डीएड की फर्जी मार्कशीट से बन गए सहायक अध्यापक, जिपं सीईओ ने की सेवा समाप्त

मैहर तहसील की प्राथमिक शाला जरियारी में हैं पदस्थ

 

By: Ramashanka Sharma

Published: 27 Nov 2019, 12:32 AM IST

सतना. मैहर तहसील के नादन संकुल अन्तर्गत शासकीय प्राथमिक शाला जरियारी में पदस्थ सहायक अध्यापक संपत लाल की सेवा तत्काल प्रभाव से जिपं सीईओ ऋजु बाफना ने समाप्त कर दी है। सम्पत लाल डीएड की फर्जी अंकसूची लगाकर शासकीय सेवा में आए थे।
जानकारी के अनुसार संकुल केन्द्र शा.उ.मा.वि नादन अन्तर्गत प्राथमिक शाला जरियारी में सहायक अध्यापक सम्पत लाल साकेत बतौर सहायक अध्यापक पदस्थ हैं। इनके मामले में यह शिकायत प्राप्त हुई थी कि इन्होंने डीएड की फर्जी अंकसूची लगाकर शासकीय सेवा हासिल की है। शिकायत की जांच करवाई गई। जांच में पाया गया कि इनकी हायर सेकंडरी की रोल नंबर 23105745 की पृथक-पृथक अंकों की अंकसूची जारी है।

डीएड प्रमाण पत्र भी फर्जी
संपत लाल के डीएड के प्रमाण पत्र का परीक्षण कराने जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान को लिखा गया। जहां से बताया गया कि संपतलाल पिता छोटेलाल साकेत वर्ष 2003 की डीएड परीक्षा में सम्मिलित ही नहीं हुआ। इतना ही नहीं संबंधित द्वारा प्रस्तुत की गई अंकसूची जिसका रोल नंबर 4836121 सिरीज का कोई रोल नंबर मंडल से संस्थान को आवंटित नहीं किया गया। यह भी बताया गया कि अंकसूची में जो केन्द्र क्रमांक 1202 दर्ज है वह भी यहां का नहीं है। इस तरह से इनकी डीएड की अंकसूची और प्रमाण-पत्र फर्जी माने गए।

आरोपी शिक्षक ने मांगी नए सिरे डीएड की अनुमति
जब माध्यमिक शिक्षा मंडल और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रतिवेदन में संपतलाल की अंकसूची फर्जी पाई गई तो उनसे जवाब चाहा गया। जिस पर संपतलाल ने डीएड प्रमाण-पत्र में संदेह की स्थिति में नए सत्र में डीएड करने की अनुमति चाही गई, जो अमान्य तो की ही गई। साथ ही जिपं सीईओ बाफना ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शासकीय सेवा का लाभ प्राप्त करने, शासन व वरिष्ठ अधिकारियों से वास्तविक तथ्य छिपाकर धोखाधड़ी करने को म.प्र. सिविल सेवा नियम के विपरीत माना।

जारी किया सेवा समाप्ति का आदेश
जिपं सीईओ ने संपतलाल सहायक अध्यापक/प्रा.शि. प्राथमिक शाला जरियारी द्वारा किए गए कृत्यों को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10, मध्यप्रदेश पंचायत अध्यापक संवर्ग (नियोजन एवं सेवा की शर्तें) नियम 2008 एवं शिक्षाकर्मी (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम 1997 के तहत संपतलाल की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।

मझगवां में ऐसे कई मामले लंबित
इसी तरह के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सहायक अध्यापक और अध्यापक संवर्ग में शासकीय सेवाएं दे रहे मझगवां जनपद के १४ शासकीय सेवकों का मामला अभी भी लंबित है। इनके द्वारा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किया जाकर अतिरिक्त अंक हासिल कर लिए गए थे। मामले की शिकायत होने पर जिला पंचायत के सामान्य सम्मेलन के आदेश के बाद हुई जांच उपरांत सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए गए थे। लेकिन आज तक जनपद पंचायत से उनकी सेवाएं समाप्त नहीं हो सकी है। इनकी जांच अभी भी जिला पंचायत में लंबित हैं।

Ramashanka Sharma
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