कोर्ट ने एसपी को दिए आदेश, कहा- कोलगवां कोतवाल का दो माह का रोकें वेतन

कोर्ट का वारंट तामील नहीं करना कोलगवां कोतवाल को महंगा साबित हुआ

By: suresh mishra

Published: 22 Jun 2019, 08:21 PM IST

सतना। कोर्ट का वारंट तामील नहीं करना कोलगवां कोतवाल को महंगा साबित हुआ। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी रियाज इकबाल को कोलगवां थाना प्रभारी आरपी सिंह का दो माह का वेतन रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने एसपी को यह भी आदेश दिया कि आहरण और संवितरण अधिकारी को वेतन आहरित नहीं करने के निर्देश जारी किए जाएं।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सतना उमेश कुमार पटेल की अदालत ने कहा कि इस न्यायालय के समक्ष पुलिस थाना कोलगवां के अपराध क्रमांक 227/12 उद्भूत दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 848/12 मप्र राज्य विरुद्ध इंदल सिंह बगैरह वर्ष 2012 से लंबित है। ऐसे पुराने व लंबित प्रकरणों को त्वरित गति से निराकरण किए जाने के संबंध में मप्र उच्च न्यायालय द्वारा कठोर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सुनवाई के लिए 23 जुलाई 2019 की तारीख तय

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 23 जुलाई 2019 की तारीख तय की है। अदालत ने कहा कि कोलगवां कोतवाल आरपी सिंह द्वारा बार-बार वारंट जारी किए जाने के बाद भी तामील/ अदम तामील वापस प्रेषित नहीं किए जा रहे हैं। वापस प्रेषित किए जाने वाले कतिपय वारंट के पृष्ठभाग पर प्राधिकृत मुद्रा भी अंकित नहीं की जा रही है।

थाना प्रभारी ने वारंट तामीली नहीं की

कोलगवां के अपराध क्रमांक 227/12 उद्भूत दाण्डिक प्रकरण क्रमांक 848/12 मप्र राज्य विरुद्ध इंदल सिंह बगैरह मामले में पत्र क्रमांक-82 दिनांक 8 अप्रेल 2019 को जारी किए जाने के साथ ही वारंट प्रेषित किए जाने पर भी थाना प्रभारी कोलगवां ने वारंट तामीली नहीं की, न ही वारंट को अदालत के सामने प्रेषित किया गया।

यह आदेश दिया
अदालत ने एसपी रियाज इकबाल को आदेशित किया कि थाना प्रभारी कोलगवां आरपी सिंह का माह जून और जुलाई 2019 का वेतन रोकें। यदि आवश्यक हो तो आहरण और संवितरण अधिकारी को भी वेतन आहरण न करने के कठोर निर्देश जारी किए जाएं।

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