CM ने दिल से में सुनाई सतना के मदन की कहानी, ऐसे दिए सफल होने के सुझाव

सफलता का राज: बताया, कैसे कारखाना लगाकर बन गए सफल उद्यमी

By: suresh mishra

Published: 11 Dec 2017, 12:00 PM IST

सतना। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को 'दिल से' कार्यक्रम के तहत प्रदेशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सतना के मदन सिंह की कहानी सुनाई। उन्होंने ने बताया, राइस मिल मशीन फैक्ट्री में काम करने वाले सामान्य कर्मचारी ने स्वयं का कारखाना लगाया और उद्यमी बन गया। उसका वार्षिक टर्न ओवर दो करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

क्यों न स्वयं का कारखाना लगाया जाए?

दरअसल, सतना शहर के मदन सिंह स्नातक तक पढऩे के बाद स्थानीय स्तर पर राइस मिल मशीन निर्माण कंपनी में तकनीशियन के रूप में काम करने लगे थे। लगभग दो साल काम करने के बाद मन में विचार आया कि क्यों न स्वयं का कारखाना लगाया जाए? लेकिन, पैसा नहीं था। लिहाजा, वे काम करते रहे। लंबे समय तक काम करने के बाद एकत्रित जमा पूंजी से बदखर में प्लॉट खरीदा। उसके बाद छोटा कारखाना डाला। फिर वे धीरे-धीरे काम करना शुरू किए और अब वे करीब दो करोड़ का टर्न ओवर प्रतिवर्ष कर रहे हैं।

लोन ले बढ़ाया काम
कारखाना डालते वक्त पूंजी का अभाव था। लिहाजा, वे बेहतर ढंग से काम नहीं कर पा रहे थे। उसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की जानकारी लेने जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र पहुंचे। वहां से प्रोजेक्ट बनाकर बैंक में जमा किया। टीएफसी की बैठक में बैंक ऑफ बड़ोदा ने प्रोजेक्ट के लिए लोन की स्वीकृति दे दी। उसने 24.७६ लाख रुपए का टर्म लोन व 50 लाख रुपए की कार्यशील पूंंजी स्वीकृत कर दी। मदन ने इससे कारखाने में बड़ी मशीनें लाकर लगा लिए। उसके बाद वे सफलता की ओर बढ़ गए।

अन्य प्रदेशों में मशीनों की सप्लाई
इनके द्वारा बनाई गई राइस फ्लोर मशीनों की सप्लाई मप्र के अलावा छत्तीसगढ़, बिहार, उप्र व नेपाल में भी हो रही है। उनके कारखाने में 15 कर्मचारी काम करते हैं। मांग के अनुसार कारखाना रात-दिन काम कर रहा है।

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