कलेक्टर ने तीन शिक्षकों को किया निलंबित, दो प्राचार्यों को शो-कॉज

कलेक्टर ने तीन शिक्षकों को किया निलंबित, दो प्राचार्यों को शो-कॉज
Collector suspended three teachers, SCN to two principals

Ramashankar Sharma | Publish: Jun, 25 2019 12:50:17 AM (IST) | Updated: Jun, 25 2019 12:53:20 AM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

शैक्षणिक सत्र के पहले दिन किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण
एक सैकड़ा अधिकारियों ने सतना जिले के विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण
विद्यालयों में मचा हड़कम्प, दो दर्जन से ज्यादा शिक्षक स्कूलों से गायब मिले
दजर्न भर से ज्यादा विद्यालय मिले बंद
व्यापक पैमाने पर कार्रवाई की तैयारी

सतना. जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये कलेक्टर सतेन्द्र सिंह ने सख्त रुख अपना लिया है। इसके मद्देनजर उन्होंने शैक्षणिक सत्र के पहले दिन खुद तो विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया ही, एसडीएम, तहसीलदार सहित महिला बाल विकास विभाग सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी टीएल बैठक के बाद सीधे विद्यालयों के लिये रवाना किया। कलेक्टर ने निरीक्षण में लापरवाह मिले तीन शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। साथ ही दो विद्यालयों को प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने सभी विद्यालयों में व्यवस्थाओं के सुधार के सख्त निर्देश दिए।

सबसे पहले कलेक्टर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सितपुरा पहुंचे। यहां बच्चों को बिना गणवेश देख उनसे गणवेश के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बच्चों को पुस्तके भी नहीं बंटने की जानकारी सामने आई। जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और शीघ्र किताबों का वितरण करने के निर्देश दिए। विद्यालय के कुछ हिस्से में पुताई भी नहीं मिली। इस पर प्राचार्य को फटकार लगाई और तत्काल शेष हिस्से की पुताई करने के निर्देश दिए। मध्यान्ह भोजन की स्थिति देखने वहां बने खाद्यान्न को खुद चखा और गुणवत्ता अपेक्षित तौर पर नहीं मिली और तय मीनू के आधार पर भोजन का वितरण भी नहीं पाया गया। इस पर प्राचार्य को किचन के बाहर मीनू लिखने और भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। शिक्षकों का उपस्थिति रजिस्टर चेक करने पर पाया कि बीके पाण्डेय बार-बार अवकाश लेकर कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरत रहे हैं। इस पर इन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए साथ ही शिक्षकों और व्यवस्था में नियंत्रण के प्रति लापरवाही करने वाले प्राचार्य नीरज खरे को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

अतिशेष शिक्षकों को हटाने के निर्देश

शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सलैया के निरीक्षण में कलेक्टर ने यहां कक्षा में बिजली का स्विच दबाया तो बल्व नहीं जला। इस पर प्रधानाध्यापक ने कलेक्टर को बताया कि विद्यालय की कनेक्शन लाइन का तार टूटा है और लाइनमैेन को बताने के बाबजूद वह ठीक नहीं कर रहा है। इसपर कलेक्टर ने विद्युत लाइन ठीक करवाने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए। विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना देखी तो पाया कि यहां तय संख्या से अधिक शिक्षक पदस्थ है। इन अतिशेष शिक्षकों की अन्यत्र पदस्थापना करने के निर्देश जिला शिक्षाधिकारी को दिए।

हस्ताक्षर कर गायब मिला शिक्षक

शासकीय उमा शाला हरदुआ के निरीक्षण में कलेक्टर ने उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करके कार्य से गायब पाए गए सहायक अध्यापक महेन्द्र सिंह को निलंबित करने और बिना ओडी लगाए अंकसूची लेने सतना जाने पर प्राचार्य डीके दुबे को कारण बताओ नोटिस जारी करने डीईओ को निर्देशित किया। स्कूल परिसर में गंदगी पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए पंचायत का सफाई कर्मी स्कूल में भिजवाकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने मोबाइल पर पंचायत सचिव को निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय के हर कक्ष में पंखे लगवाने के निर्देश भी दिए। मध्यान्ह भोजन ना बनाने पर विद्यालय के दो स्वसहायता समूहों को नोटिस जारी करने के भी निर्देश दिए।

शिवराजपुर में भी मिले फर्जी हस्ताक्षर

शासकीय उमावि शिवराजपुर के निरीक्षण में पहुंचे कलेक्टर ने उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर करके कार्य से गायब होने पर शिक्षक कृष्ण तीरथ त्रिपाठी को निलंबित करने के निर्देश दिए। पंखा विहीन कक्षों में पंखा लगवाने और विद्यार्थियों को शेष पुस्तकें बंटवाने के निर्देश दिए।

विद्यार्थियों को स्कूल आने प्रेरित करें

स्कूलों के अपने निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने शिक्षकों से कहा कि वे प्रतिदिन गांव में जाकर विद्यार्थियों के अभिभावकों से बात कर उन्हें बच्चों को स्कूल में भिजवाने प्रेरित करें। इससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ेगी। उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई रखने, स्कूलों को सुंदर बनाए रखने तथा वहां मूलभूत सुविधाएं जुटाने के निर्देश विद्यालय प्रबंधन को दिए। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी टीपी सिंह भी मौजूद रहे।

जिपं सीईओ को बंद मिले 4 विद्यालय

शैक्षणिक सत्र के पहले दिन पठन पाठन व्यवस्था का जायजा लेने निकले जिला पंचायत सीईओ एवं अपर संचालक शिक्षा साकेत मालवीय ने आधा दर्जन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इनमें से चार विद्यालय बंद पाए गए। जिपं सीईओ को स्कूल टाइम में जो विद्यालय बंद मिले उनमें प्राथमिक शाला महुरछ, प्राथमिक शाला बधौरा कोठार, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बढ़ौरा और प्राथमिक शाला खजुरिहा शामिल है। मा. शाला कदैला और मा. शाला सेलहना खुले मिले।

नागौद के दूरस्थ विद्यालय गुंजरिया में गायब मिले शिक्षक

नागौद एसडीएम नितिन टाले ने नागौद तहसील के दूरस्थ विद्यालय गुंजरिया का औचक निरीक्षण किया। यहां पदस्थ 3 शिक्षकों में से 2 शिक्षक बिना सूचना के नदारद रहे। एक शिक्षिका प्राची ब्यास पूरे जून माह में एक भी दिन स्कूल नहीं आईं। दूसरी सुषमा तिवारी सोमवार को बिना सूचना के अनुपस्थित रही। इस दौरान एसडीएम टाले ने यहां बच्चों की क्लास भी ली। उनसे पहाड़ा और जोड़ घटाव के सवाल किए। इसमें 8वीं कक्षा का एक छात्र 7 का पहाड़ा नहीं बता सका। इस पर एसडीएम ने उसका उत्साहवर्धन किया। बच्चों से पूछताछ में पता चला कि यहां मध्यान्ह भोजन का वितरण नहीं किया गया है। बच्चों की उपस्थिति में 89 में 35 विद्यार्थी उपस्थित रहे।

जुड़मानी में गायब मिले शिक्षक
एसडीएम अमरपाटन साधना परस्ते ने जुड़मनिया, किरहाई, चोरखरी और जरमोहरा ग्राम पंचायतों में स्थित 16 विद्यालयों का निरीक्षण किया। जुड़मनिया स्थित विद्यालय में दो शिक्षक बिना सूचना के गायब मिले। हालांकि यहां सफाई दी गई कि वे बता कर गए हैं लेकिन बिना आवेदन के उपस्थिति मान्य नहीं की गई। 2 विद्यालयों को छोड़कर शेष किसी भी विद्यालय में मध्यान्ह भोजन वितरित होना नहीं पाया गया। यहां के स्व सहायता समूहों को बदलने की कार्रवाई की जाएगी।

रामनगर क्षेत्र में भी बंद मिले विद्यालय

जिला महिला बाल विकास अधिकारी सौरभ सिंह ने रामनगर क्षेत्र के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। डेढ़ बजे के लगभग यहां की माध्यमिक शाला बाबूपुर बंद मिली। इसी तरह से यहीं की प्राथमिक शाला कोलान बस्ती भी बंद मिली।

जिले भर में हड़कम्प
जिस तरीके से कलेक्टर ने अपने अधिकारियों को एक साथ औचक तौर पर विद्यालयों के निरीक्षण के लिए भेजा उसके साथ ही जैसे-जैसे अधिकारी विद्यालय पहुंचने लगे इसकी सूचना लगातार फैलती गई। पूरे जिले के विद्यालयों में हड़कम्प की स्थिति बन गई। इसके साथ ही यह पोल भी खुल गई कि जिले में अभी भी काफी संख्या में शिक्षक पठन पाठन में रुचि नहीं ले रहे हैं तो विद्यालय प्रबंधन भी इस दिशा में लापरवाह है। दर्जन भर विद्यालय बंद मिलनी साबित कर रहा है कि लापरवाह शैक्षणिक अमले में अधिकारियों का खौफ नहीं है। हालांकि माना जा रहा है कि जहां-जहां के विद्यालय बंद मिले हैं वहां के प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी साथ ही शिक्षकों पर भी कार्रवाई होगी।

स्कूल जाने का कोई रास्ता नहीं, पेयजल की भी व्यवस्था नहीं
सीईओ जिला सहकारी बैंक के एल रैकवार ने अमरपाटन क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें माध्यमिक शाला डोमा ऐसा विद्यालय रहा जहां तक पहुंचने का कोई भी रास्ता ही नहीं है। यहां तक बच्चों को पहुंचने के लिये गांव से आधा किलोमीटर का सफर करना पड़ता है और वह भी खेतों की मेड़ से। बारिश में यहां पहुंचना काफी मुश्किल होगा। निरीक्षण के दौरान यहां एक भी विद्यार्थी नहीं मिला। शिक्षकों ने बताया कि हैण्डपंप खराब है जिससे पानी नहीं मिल पाता लिहाजा बच्चें वापस चले गए हैं। यहां के शिक्षक अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी बिना सूचना के गायब मिले। हाजिरी रजिस्टर भी नहीं पाया गया। संस्कृत माध्यमिक शाला कुटमी धाम के निरीक्षण में विद्यालय में ताला लटका पाया गया। प्राथमिक विद्यालय भडऱी व ईजीएस डोमा में एमडीएम नहीं मिला। भडऱी में हैण्डपंप बंद पाया गया। डोमा में बच्चे मौजूद रहे और कैरम आदि खेलते मिले। यहां बच्चों को सीईओ ने टाफियां भी दीं।

100 के लगभग अफसरों ने किया निरीक्षण

सतना जिले में स्कूल खुलने के साथ एक साथ अभियान के तहत निरीक्षण करने की सतना जिले में यह अपनी तरह की पहली कार्रवाई रही जिसमें जिले के हर विभाग के प्रमुख अधिकारी सहित हर विकास खण्ड स्तर के पांच अधिकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण में गए। एक औसत संख्या के आधार पर लगभग 100 की संख्या में एक साथ अफसरों ने विद्यालयों का निरीक्षण किया। अगले दिन इनके प्रतिवेदन मिलने पर माना जा रहा है कि काफी संख्या में शिक्षकों पर कार्रवाई तय है।


'' जो भी विद्यालय बंद मिले हैं उनके प्रधानाध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी साथ ही अनुपस्थित शिक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। इसमें निलंबन जैसी कार्रवाई भी शामिल होगी। विद्यालयों का सतत निरीक्षण किया जाएगा। यह भी पाया गया है कि रोड के किनारे के विद्यालयों में काफी संख्या में शिक्षक अतिशेष है। इन्हें अन्यत्र विद्यालयों में पदस्थापना के लिये जिला शिक्षाधिकारी को कहा गया है। देखने में मिला है कि मुख्यालय में न रहकर ज्यादातर शिक्षक जिला मुख्यालय से अप डाउन कर रहे हैं। जिससे विद्यालय भी समय पर नहीं पहुंच रहे और वाहन के हिसाब से विद्यालय छोड़ते हैं। इन सब पर कार्रवाई की जाएगी ''
- सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर

 

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