अर्थ व्यवस्था की डूबती नैया को संभालने की एक और कोशिश

-4 हजार करोड़ के राजस्व बढ़ने का अनुमान
-वाणिज्य कर विभाग ने लागू की वन टाइम सेटलेंट योजना

By: Ajay Chaturvedi

Published: 08 Oct 2020, 03:35 PM IST

सतना. अर्थ व्यवस्था की डूबती नैया को संभालने के लिए वाणिज्य कर विभाग ने एक नई पहल की है। साथ उम्मीद जताई है कि इससे हर तरह के व्यापारियों और उद्यमियों को लाभ पहुंचेगा। इससे देश की डगमगाती अर्थ व्यवस्था के साथ उद्यमियों और व्यापारियों की वित्तीय समस्या का हल निकलने की संभावना जताई जा रही है।

दरअसल वाणिज्यिक कर विभाग ने 6 प्रकार के टैक्स सिस्टम में वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की है। इसके जरिए व्यापारी, कर डिमांड का 50 प्रतिशत जमा करके लंबित प्रकरणों से निजात पा सकेंगे। साथ ही बकाया राशि का भुगतान कर समाधान करना चाहते हैं तो पुरानी राशि जमा कर उस पर लगने वाले पैनाल्टी और ब्याज में छूट मिलेगी। इस योजना से 5 से 15 लाख तक की राशि वाले लंबित प्रकरणों का निबटारा किया जाएगा, जिसके जरिए छोटे, मझौलों के साथ सभी तरह के व्यापारियों को फायदा तो मिलेगा ही सरकार और वाणिज्यिक कर विभाग को करीब 4 हजार करोड़ के राजस्व बढ़ने का अनुमान है।

इन अधिनियमों में होगी वसूली
वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत 6 प्रकार के टैक्स मसलन सामान्य विक्रय कर अधिनियम, वाणिज्य कर अधिनियम, वैट अधिनियम, केंद्रीय विक्रय कर अधिनियम, मध्य प्रदेश होटल व विलास वस्तुओं पर कर और मध्य प्रदेश विलासिता, मनोरंजन, आमोद एवं विज्ञापन कर अधिनियम में वसूली की जाएगी।

विवादित कर से जुड़े ब्याज की गणना इस प्रकार की जाएगी

-ब्याज और जुर्माना के लिए 5 प्रतिशत अगर इस अधिसूचना की प्रभावी तारीख के 60 दिनों तक भुगतान किया जाता है
-इस अधिसूचना की प्रभावी तिथि के 61 से 120 दिनों के बीच भुगतान करने पर 10 प्रतिशत ब्याज और जुर्माना
-निर्विवाद राशि के निपटारे के लिए ब्याज और जुर्माना की गणना इस प्रकार होगी
-10 प्रतिशत राशि का भुगतान किया गया है, तो योजना की प्रभावी तारीख के 60 दिन के अंदर
-20 प्रतिशत राशि के लिए भुगतान 61 से 90 दिनों में किया जाएगा
-30 प्रतिशत राशि के लिए 91 से 120 िदनों में भुगतान किया जा सकेगा

योजना की प्रमुख बातें

1-जांच में यदि आवेदन अधूरा या गलत पाया जाता है तो आवेदन दाखिल करने के 30 दिनों के भीतर सक्षम अधिकारी नोटिस जारी करेंगे
2- 7 दिनों के भीतर सुधार वाला आवेदन अतिरिक्त राशि के साथ कर सकते हैं। ऐसे में अतिरिक्त भुगतान पर कोई ब्याज नहीं देना होगा
3- यदि आवेदक उपरोक्त सूचना का पालन करने में विफल रहता है तो सक्षम अधिकारी आवेदक को सुनवाई का अवसर देने के बाद आवेदन को अस्वीकार कर देगा
4- आवेदन सही है, तो प्राधिकरण आवेदन करने के 75 दिनों के भीतर आवेदन के लिए निबटान आदेश पारित करेगा
5- आवेदन के निबटारे के बाद, आवेदक को पुराने बकाया के संबंध में अधिनियम के तहत अपने दायित्व से छुट्टी दे दी जाएगी

"अधिक से अधिक लोग वन टाइम सेटलमेंट योजना का लाभ उठाएँ, इससे उन्हें कर जमा करने के लिए मिलने वाले अनावश्यक नोटिसों से मुक्ति मिल जाएगी।"-नारायण मिश्रा, डिप्टी कमिश्नर स्टेट जीएसटी

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