चुनाव ड्यूटी से बचने बनाया था बीमारी का बहाना, मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचत ही मर्ज हो गया गायब

चुनाव ड्यूटी से बचने बनाया था बीमारी का बहाना, मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचत ही मर्ज हो गया गायब

Vikrant Kumar Dubey | Publish: Apr, 17 2019 10:53:53 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 10:56:56 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

लोकसभा चुनाव 2019 : मेडिकल बोर्ड को ३० फीसदी अधिकारी कर्मचारी मिले फिट

सतना. लोकसभा चुनाव ड्यूटी से बीमारी का बहाना बना अधिकारी-कर्मचारी बचना चाह रहे थे। जिला निर्वाचन कार्यालय को खराब तबियत का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी नहीं लगाने, कैंसिल करने का आवेदन दिए गए थे। था। जिला निर्वाचन कार्यालय ने एेसे सभी अधिकारी-कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्णय लिया। बीमार बता रहे अधिकारी-कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड के सामने भेजा गया। इनमें से तीस फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों का मर्ज मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचते ही गायब हो गया।

सूत्रों की मानें तो जिला निर्वाचन कार्यालय को चुनाव ड्यूटी से बचने जिलेभर में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा तबियत खराब होना बता अवकाश के लिए आवेदन दिया। अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश संबंधी आवेदनों की संख्या रककोजाना बढ़ती ही जा रही थी। एेसे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अवकाश प्रदान करने से लोकसभा निर्वाचन कार्य प्रभावित हो सकता था। जिसके चलते जिला निर्वाचन कार्यालय ने मेडिकल बोर्ड के समक्ष स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्णय लिया ।

मेडिकल बोर्ड के सामने पहुंचते ही मर्ज गायब-
जिला निर्वाचन कार्यालय से ५२ अधिकारी-कर्मचारियों को मेडिकल बोर्ड के समाने भेजा गया। जिनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना था। मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ३ अप्रेल १९ से १६ अपे्रल १९ तक कुल ५२ अधिकारी-कर्मचारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। बोर्ड इनमें १५ अधिकारी-कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के लिए फिट पाए गए। वहीं ३७ अधिकारी-कर्मचारियों को बोर्ड ने अनफिट घोषित किया।

बोर्ड के सामने नहीं चल पाया बहाना-
चुनाव ड्यूटी से बचने अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा अवकाश आवेदन में बीमारी संबंधी दस्तावेज भी सलग्न किए गए थे। एेसे में जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा यह तय कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था कि कौन बीमार है या नही। एेसे सभी अधिकारी-कर्मचारियों का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने का निर्णय लिया गया। चिकित्सकों को जांच में फिट मिले सभी अधिकारी कर्मचारियों को जिला निर्वाचन कार्यालय ने चुनाव संबंधी आवश्यक कार्य का जिम्मा संभालने के सख्त निर्देश जारी किए।

ये सबसे ज्यादा पीडि़त-
अवकाश का आवेदन देने वालों में सबसे ज्यादा पीडि़त हृदय संबंधी बीमारी, पक्षाघात, मधुमेह, आर्थो के पीडि़त हैं। अनफि ट पीडि़तों में भी सबसे अधिक संख्या हृदय रोगियों की है। चुनाव में ड्यूटी नहीं लगाने कुल ५२ आवेदन प्राप्त हुए। सबसे ज्यादा आवेदन पुरुष वर्ग के अधिकारी.कर्मचारियों के ३८ आवेदन थे। महिलाओं के महज १४ आवेदन प्राप्त हुए थे। मेडिकल बोर्ड ने जिन अधिकारी-कर्मचारियों को परीक्षण के बाद फि ट घोषित किया इनमें पुरुषों की संख्या सर्वाधिक है।

जिला निर्वाचन को कुल इतने आवेदन मिले
अवकाश के लिए कुल आवेदन-52
अवकाश के लिए कुल आवेदन महिलाएं-14
अवकाश के लिए कुल आवेदन पुरुष-38
मेडिकल जांच में फिट-15
मेडिकल जांच में अनफिट-37

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