे कबीर दास जी का अपमान तक कह डाला। उधर यूपी के कई जिलों से पहुंचे दुकानदार परेशान हैं क्योंकि यदि वह रहते हैं तो फिलहाल उसका इंतजाम नहीं और जाते हैं तो सामान लेकर आने में जो हजारों रुपये खर्च हुए थे उतने ही जेब से फिर जाएंगे। क्योंकि मगहर महोत्सव अपने समय से आगे 28 जनवरी को कर दिया गया। इतना ही नहीं दुकानदारों ने योगी सरकार को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। कुछ ने कहा कि गोरखपुर के चलते मगहर का बड़ा महोत्सव टाल दिया गया है, जिससे दुकानदार परेशान हैं और लौटने को मजबूर हैं।

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