MP के इस जिले में यूजी की 75 प्रतिशत सीटें खाली, ग्रामीण अंचल के कॉलेजों में पंजीयन नहीं

MP के इस जिले में यूजी की 75 प्रतिशत सीटें खाली, ग्रामीण अंचल के कॉलेजों में पंजीयन नहीं
75 percent of UG seats vacant in Satna district uchch shiksha vibhag

Suresh Kumar Mishra | Publish: Jun, 26 2019 12:23:34 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

ऐसी है हकीकत
- 2922 छात्रों ने पंजीयन के बाद कराया वेरीफिकेशन
- 25 प्रतिशत छात्रों ने ही दिखाई दिलचस्पी
- 240 सीटों वाले बदेरा कॉलेज में सबसे कम सिर्फ 5 पंजीयन
- प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण पूरा
- जिले के 15 कॉलेजों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय को मिलाकर 11,600 सीटें

सतना। महाविद्यालयों में स्नातक कक्षाओं की प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो चुका है। जिलेभर में संचालित 15 महाविद्यालयों में 75 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं। महज 25 प्रतिशत छात्रों ने ही दिलचस्पी दिखाई है। ग्रामीण अंचल के कॉलेजों की हालत और भी बदतर है। यहां विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए पंजीयन ही नहीं कराया है। डिग्री कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज, अमरपाटन महाविद्यालय, मैहर महाविद्यालय और नागौद कॉलेज को छोड़ दिया जाए तो 11 अन्य महाविद्यालयों में वेरीफिकेशन की प्रक्रिया दहाई में ही अटकी हुई है। बदेरा, अमदरा, रामनगर, मझगवां और बिरसिंहपुर में महज 5 से 15 ही सत्यापन हो पाए हैं।

10 जून से 16 जून तक
स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया 10 जून को आरंभ हुई थी। यह 16 जून को खत्म हो चुकी है। जिले के 15 कॉलेजों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की कक्षाओं में 11600 सीटें हैं। लेकिन इसके विपरीत महज 2922 छात्रों ने प्रवेश के लिए पंजीयन के बाद अपने दस्तावेजों का वेरीफिकेशन कराया है। यानी, सिर्फ 25 प्रतिशत छात्रों ने ही इस बार एडमिशन में दिलचस्पी दिखाई है। 75 प्रतिशत सीटें अभी भी महाविद्यालयों में खाली पड़ी है।

इनमें प्रवेश के लिए सबसे ज्यादा रुचि
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी पंजीयन के आंकड़ों पर नजर फेरें तो जिले के तीन महाविद्यालय ही विद्यार्थियों की पहली पसंद है। इनमें शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सतना, शासकीय कन्या महाविद्यालय सतना और शासकीय महाविद्यालय अमरपाटन शामिल है। यहां पर जिलेभर में सबसे ज्यादा विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए पंजीयन कराया है।

शुरुआती दौर में ज्यादातर छात्र टेक्निकल कोर्स और अन्य रिजल्टों का इंतजार करते हैं। वहां के परिणाम आते ही द्वितीय चरण और सीएलसी में सभी सीटें फुल हो जाती हैं। यहां तक की कई बार छात्र एडमिशन से वंचित न हों, इसलिए विश्वविद्यालय द्वारा सीटें भी बढ़ाई जाती हैं।
डॉ. ज्ञान प्रकाश पाण्डेय, प्राचार्य डिग्री कॉलेज

छात्रों के हित में उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर प्राध्यापकों की स्थायी नियुक्ति की मांग की है। जब तक कॉलेजों में रिक्त प्रोफेसरों के पद नहीं भरे जाते तब तक शिक्षण व्यवस्था नहीं सुधरने वाली है। पिछली सरकार ने जल्दबाजी में कॉलेज तो खोल दिए पर प्राध्यापक आज तक नहीं नियुक्त हुए।
रजनीश द्विवेदी, लोकसभा महासचिव यूथ कांग्रेस सतना

ग्रामीण कॉलेजों में बीकाम और बीएसएसी में प्राध्यापकोंं की व्यवस्था नहीं है। गेस्ट फैकेल्टी के भरोसे कुछ छात्र मजबूरी में बीए में एडमिशन ले लेते हैं। कॉलेज में छात्र एडमिशन नहीं लेते।
अजय द्विवेदी, छात्र नेता

महाविद्यालय सीट वेरीफिकेशन
- डिग्री कॉलेज 3205 778
- गर्ल्स कॉलेज 2185 639
- अमरपाटन कॉलेज 1050 614
- रामनगर कॉलेज 250 11
- रामपुर कॉलेज 180 50
- मैहर कॉलेज 1950 366
- नागौद कॉलेज 440 261
- जैतवारा कॉलेज 260 43
- मझगवां कॉलेज 100 10
- उचेहरा कॉलेज 180 53
- अमदरा कॉलेज 300 7
- बदेरा कॉलेज 300 5
- ताला कॉलेज 600 31
- नादन कॉलेज 300 39
- बिरसिंहपुर कॉलेज 300 15
(नोट:- सीटों का आंकड़ा कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय को मिलाकर )

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