SC-ST एक्ट: महज एक नोटिस पर भारत सरकार के इस बड़े अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज?

SC-ST एक्ट: महज एक नोटिस पर भारत सरकार के इस बड़े अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज?

Suresh Kumar Mishra | Publish: Sep, 07 2018 02:54:31 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

एट्रोसिटी: जनपद सीइओ को थाना पुलिस ने भेजा नोटिस, सीइओ ने नोटिस जारी की तो कर दी एससीएसटी एक्ट की शिकायत

सतना। एट्रोसिटी एक्ट के विरोध में जहां लोग सड़क पर उतर रहे हैं वहीं जिले में अनोखा मामला सामने आया है। महज नोटिस जारी करने पर जनपद पंचायत सोहावल के सीइओ के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत थाना आजाक में शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस ने बयान लेने के लिए सीइओ राजीव तिवारी को नोटिस देकर तलब किया है। पुलिस का नोटिस मिलने के बाद अब सीइओ खुद सोच में पड़े हैं कि उन्होंने कब और कैसे अपराध कर दिया?

ये है मामला
जानकारी के अनुसार, जनपद सोहावल के सीइओ राजीव तिवारी के खिलाफ जनपद में पदस्थ स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक विष्णु बागरी ने शिकायत दर्ज कराई है। एससीएसटी एक्ट के तहत दर्ज कराई गई शिकायत में बताया गया है कि जनपद सीइओ तिवारी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं। शिकायत के आधार पर अब पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

कुछ ऐसे हुई शुरुआत
मामले में यह बात सामने आ रही कि विगत सप्ताह संभागायुक्त ने स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा में सोहावल जनपद की प्रगति कमजोर होने पर नाराजगी व्यक्त की थी। मामले में नोटिस भी दिया। इधर इसी मामले पर 27 अगस्त को कलेक्टर ने टीएल बैठक में कमजोर प्रगति वाली पंचायतों की जानकारी तलब की। इसके बाद जिपं सीइओ की समीक्षा में पाया गया कि जिन पंचायतों की प्रगति कम है उसमें से समन्वयक विष्णु बागरी भी एक है। इस पर जनपद सीइओ ने उन्हें फोन लगाया तो संपर्क नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें मैसेज दिया गया कि वे डाटा लेकर आपरेटर के साथ पहुंचे।

कार्य में रुचि न लेने का जवाब मांगा
यह भी संदेशा दिया गया कि जिपं सीइओ बुला रहे हैं। लेकिन विष्णु नहीं पहुंचे। 28 अगस्त को जनपद सीइओ ने उपस्थिति पंजी चेक की फिर विष्णु बागरी को कमजोर प्रगति की नोटिस जारी की। इसमें बिना सूचना अनुपस्थित रहने और कार्य में रुचि न लेने का जवाब मांगा गया था। इसके बाद पता चला कि विष्णु बागरी ने 27 अगस्त व 1 सितंबर को जातिसूचक शब्दों के आरोप में जनपद सीइओ तिवारी की शिकायत थाना आजाक में दर्ज करा दी। ताकि वह सीइओ को उलझाते हुए अपनी लापरवाही से बच सकें। अब सीइओ तिवारी को 7 सितंबर को थाना आजाक में अपना पक्ष रखने के लिए जाना होगा।

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