नेचर के अनुकूल बना लिया आशियाना

नेचर के अनुकूल बना लिया आशियाना
Environment Day special

Jyoti Gupta | Publish: Jun, 07 2019 01:52:31 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

पर्यावरण दिवस विशेष : बागियां सजाई, सोलर सिस्टम का उपयोग किया और वर्षा जल का संचय कर बन गए पर्यावरण मित्र

सतना. अपना शहर इंडस्ट्रियल शहर है। आए दिन यहां पर नए नए उद्योगों की स्थापना की जा रही है। शहर में विकासकार्य भी चल रहे हैं। कंक्रीट के जंगल तैयार किए जा रहे हैं। पर क्या किसी ने सोचा है कि इन सबकी वजह से पर्यावरण कितना प्रभावित हो रहा है। जबकि प्रकृति का एक नियम है कि जितना आप इससे लें उतनी ही उसकी भरपाई करें। जल स्त्रोत घट गए है। वायु प्रदूषित हो गई है। नाम मात्र की हरियाली बची हुई है। एेसे में क्या हम सबका यह दायित्व नहीं बनता कि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कार्य करें। यह कहना है शहर के पर्यावरण संरक्षण मित्र डॉ. सुद्युुम्न आचार्य का। 74 वर्षीय डॉ. सुद्युम्न बीस वर्ष से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। बस स्टैंड के पीछे स्थित वेदवाणी वितान परषिर के अंदर उन्होंने वाटर हॉर्वेस्टिंग कराया हुआ है। वायु को शुद्ध रखने के लिए ऑक्सीजन युक्त पौधे लगाए हैं यही नहीं बिजली के लिए सोलर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं इस परिसर में आने जाने वाले लोगों को इन तीनों ही व्यवस्थाओं से पर्यावरण संरक्षण में कितनी मदद मिलती है इसकी भी जानकारी देते हैं।

सोलर से रोशन हो रहा घर

उन्होंने अपने घर की छत पर पांच बाई आठ के पांच छोटे छोटे सोलर प्लेट लगाया हुआ। जिससे पूरे घर की लाइट और पंखे हर वक्त संचालित होते हैं। मोबाइल चार्जिंग की भी व्यवस्था इसी से है। उनका कहना है कि शहर के हर घर में अगर सोलर सिस्टम का उपयोग किया जाने लगे तो यकीनन हम पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहतर काम कर पाएंगे।

वाटर हॉर्वेस्टिंग से हर वक्त पानी की होती है सप्लाई

इनके घर में पर्यावरण संरक्षण के लिए वाटर हॉर्वेस्टिंग की भी व्यवस्था है। घर में एक कुआं है जिसमें वाटर हॉर्वेस्टिंग के माध्यम से पूरी बरसात वर्षा का जल संचयन होता है। जिसके चलते उनके यहां हर वक्त पानी उपलब्ध रहता है। उनके घर का हर काम इसी कुंए के पानी से किया जाता है।

बगिया को बनाया सेहत का खजाना

डॉ. प्रद्युम्न ने बताया कि उन्होंने अपने घर के आधे हिस्से में बागिया बनाई हुई है। जिसमें आम,नीम, शीशम, आंवला, बेल, बहेड़ा, अमड़ा औषधीय युक्त पौधों के साथ ही फूल और शो प्लांट पौधे लगा हुआ है। ज्यादातर पौधे ऑक्सिन युक्त है। जिससे उनका घर ही नहीं आस पास के घरों को भी शुद्ध हवा मिलती है।

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