अबेर धान खरीदी केंद्र में किसानों से मारपीट, 500 रुपए कमीशन और 10 रुपए बोरा ले रहे तौलाई

धान खरीदी केंद्रों में किसानों के साथ लूट

सतना/ किसानों को उनकी उपज का समर्थन मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की है। जिले में प्रशासन और समितियों की मिलीभगत के कारण किसानों को खरीदी केंद्रों में रतजगा करना पड़ रहा और व्यापारियों को समर्थन मिल रहा है। दरअसल, जिले के खरीदी केंद्रों में समिति प्रबंधकों द्वारा किसानों से खुलेआम लूट शुरू हो गई है।

केंद्रों में कई दिनों से अपनी धान की तौल कराने रतजगा कर रहे किसानों का कहना है कि समिति प्रबंधन 500 रुपए ट्रॉली कमीशन एवं 10 रुपए बोरा तुलाई लेकर व्यापारियों की धान तौल रहे हैं। समितियों की व्यापारियों के साथ साठगांठ के चलते खरीदी केंद्रों में किसानों की उपज की तौल नहीं कराई जा रही। जो किसान कमीशन और तौल कराने पैसा देते हैं सिर्फ उन्हीं की धान तौलाई जाती है जो नहीं देते उन्हें कई दिन तक इंतजार कराया जाता है।

खरीदी केन्द्र में किसान-समिति प्रबंधक का विवाद
कोटर थाना क्षेत्र के अबेर स्थित धान खरीदी केन्द्र में मंगलवार सुबह समिति प्रबंधक व किसान के बीच विवाद हो गया। इस दौरान मारपीट होने के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। किसान सत्यभान सिंह पुत्र राम बहोर सिंह का आरोप है कि सुबह करीब साढ़े 6 बजे जब वह खरीदी केन्द्र में धान लेकर पहुंचा तो समिति प्रबंधक भूपेन्द्र सिंह पुत्र बाबूलाल सिंह ने विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद भूपेन्द्र के पुत्र देवेन्द्र सिंह, साथी भूपेन्द्र सिंह, निवासी करही, धीरेन्द्र सिंह व भूपेन्द्र के दामाद अज्जू सिंह ने मारपीट कर दी। इस संबंध में कोटर थाना में शिकायत करने के बाद पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक के यहां भी आवेदन दिया है। दूसरी ओर समिति प्रबंधक की ओर से भी थाना में शिकायत कराई गई है। दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच कार्रवाही की जा रही है।

सभी केंद्रों में एक जैसे हालात
किसानों से धान तौलाई के नाम पर सभी खरीदी केंद्रों से शिकायतें मिल रही हैं। मंगलवार को रामपुर बाघेलान समिति, जमुना, रेउरा फार्म, अमरपाटन खरीदी केंद्र में किसानों से धान खरीदी के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें मिलीं। आरोप है कि जो किसान प्रति ट्रॉली 500 रुपए कमीशन देते हैं उनकी धान तौल दी जाती है और जो किसान कमीशन नहीं देते उनसे कई दिन इंतजार कराया जाता है।

जांच के नाम पर खानापूर्ति
किसानों के साथ हो रही अवैध वसूली ने प्रशासन द्वारा खरीदी केंद्रों के निरीक्षण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि अधिकारी जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। वे खरीदी केंद्र में जाकर धान उठाव एवं खरीदी के आंकड़े लेकर चलते बनते हैं। अधिकारी खरीदी केंद्र में पड़े किसानों की बात नहीं सुनते।

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suresh mishra Reporting
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