कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा न करने पर मैहर नगर पालिका सहित आधा दर्जन संस्थाओं के बैंक खाते सीज

कर्मचारियों की पीएफ राशि जमा न करने पर मैहर नगर पालिका सहित आधा दर्जन संस्थाओं के बैंक खाते सीज
निजी क्षेत्र के बदलते माहौल में लोग तेजी से नौकरी बदलते हैं। लेकिन नौकरी बदलने के साथ पूर्व कंपनी के पीएफ का पूरा पैसा निकाल लेना घाटे का सौदा है। इससे आप अच्छे भविष्य के लिए की जा रही बचत को तो खत्म करते ही हैं, साथ ही पेंशन योजना की निरंतरता भी खत्म हो जाती है।

Sonelal Kushwaha | Updated: 12 Oct 2019, 10:02:02 AM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

इपीएफओ की सख्ती, गिरफ्तारी वारंट व कुर्की कार्रवाई के लिए भी नोटिस भेजा

सतना. कर्मचारियों की वेतन से हर महीने पीएफ फंड के नाम पर राशि काटने के बावजूद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के खाते में अंशदान जमा न करना संस्थाओं को भारी पड़ सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (इपीएफओ) ने मैहर नगर पालिका सहित आधा दर्जन संस्थाओं के बैंक खाते सीज कर कुर्की व गिरफ्तारी वारंट के संबंध में नोटिस जारी किया है। इपीएफओ की सख्ती के बाद हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। कंपनियों के जिम्मेदार अधिकारी सामने आने तो तैयार नहीं हैैं।

दरअसल, सतना, पन्ना व सीधी जिले में ऐसी कई संस्थाएं हैं, जो पीएफ फंड के नाम से कर्मचारियों की वेतन से हर महीने १२ फीसदी राशि काटती हैं, लेकिन न तो वेतन से काटी गई राशि इपीएफओ के खाते में जमा कराई जाती है न ही कंपनी का अंशदान उसमें मिलाया जाता। जिसे लेकर कई बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद इपीएफओ को बैंक खाते सीज करने जैसी सख्ती दिखानी पड़ी।

इनके खिलाफ कार्रवाई
जुटाई गई जानकारी के अनुसार, मैहर नगर पालिका के खिलाफ सर्वाधिक ३५ लाख, जिला स्वास्थ्य समिति सीधी पर पौने ७ लाख, स्कॉलर होम स्कूल सतना पर साढ़े ६ लाख, ज्ञान ज्योति हाईस्कूल रामपुर बाघेलान पर चार लाख, स्वामी विवेकानंद हायर सेकंडरी स्कूल सिविल लाइन सतना पर साढ़े तीन लाख व सीधी जिले के कॉन्ट्रेक्टर भानु प्रकाश कचेर पर सवा तीन लाख के करीब भुगतान शेष है। बैंक खाते सीज कर कुछ राशि जमा करा ली गई है। शेष के लिए कुर्की कार्रवाई व गिरफ्तारी वारंट संबंधी नोटिस जारी किया गया है। मैहर नगर पालिका व सीधी स्वास्थ्य समिति चंूकि शासकीय संस्थाएं हैं, इसलिए इनके लिए शासन स्तर पर पत्र लिखा गया है।

...तो होगी कुर्की कार्रवाई
विभागीय सूत्रों की मानें तो सतना, सीधी व पन्ना जिले में ६०० के करीब संस्थाएं हैं, जिनकी पेंडेंसी लगातार बढ़ रही है। इनके खिलाफ भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। प्रथम चरण में आधा दर्जन बड़े बकायादारों को नोटिस जारी किया गया है। जल्द ही राशि जमा नहीं कराई तो प्रशासन का सहयोग लेकर उनकी सम्मत्ति कुर्क की जाएगी।

गंभीरता से समझें
भविष्य निधि कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। नियोक्ताओं से आग्रह है कि वे इसे गंभीरता से समझें और भविष्य में दंडनात्मक कार्रवाई से बचने के लिए पीएफ राशि समय पर जमा करें।
पवन कुमार सिंह, क्षेत्रीय आयुक्त द्वितीय, इपीएफओ कार्यालय सतना

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