भोजन के लिए कतार में खड़े प्रवासी मजदूर की मौत, प्रशासन बोला नेचुरल डेथ है

गुजरात से सीधी जा रहा था युवक, सतना में हुई घटना

By: Sonelal kushwaha

Published: 21 May 2020, 06:54 PM IST

सतना. लॉकडाउन के बीच शुरू पलायन ने एक प्रवासी मजदूर की जिंदगी छीन ली। शहर के सिविल लाइन थाना इलाके में चौपाटी के पास सेंट्रल किचन के सामने बुधवार को एक युवक गश खाकर गिरा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। पहचान जिनेश रावत (२६) पिता राजाराम के रूप में हुई है। वह सीधी जिला के चुरहट थाना अंतर्गत जडिय़ा गांव का रहने वाला था। मृतक अपने ममेरे भाई-भाभी के साथ गुजरात से आया था और सीधी जाने वाला था। सूचना पर कुछ देर बाद पहुंची पुलिस ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

जिनेश रिश्तेदारों के साथ गुजरात के भरूच में मजदूरी करता था। ५० दिन से ज्यादा समय तक भरूच में फंसे होने के बाद मंगलवार को बस से चला। बुधवार सुबह सागर पहुंचा था। सागर से सतना तक दूसरी बस से करीब २ बजे सतना पहुंचे। यहां सेंट्रल किचन के सामने बस ने सवारियों को उतार दिया था। जिनेश ममेरे भाई के साथ खाना लेने जा रहा था, उसी दौरान उचेत होकर गिर गया और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। उसके ममेरे भाई राजू रावत ने पुलिस को बताया कि जिनेश को टीबी की शिकायत थी।

पोस्टमार्टम नहीं कराया
पुलिस के मुताबिक युवक की मौत नेचुरल डेथ है। इसी के चलते पोस्टमार्टम नहीं कराया गया और एबुलेंस से उसका शव गांव भेज दिया गया। सिविल लाइन टीआई अर्चना द्विवेदी ने बताया कि मृत युवक के साथ जो लोग सफर कर रहे थे वे दूर के रिश्तेदार हैं। उनसे सिर्फ यही जानकारी मिली कि जिनेश टीबी का मरीज था, जिसका इलाज काफी दिनों से चल रहा था। हालांकि जिनेश की बीमारी संबंधित कोई दस्तावेज रिश्तेदार पेश नहीं कर पाए।

मौत की जांच हो
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि दिनेश की मृत्यु की जांच होनी चाहिए। आश्चर्य की बात है कि हजारों किमी का सफर कर कोई व्यक्ति सतना पहुंच जाता है फिर अचानक उसकी मौत हो जाती है। एक ओर मुख्यमंत्री ट्वीट कर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को प्रदेश की व्यवस्था देखने की चुनौती देते हैं तो दूसरी ओर सरकार की अकर्मण्यता के कारण दिनेश रावत जैसे गरीब मजदूर दम तोड़ रहे हैं।

जनसहयोग से एम्बुलेंस की व्यवस्था
टीआई ने बताया कि जनसहयोग के माध्यम से एबुलेंस की व्यवस्था कर शव को चुरहट स्थित गांव भेज दिया गया। बताया गया कि मृतक के शव को ले जाने के लिए निजी एबुलेंस चालक दस हजार रुपए की मांग कर रहे थे। बाद में फिर पुलिस ने जन सहयोग से एबुलेंस का इंतजाम किया।

Sonelal kushwaha Reporting
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