ऑनलाइन शॉपिंग में रहें सतर्क : सीआरपीएफ का कैप्टन बन जानिए कैसे की युवक से ठगी

ऑनलाइन शॉपिंग में रहें सतर्क : सीआरपीएफ का कैप्टन बन जानिए कैसे की युवक से ठगी

Balmukund Dwivedi | Publish: Mar, 17 2019 06:26:15 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 06:26:16 PM (IST) Rewa, Rewa, Madhya Pradesh, India

जीप खरीदने के लिए झांसे में आया युवक

 

सतना. ऑनलाइन ठगी करने वाले बदमाशों ने नया तरीका इजाद किया है। पुराने सामान बेचने वाले ऐप और वेबसाइट पर ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। जो अब सीआरपीएफ का अफसर बनकर लोगों को चूना लगा रहा है। जीप खरीदने के झांसे में आया एक युवक जब इस गिरोह का शिकार हुआ तो उसने पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई है। कोगलवां थाना अंतर्गत चाणक्यपुरी कॉलोनी में रहने वाले अनिल कुमार कुशवाहा पुत्र आरएल कुशवाहा ने लिखित शिकायत देते हुए एसपी से कार्रवाई की मांग की है।

किया ऑनलाइन पेमेंट
पीडि़त का कहना है कि उसका भतीजा लकी कुशवाहा साथ रहकर गाडि़यों का काम देखता है। उसने ओएलएक्स की वेबसाइट पर जीप एमपी 42 सीए 0992 का विज्ञापन देखा। इसे दो अलग-अलग नंबरों से पोस्ट किया गया था। एक में नवीन उर्फ विकास कुमार नाम बताया गया और दूसरे नंबर के मालिक का नाम शिवेन्द्र सिंह पता चला। २१ व २२ फरवरी को अनिल ने इन दोनों नंबरों पर बात की तो फोन रिसीव करने वाले ने बताया कि वह सतना का रहने वाला है और सीआरपीएफ में नौकरी करता है। ठग ने खुद को दिल्ली मेे रहना बताकर भरोसा करने को कहा। सेना का नाम आते ही अनिल और लकी झांसे में आ गए। अनिल ने ऑनलाइन पेमेंट करते हुए अंकुर सिंह के खाते में पहले पांच हजार, फिर 10 और फिर 25 हजार रुपए भेजे। पेमेंट भेजने के बाद फोन में बात करने पर मंजीत सिंह से बात हुई। मामला संदिग्ध लगने पर पैसा लौटाने को कहा तो ठग टालता रहा। फरियादी अनिल का कहना है कि उनके पास लेन देन के संबंध में और ठगी करने वाले के बारे में जो तथ्य हैं वह पुलिस को दिए हैं। ताकि जांच करते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंच सके।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned