400 आवेदक पहुंचे तो हाल छोड़कर कलेक्टर को आना पड़ा बाहर

400 आवेदक पहुंचे तो हाल छोड़कर कलेक्टर को आना पड़ा बाहर
400 applicants arrived, leaving the collector had to come out

Ramashankar Sharma | Updated: 17 Jul 2019, 12:57:55 AM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

जनसुनवाई: फैसला ऑन स्पॉट को देख लगातार बढ़ रही आवेदकों की संख्या

सतना. तहसीलदार साहब.., यह आवेदक अतिक्रमण की शिकायत लेकर आया है। आप इसे गंभीरता से समझ लीजिए। शाम तक अतिक्रमण हट जाना चाहिए अन्यथा आप मुख्यालय पर उपस्थिति दीजिएगा। यह निर्देश कलेक्टर सतेन्द्र सिंह ने बांधी मौहार के प्रधानमंत्री आवास के एक हितग्राही की अतिक्रमण की शिकायत पर उचेहरा तहसीलदार को दिए। नतीजा, शाम तक जमीन का अतिक्रमण हट गया। जनसुनवाई में लगातार इस तरह से मामलों का निराकरण हो रहा है। इसको देखते हुए जनसुनवाई में आवेदकों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है। मंगलवार को हालात यह हो गए कि आवेदकों की संख्या दोपहर तक 400 के ऊपर पहुंच गई। नतीजा यह हुआ कि कलेक्टर को सभी की शिकायतें सुनने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार छोड़ कर बाहर आना पड़़ा और लाइन में लगे लोगों से वहीं शिकायत लेकर समय सीमा तय करते हुए अधिकारियों को निराकरण के निर्देश देते गए। इस दौरान एक विकलांग को मौके पर ही ट्राइसिकिल उपलब्ध कराई गई। जनसुनवाई में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पीएस त्रिपाठी, साधना परस्ते, सिटी मजिस्ट्रेट संस्कृति शर्मा समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
उचेहरा सीईओ को शो-कॉज
जनपद उचेहरा के सीईओ को बिना अवकाश स्वीकृत कराए अनुपस्थित होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। दरअसल, जनपद सीईओ से संबंधित मामला आने पर कलेक्टर ने डेस्कटॉप कान्फे्रंस से जब संपर्क साधा तो पता चला कि वे अनुपस्थित हैं। बाद में पता चला कि उन्होंने अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया है। इस पर उन्हें समक्ष में प्रस्तुत होकर शो-कॉज का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

डीईओ का काटा वेतन, लिपिक निलंबित

शिक्षा विभाग के मामले सामने आए। इस पर कलेक्टर ने डीईओ से जानकारी चाही तो पता चला कि वे यहां मौजूद नहीं हैं। बिना सूचना के जनसुनवाई से गायब रहने पर उनका आधा दिवस का वेतन काटने के निर्देश दिए। एक आवेदक ने वन स्टेप मामले में बताया कि उसने अध्ययन के लिए अनुमति चाही थी पर डीईओ कार्यालय के लिपिक मृगेन्द्र सिंह लापरवाही कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने लिपिक मृगेन्द्र सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए।
और तुरंत दी गई ट्राइसिकिल
ग्राम किटहा निवासी हरिप्रसाद कलेक्टर के पास पहुंचा और अपनी विकलांगता की स्थिति बताते हुए ट्राइसिकिल की मांग की। बताया कि कई बार वह आवेदन दे चुका है पर उसे लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने उसे वहीं हाल में बैठने कहा और सामाजिक न्याय विभाग के प्रभारी अधिकारी को मौके ट्राइसिकिल लाने के निर्देश दिए। इसके कुछ देर बाद ट्राइसिकिल लाई गई और संबंधित हितग्राही को प्रदान की गई।

अतिक्रमण पर गंभीरता बरते एसडीएम

कलेक्टर ने पाया कि बारिश के मौसम के साथ बोनी का सीजन शुरू होते ही आम रास्ता बंद करने, जमीन पर अवैध कब्जा करने, सीमांकन के मामले काफी आ रहे हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को सख्त निर्देश दिए कि अतिक्रमण हटाने के मामले में गंभीरता बरती जाए और सीमांकन के मामलों का भी तत्काल निराकरण किया जाए। भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के मामले में विलंब नहीं करने के भी निर्देश दिए। गरीबी रेखा में नाम जोडऩे, खाद्यान पात्रता पर्ची, दाखिल-खारिज कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना, जाति प्रमाण-पत्र, अवैध कब्जा हटाने, नक्शा तरमीम, राशन कार्ड बनाने संबंधी प्राप्त शिकायतों का मौके पर निरीक्षण कर तत्काल निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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