युवती को धुमाने के बहाने ले जाकर किया बलात्कार, कोर्ट ने सुनाई दस साल कठोर कारावास की सजा

चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय सतना का फैसला

By: Vikrant Dubey

Published: 10 Apr 2019, 07:00 AM IST

सतना. घर से धुमाने के बहाने ले जाकर बलात्कार करने वाले अभियुक्त को चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय ने दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने अभियुक्त को पांच हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दण्डित किया। अभियोजन की ओर से न्यायालय में जिला अभियोजन अधिकारी रामपाल सिंह ने पैरवी की।

अभियोजन प्रवक्ता फखरुद्दीन ने बताया, घटना २० अक्टूबर २०१३ दोपहर २ बजे की है। अभियोक्त्री ने पुलिस थाना कोलगवां में शिकायत दर्ज कराई कि वह घर पर अकेली थी। उसकी मां काम पर गई हुई थी। तभी अजय साकेत और रिंकु साकेत उसके घर पहुंचे। दोनों ने कहा, चलो धूमकर आते हैं। वह अपनी बहन को लेकर दोनों के साथ धूमने चली गई। सभी लोग अभियुक्त अजय की भाभी के घर पहुंचे। तभी अजय अभियोक्त्री को भाभी के बगल घर के में ले गया। जो कि निर्माणाधीन और सुनसान था। रिंकु और उसकी बहन भाभी के यहां बैठे हुए थे। अजय ने जान से मारने की धमकी देकर बलात्कार किया। अभियोक्त्री ने डर के कारण घटना की जानकारी किसी को नहीं दी।

पुलिस में दर्ज कराई शिकायत-
दूसरे दिन जब उसकी मां काम करने वापस घर लौटी तो उसे पूरा घटनाक्रम बताया। जिसके बाद दोनों ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भादसं की धारा ३७६, ५०६ और ३/४ पॉक्सो अधिनियम के तहत अपराध क्रमांक १०३१/१३ दर्ज कर मामले की विवेचना शुरु की। विवेचना पूरी होने के बाद अभियुक्त अजय के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया।

अदालत ने सुनाई सजा
न्यायालय ने अजय उर्फ अज्जू साकेत पिता शिव प्रसाद साकेत उम्र १९ वर्ष निवासी नई बस्ती हनुमान नगर खेरमाई मंदिर के पास थाना कोलगवां, सतना के खिलाफ भादसं की धारा ३७६ के तहत अपराध प्रमाणित पाए जाने पर दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अर्थदण्ड की राशि जमा नहीं किए जाने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतान के निर्देश दिए। इसके अलावा अर्थदण्ड की राशि जमा किए जाने पर अपील अवधि के बाद अन्यथा आदेश पारित नहीं होने पर अभियोक्त्री को पांच हजार रुपए प्रतिकर के रुप में प्रदान करने के आदेश दिए।

Vikrant Dubey
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