रेल विद्युतीकरण के तार में फंसा आरपीएफ, जबलपुर व कटनी से आए एक्सपर्ट

रेल विद्युतीकरण के तार में फंसा आरपीएफ, जबलपुर व कटनी से आए एक्सपर्ट

Sajal Gupta | Publish: Mar, 17 2019 05:23:33 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

ओएचई वायर चोरी होने का मामला : 25 दिन से अधिकारी जमाये हैं सतना में डेरा

सतना. रेल विद्युतीकरण के तार में इन दिनों रेल सुरक्षा बल फंसा हुआ है। ओएचइ वायर कटने के मामले को जब आरपीएफ आइजी अम्बिकानाथ मिश्रा ने गंभीरता से लिया तो जांच पड़ताल तेज कर दी गई। पिछले 25 दिनों से आरपीएफ की सतना पोस्ट में मण्डल स्तर के अफसरों का डेरा जमा हुआ है। फिर भी तार काटने वाले गिरोह का अभी तक पर्दाफाश नहीं हो सका। जबकि जबलपुर, कटनी और मैहर से भी कई एक्सपर्ट अफसरों को सतना बुलाया गया है। जो गिरोह का पता लगाने में जुटे हुए हं।
संदेहियों ने नहीं कबूला
20 फरवरी की घटना के बाद से ही रेल सुरक्षा बल ने थाना रामपुर बाघेलान पुलिस की मदद लेना शुरू किया। अब तक एक दर्जन से ज्यादा संदेही पकड़े गए। लेकिन चोरी की घटना को किसी ने कबूल नहीं किया। खबर है कि जो संदेही पूछताछ के बाद छोड़े गए उनमें कई ने इलाके से किनारा कर लिया है। घटना स्थल के आसपास गांव में आरपीएफ ने चप्पे-चप्पे को जांचा लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी।
कंपनी ने नहीं लगाए गार्ड
रेल विद्युतीकरण का काम शुरू करने की ठेका शर्तों में इस बात का जिक्र था कि जहां ओएचइ वायर का काम पूरा हो जाए उस वायर को जनरेटर से चार्ज करना है। इसके साथ ही कार्य के दौरान सुरक्षा के लिहाज से निजी कंपनी के सुरक्षा गार्ड लगाने हैं। शुरुआती दौरान में ठेका कंपनी ने लापरवाही बरती तो ओएचइ वायर ब्रेक और चोरी होने के कई मामले सामने आए। सूत्रों का कहना है कि हाल ही में हुई घटना के बाद रेल विद्युतीकरण से जुड़े अफसर और ठेका कंपनी के सदस्यों ने अपनी गलती छिपाते हुए ठीकरा रेल पुलिस पर फोड़ा है। जिसके बाद ओएचइ वायर ब्रेक होने की घटनाएं रेल सुरक्षा बल के गले की फांस बन गईं।
अब असिस्टेंट कमांडेंट डटे
ओएचइ वायर ब्रेक होने के बाद से ही आरपीएफ अधिकारियों का हिनौता, रामवन और बगहाई की ओर दौरा जारी है। वारदात की खबर पाते ही डीआइजी आरपीएफ विजय खातरकर २२ फरवरी को सतना आए थे। इसके अगले दिन प्रभारी आइजी आरपीएफ अंबिका नाथ मिश्रा ने सतना का जायजा लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने भी ओएचइ वायर ब्रेक होने और अपराधियों के नहीं पकड़े जाने पर यहां फटकार लगाई थी। आइजी और डीआइजी के आने के बीच और बाद में कमांडेंट अनिल भालेराव यहां मोर्चा संभाले रहे। अब कटनी से असिस्टेंट कमांडेंट संतोष लाल हंसदा को सतना भेजा गया है।
यह अफसर जांच में जुटे
सूत्रों के अनुसार, रेल सुरक्षा बल ने ओएचइ वायर ब्रेक होने के मामले को पहली प्राथमिकता में लिया है। इस प्रकरण को सुलझाने और अपराधियों तक पहुंचने के लिए क्राइम ब्रांच के निरीक्षक वीरेन्द्र यादव, सतना पोस्ट प्रभारी मान सिंह, उप निरीक्षक एमपी मिश्रा, कटनी के उप निरीक्षक धर्मेन्द्र पटेल, एएसआई मोहन लाल द्विवेदी समेत जबलपुर, कटनी व मैहर पोस्ट के प्रधान आरक्षक व आरक्षकों की टीम लगाई गई है। इन सभी को अलग अलग टीम में बांटते हुए टास्क दिए गए हैं।

 

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