नगर निगम की साजिश का नतीजा बस स्टैंड में जलभराव, 10 साल से हर बारिश में बनती है बाढ़ की स्थिति

नगर निगम की साजिश का नतीजा बस स्टैंड में जलभराव, 10 साल से हर बारिश में बनती है बाढ़ की स्थिति
Conspiracy result bus stand Flood in satna nagar nigam

Suresh Kumar Mishra | Updated: 25 Jun 2018, 05:10:10 PM (IST) Satna, Madhya Pradesh, India

नगर निगम की साजिश का नतीजा बस स्टैंड में जलभराव, 10 साल से हर बारिश में बनती है बाढ़ की स्थिति

सतना। शहर का मुख्य बसस्टैंड हर बारिश में लबालब हो जाता है। बीते 10 साल में नगर निगम के विद्वान इंजीनियरों ने इसे जलभराव मुक्त नहीं करा सके। जब ज्यादा किरकिरी होने पर जेसीबी व मजदूर लगाकर नाली सफाई का काम शुरू कर दिया। जबकि हकीकत है कि बसस्टैंड में जलभराव एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। इसमें निगम के निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी और स्थानीय रहवासी शामिल हैं। यह खुलासा तकनीकि विशेषज्ञ के साथ इस पूरे क्षेत्र के किए गए सर्वे से हुआ।

इसलिए लबालब होता है बसस्टैंड
बसस्टैंड में जलभराव अकेले बसस्टैंड में बारिश के पानी से नहीं होता, बल्कि यहां ६ वर्ग किमी कैचमेंट का पानी आकर जमा होता है। सिंधी कैम्प तालाब और इससे लगे इलाके का पानी पहले नवरंग पार्क पहुंचता है। यहां बने नाले से बिरला रोड क्रॉस कर बैंक कॉलोनी होते हुए कोलगवां का पानी साथ लेकर बस स्टैंड पहुंचता है। बैंक कॉलोनी और आजाक छात्रावास के पीछे का पानी भी इसी नाली द्वारा बस स्टैंड तक पहुंचता है। जिससे कुछ ही देर में बस स्टैंड लबालब हो जाता है।

इसलिए नहीं होता खाली
बस स्टैंड में जिस व्यापक पैमाने पर पानी जमा होता है और लगातार कैचमेंट एरिया से पानी आ रहा होता है उस पानी को निकलने के लिए जिस बड़े आकार का नाला होना चाहिए वह वर्तमान में नहीं है। वर्तमान में जो जल निकासी की व्यवस्था है वह भी गलत है। गोपाल कॉम्पलेक्स के सामने हाइवे की ओर का नाला पूरी तरह से गंदगी से पटा पड़ा है। इससे पानी आगे नहीं जा पता है। दूसरा बस स्टैंड का पानी निकालने के लिए जो ड्रेन अभी बना है वह ऑटो पार्किंग के हिस्से में मुख्य प्रवेश द्वार के बीच है लेकिन यहां बने उंचे पार्टीशन से पानी इस ड्रेन तक पहुंच ही नहीं पाता है और सड़क पर भरा रहता है।

यह हुई साजिश
1. बैंक कॉलोनी की पुलिया जाम: बैंक कॉलोनी के ठीक पहले मुख्य रोड पर एक पुलिया बनाई गई है। यह पुलिया नवरंग पार्क की ओर से आने वाले पानी को सीधे दूसरी ओर की नाली से जोड़ कर पानी को भरहुत नगर की ओर भेजने के लिए बनाई गई थी। लेकिन नगर निगम के निर्माण अमले और ठेकेदार की मिलीभगत से इसका लेवल इस तरह कर दिया गया कि नवरंग पार्क का पानी सीधा न जाकर बस स्टैंड की ओर जाने वाली नाली में जाने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया के नीचे की नाली का कचरा साफ कर लेवल सही कर आगे की नाली से जोड़ दें तथा बस स्टैंड की दिशा में जाने वाली नाली से इसे ब्लाक कर दें तो सिंधी कैम्प की ओर का पानी बस स्टैंड नहीं जाएगा। आज स्थिति यह है कि पुलिया की दूसरी ओर की नाली सूखी पड़ी है।

2. बैंक कॉलोनी रोड की पश्चिमी नाली गायब: बस स्टैंड से बैंक कॉलोनी जाने वाली रोड की पश्चिमी दिशा की नाली गायब कर दी गई है। पूरे शहर में सैकड़ों ढोके की बनी नाली को तोड़ कर नई नाली स्वीकृत करने वाले निर्माण अधिकारियों को इस नाली की आवश्यकता क्यों नहीं हुई और इसे क्यों नही बनवाया गया यह आज तक समझ के बाहर है।

3. एक ही नाली से पानी: बैंक कॉलोनी रोड पर बस स्टैंड से आगे जाने पर एक पुलिया बनाई गई है। इसका मकसद था कि पूर्वी छोर की नाली को ओवरफ्लो से बचाने के लिए इससे बहने वाले पानी को पश्चिमी नाली में डायवर्ट किया जाया। लेकिन निर्माण अधिकारी और ठेकेदार ने इस पुलिया को बंद कर दिया। लिहाजा, इस पूरे इलाके का आने वाला पानी नाली छोटी होने से ओवर फ्लो होकर सड़क पर बहता है।

4. कई सड़कों में नाली नहीं: बैंक कॉलोनी रोड से भरहुत नगर को जोडऩे वाली कई सड़कों में प्राकृतिक ढलान के बाद भी नाली नहीं बनी। अगर ये बनी होती और पूर्वी नाली से पानी डायवर्ट कर पश्चिमी नाली में गिराकर इसे नाली द्वारा भरहुत नगर मुख्य मार्ग के नाले में लिंक कर देते तो यहां जल भराव नहीं होता।

5. बस स्टैंड कॉम्पलेक्स में खेल: पहले जब फायर ब्रिगेड का ऑफिस था तो बैंक कॉलोनी की ओर से पश्चिमी बनी नाली से आने वाला पानी फायर ब्रिगेड के बगल बनी बड़ी नाली से होकर क्राइस्ट ज्योति की ओर होते हुए बड़े नाले में गिरता था। साथ ही बस स्टैंड के जल भराव के पानी का कुछ हिस्सा इधर से निकल जाता था। लेकिन अब इस नाली को खत्म कर एक नई नाली कॉम्पलेक्स के सामने से बनी नाली में लिंक कर दी गई। इस नई नाली को भी निर्माण विभाग के इंजीनियरों ने ऐसा बनाया कि नई नाली का स्तर पुरानी नाली से ऊंचा कर दिया। लिहाजा, यहां अभी पानी भरा
रहता है।

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