बच्चों में डेवलेप करें हेल्दी डाइट हैबिट

मेंटली और फिजिकली ग्रोथ के लिए बचपन से ही डालें हेल्दी खाने की आदत

 

 

By: Jyoti Gupta

Updated: 28 Oct 2018, 10:13 PM IST

सतना. पैरेंट्स बच्चों के खाने को लेकर काफी परेशान रहते हैं। उनका बच्चा कुछ खाता नहीं है, खाता है तो फास्ट फूड या फिर जब तक पैरेंट्स अपने हाथ से नहीं खिलाते तब तक बच्चे भूखे ही रहते हैं। जबकि ये तीनों ही बातें बच्चों के लिए ठीक नहीं हैं। चाइल्ड एक्सपर्ट डॉ. वीके गांधी का कहना है कि जन्म से लेकर पांच वर्ष का समय बच्चे व पैरेंट्स के लिए महत्वपूर्ण होता है। यही वह वक्त होता है जब पैरेंट्स अपने बच्चे में अच्छी आदतों का बीज बो सकते हैं। खासकर खाने के मामले में। इस दौरान आप मेहनत करेंगे तो बड़ा होने पर बच्चा किसी भी चीज के लिए जिद नहीं करेगा। साथ ही बच्चे को सही व गलत खाने का फ र्क भी समझ में आएगा।
दरअसल यह वह उम्र होती है जब बच्चे का मेंटली-फिजिकली विकास तेजी से होता है। इसी उम्र में फैट भी बनना शुरू होता है। ऐसे में अगर आप अपने बच्चे को उसके शरीर की आवश्यकता से अधिक फैट खिलाते हैं तो उसके शरीर में फैट जम जाएगा और बाद के वर्षों में फैट कम करना टेढ़ी खीर हो जाएगा।
बच्चे को खुद से खाने दें

डॉक्टर का मानना है कि एक बार आपका बच्चा चलना शुरू कर दे या करीब एक से डेढ़ साल की उम्र का हो जाए तो उसे माता-पिता के बजाय खुद के हाथों से खाना खाने देना चाहिए। बच्चे में यह आदत विकसित करें कि वह स्वतंत्र होकर खुद से बैठे और खुद से अपना खाना खाए। ऐसा करने से आपका बच्चा न तो खाने में कमी निकालेगा और न ही उसे खाना खिलाने में आपको किसी तरह की परेशानी उठानी पड़ेगी। उसकी प्लेट में जो दिया जाएगा वह उसे बड़े चांव से खाएगा।

बच्चे को न्यूट्रीशंस का महत्व समझाएं
बच्चों को पोषण का महत्व समझाना बेहद मुश्किल है, लेकिन अगर पैरेंट्स चाहें तो रंगों के जरिए बच्चों को इसका महत्व समझा सकते हैं। बच्चों की अच्छी सेहत बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि वह हर दिन सात रंग की चीजें खाएं और इस तरह आप रंगों के जरिए उन्हें पोषण का महत्व समझा सकते हैं। किस रंग का हमारे शरीर के लिए क्या महत्व है इस बारे में बच्चों को बताएं।
खाना बर्बाद न करें

एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चे को अगर आप कोई अच्छी आदत सिखाना चाहते हैं तो उसे खाना बर्बाद न करने की आदत सिखाएं। यह जानकारी दें कि थाली में उतना ही खाना लें, जितना वह खा सकते हैं। इससे दो फ ायदे होंगे। एक तो बच्चा ओवर डाइटिंग का शिकार नहीं होगा, दूसरा खाना बर्बाद नहीं होगा। साथ ही आपका बच्चा मोटापे से भी बचेगा।

पहले अपनी आदत सुधारें
डॉक्टर्स की सलाह है कि पैरेंट्स पहले अपनी बुरी आदतों को सुधारें। बच्चे वही करते हैं जो उसके पैरेंट्स करते हैं। इसलिए अगर बच्चे को अच्छी आदत सिखाना है तो आप अपने अंदर अच्छी आदतों का विकास करें। इसलिए पहले आप हेल्दी खाना खाएं। जैसी लाइफ स्टाइल पैरेंट्स की होगी वैसे ही बच्चों की भी होगी।

Jyoti Gupta
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