सतना जिले में 8 साल के अंदर कट गए 40 हजार पेड़, ये तीन नेशनल हाईवे ने ली बलि

आप बनें माली, सहेजें पेड़ तो दिखे हरियाली: विकास की दौड़ में भविष्य का संकट, पौधे गोद लेना ही एकमात्र समाधान

By: suresh mishra

Published: 07 Jul 2019, 05:04 PM IST

सतना। विकास की आपाधापी में पेड़ों पर तेजी से आरी चल रही है। कागजों पर पेड़ लग तो रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है। कभी हराभरा रहने वाला विंध्य आज शहरी चकाचौंध में बुरी तरह उलझ चुका है। तेज रफ्तार जिंदगी में हमारे साथी पेड़-पौधे काफी पीछे छूट गए हैं। ऐसे में जरूरत है वक्त की नजाकत को देखते हुए एक बार फिर हरित विंध्य के सपने को साकार करने की, लोगों को माली की भूमिका में आकर पौधों को गोद लेना होगा, तभी भविष्य के संकट से हम मुकाबला कर पाएंगे...

जिले की हरियाली हाइवे के कारण उजड़ गई। महज तीन हाइवे के निर्माण के नाम पर 32 हजार से ज्यादा पेड़ों की बलि ले ली गई। इससे इतर यदि पूछा जाए कि कितने पौधे लगाए गए, तो जवाब किसी के पास नहीं। दरअसल, जिले में सतना-बेला मार्ग (एनएच-75) पर 5000, सतना-चित्रकूट पर 20 हजार व सतना-बमीठा (एनएच 75) मार्ग के निर्माण के कारण 7000 पेड़ों की बलि ली गई। सतना-चित्रकूट हाइवे पर सतना से कोठी तक सड़क निर्माण के लिए ठेका कंपनी ने वर्ष 2012 में 500 पौधे काटे थे।

इसके लिए कंपनी ने सड़क किनारे 5000 पौधे रोपने का दावा किया पर वर्तमान में एक भी पौधा जीवित नहीं। नागौद-सिंहपुर-कलिंजर मार्ग के लिए ठेका कंपनी ने 3500 पेड़ों का काटा, सिंहपुर-कोठी-जैतवारा-सेमरिया मार्ग के लिए 3250 पेड़ों को काटा। लेकिन, इनके नाम पर कागजों में पौधे लगे और बाद में सूख गए। इस तरह देखा जाए, तो मात्र 8 साल के दौरान करीब 40 हजार पेड़ों की बलि विकास के नाम पर ली गई। पर्यावरण संरक्षण के नाम पर एक भी पौधे को पेड़ का रूप नहीं दिया जा सका।

7 किमी. वन भूमि के 12000 पेड़ काटे
सतना-चित्रकूट मार्ग पर मझगवां के पास नया बाइपास का निर्माण करना था। इस हाइवे का सात किमी भाग वन भूमि से होकर गुजरने वाला था। इसके लिए ठेका कंपनी ने करीब 12 हजार पेड़ काटे थे। मझगवां से चित्रकूट तक सड़क चौड़ी करनी थी। यह भी क्षेत्र वनभूमि क्षेत्र में आता था। कंपनी ने करीब 6200 पेड़ों की बलि ले ली।

नगर निगम भी कम नहीं, 500 पेड़ काटे
शहरी सीमा में नगर निगम ने भी सड़कों के चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों को काट डाला गया। दो साल में करीब 500 पेड़ काट दिए।

- 5000 पेड़ सतना-बेला मार्ग पर काटे
- 20,000 पेड़ सतना-चित्रकूट पर काटे
- 7000 पेड़ सतना-बमीठा मार्ग निर्माण पर काटे

suresh mishra
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