मुजफ्फरपुर में MP और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 55 दिन बाद मुक्त हुआ अपहृत व्यापारी

मुजफ्फरपुर में MP और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 55 दिन बाद मुक्त हुआ अपहृत व्यापारी

suresh mishra | Publish: Sep, 09 2018 05:21:57 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

मुजफ्फरपुर में MP और बिहार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 55 दिन बाद मुक्त हुआ अपहृत व्यापारी

सीधी। रीवा से 55 दिन पूर्व अपहृत युवक को पुलिस ने बिहार में अंतर्राज्यीय गिरोह के चंगुल से मुक्त करा लिया है। मध्यप्रदेश और बिहार पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में शनिवार सुबह मुजफ्फरपुर से युवक को मुक्त कराने के साथ फिरौती की 40 लाख रुपए की रकम बरामद कर ली है। अपहरणकांड में इनामी बदमाश बलिंदर सिंह सहित पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जो फिलहाल बिहार पुलिस की कस्टडी में है। बदमाशों के पास से पुलिस की वर्दी और पिस्टल भी बरामद की गई है।

ये है मामला
सीधी के संत बहादुर सिंह अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए रीवा आए थे। 23 जुलाई को वे जीप से अकेले घर जा रहे थे, जिनका गुढ़ रोड से बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। उनकी गाड़ी 24 जुलाई को यूपी के मिर्जापुर के चुनार में लावारिस मिली थी। 26 जुलाई को अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को फोन कर 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी और 15 दिन का समय दिया था।

मुजफ्रपुर में मिला अपहृत युवक
पूछताछ के बाद पुलिस ने अपहृत युवक को मुजफ्फरपुर में रखने की जानकारी दी। रीवा पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सूचना मुजफ्फरपुर एसपी को दी। जिस पर उन्होंने खालिद मियां उर्फ अंसारी के घर में दबिश दी। अपहृत युवक उक्त घर में मिल गया जिसको पुलिस ने मुक्त करा लिया। पुलिस ने उक्त मकान में मौजूद तीन बदमाशों अंकित सिंह निवासी पर्वाती जिला नावदा बिहार, सहलानरश निवासी मनोहर छपरा बरुराज मुजफ्फरपुर, अजीत निवासी पर्वाती को भी दबोच लिया।

6 राज्यों में ऑपरेट करता है गिरोह
अपहरणकांड को अंजाम देने वाली गैंग अन्र्तराज्जीय गैंग कई राज्यों में वारदातों को अंजाम देती है। एमपी, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल व एक अन्य राज्य शामिल है। इस गिरोह का सरगना बलिंदर सिंह पर कुल 65 मामले दर्ज हैं जिसमें अपहरण, फिरौती, लूट, हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामले हैं। मुख्य सरगना बलिंदर सिंह पर एमपी में 50 हजा रुपये का इनाम स्वीकृत है।

फिरौती की रकम देने को बुलाते थे बदमाश
उक्त बदमाश परिजनों को फिरौती की रकम लेने के लिए परिजनों को अलग-अलग राज्यों में बुलाते थे।अपहरणकर्ताओं ने जबलपुर, होशंगाबाद, खंडवा, सतना के मैहर, उचेहरा, भुसावल, नासिक, कानपुर, जालौन, इलाहाबाद, धनबाद, मुगलसराय, पश्चिम बंगाल सहित स्थानों में फिरौती की रकम लेकर बुलाया था लेकिन फिरौती की रकम लेने नहीं आए। परिजनों ने जब युवक से बात करवाने के लिए बोला तो उन्होंने युवक के हाथ की लिखी चिट्ठीमैहर में दी थी। परिजनों को पेड़ के नीचे चिट्ठी रखी मिली थी। शायद अपहरणकर्ताओं को परिजनों के साथ पुलिस की मौजूदगी की भनक लग जाती थी जिससे वे प्लान बदल देते थे। इस बार पुलिस परिजनों से दूर दूसरी बोगी में सवार थी जिससे अपहरणकर्ता समझ नहीं पाए और फंस गए।

बदमाशों ने पुलिस वर्दी में किया था अपहरण
उक्त युवक का बदमाशों ने पुलिस की वर्दी में अपहरण किया था। बदमाश फोरह्वीलर वाहन में सवार होकर आए थे और किसी ऐसे व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे जो अकेला जा रहा हो और उससे मोटी रकम मिल सके। संयोग से उसी समय युवक एक्सयूवी गाड़ी में अकेले सफर करते हुए पहुंच गया। टोल प्लाजा के आगे बदमाशों ने उसकी गाड़ी को रोका और अपनी गाड़ी में बैठा लिया। उसकी गाड़ी लेकर दूसरा बदमाश रवाना हो गया। इसके बाद बदमाश उसको अपने साथ ले गए और गाड़ी को दूसरा बदमाश चुनार यूपी में छोड़कर भाग गया।

6 राज्यों की पुलिस ने की मेहनत
उक्त अपहरणकर्ताओं को पकडऩे में 6 राज्यों की पुलिस ने मेहनत की है। रीवा आइजी उमेश जोगा, डीआइजी अविनाश शर्मा व एसपी सुशांत सक्सेना ने अपहरण कांड का खुलासा करने में दिन रात मेहनत की। पुलिस के साथ एमपी व यूपी एसटीएफ सहित अन्य राज्यों की पुलिस लगातार मेहनत करती रही। अपहरणकांड का खुलासा करने में एएसपी आशुतोष गुप्ता, सीएसपी शिवेन्द्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी गौरव मिश्रा, सोनल झा, मानेन्द्र शर्मा, सुभाष भारती, आरक्षक प्रीतम मार्को, प्रशांत विश्वकर्मा, भोलेन्द्र दीपांकर, अनिल दुबे, लीलाधर डोंगरे, रवीन्द्र पाल, उपनिरीक्षक विक्रम सिंह, पीएसआई अरविंद सिंह राठौर, जगदीश सिंह ने रोहतास एसपी सत्यवीर सिंह, एसपी मुजफ्फपुर हरप्रीत कौर के त्वरित प्रयास से युवक को अपहरण मुक्त कराया है। इसमें निरीक्षक देवेन्द्र प्रताप सिंह, निरीक्षक विनोद सिंह, विजय सिंह बघेल, कन्हैया बघेल, जगदीश ठाकुर, शिवपूजन बिसेन, शिवा अग्रवाल, अखिलेश अग्निहोत्री, आरके जायसवाल, कौशलेन्द्र सिंह परिहार, अखिल सिंह, अभिषेक पाण्डेय, करण यादव, मनीष पाण्डेय, आरक्षक मयंक के अलावा म.प्र. व उ.प्र. एसटीएफ, आरपीएफ बिहार, जीआरपी म.प्र., झारखंड पुलिस, महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल पुलिस, मनीष कुकेती नोडल ऑफीसर वोडाफोन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आइजी ने पूरी टीम का जताया आभार
युवक की 55 दिन बाद सकुशल वापसी पर हिन्दू क्षत्रीय वाहिनी संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर आइजी उमेश जोगा सहित पूरी टीम के सदस्यों को पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया। उन्होंने पुलिस की कुशलता और संयम की सराहना करते हुए कहा कि तमाम विरोध और विपरित परिस्थितियों के बाद भी रीवा पुलिस ने संयम से काम लिया और युवक को सकुशल मुक्त करवा दिया।

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