पहले जहर पिला कर बेहोश किया फिर पत्नी के साथ मिलकर घोंट दिया भाई का गला

अवैध संबंधों के शक में की गई थी युवक की हत्या, घटना के बाद आत्महत्या बताने की कोशिश करते रहे आरोपी, रामनगर के गुलवार गुजरा से दम्पति को किया गिरफ्तार

सतना. अवैध संबंधों के शक में पहले जहरीला पदार्थ पिला कर बेहोश किया फिर पत्नी के साथ मिलकर छोटे भाई का गला घोंट दिया। इस वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दम्पति ने गले में फंदा डालकर आत्महत्या दिखने की कोशिश की। पहले तो पुलिस भी यही मान रही थी। लेकिन जब पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर ने अपनी रिपोर्ट दी तो सबके होश उड़ गए। अपने स्तर से पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और फिर साक्ष्यों के आधार पर दम्पति को गिरफ्तार कर लिया। रामनगर थाना क्षेत्र के गुलवार गुजारा का यह मामला है।
पीएम रिपोर्ट के बाद दौड़ी पुलिस
8 जनवरी को रामनगर थाना पुलिस को सूचना मिली कि गुलवार गुजारा में संतोष उर्फ लुल्लु पाल पुत्र धानु पाल ने फांसी लगा ली है। जब पुलिस जांच करने मौके पर पहुंची तो घटना स्थल देखने और शव परीक्षण के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या की बात गले नहीं उतर रही थी। पोस्टमार्टम के बाद जब डॉक्टर ने गला घोंटने से मृत्यु होना बताया तो मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई।
भाई-भाभी से पूछताछ
निरीक्षक दिलीप पुरी ने सीन ऑफ क्राइम यूनिट के साथ इस मामले में सामने आए तथ्यों को साझा किया और जांच आगे बढ़ाई। एसपी रियाज इकबाल, एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी और एसडीओपी मैहर हेमंत शर्मा को इसकी जानकारी देते हुए मौके से जुटाए गए भौतिक साक्ष्य के आधार पर गवाहों से बयान लिए गए। इसके बाद पुलिस ने मृतक के बड़े भाई मोतीलाल पाल व उसकी पत्नी लीला पाल से गहन पूछताछ शुरू की।
जुड़ती गई कड़ी से कड़ी
एक एक कड़ी जोड़कर पुलिस आगे बढ़ी तो पता चला कि मृतक सन्तोष के पूर्व से अवैध संबंध थे। इसकी भनक घटना से कुछ दिन पहले पडऩे पर मोतीलाल ने नाराजगी भी जताई थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से संतोष को जहरीले पदार्थ का सेवन कराया और फिर पति पत्नी ने मिलकर उसका गला घोंट दिया गया। साजिश के तहत साक्ष्य मिटाने की कोशिश एवं हत्या कर आत्महत्या सिद्ध करने की साजिश की गई। हत्या की गुत्थी सुलझने पर पुलिस ने आरोपी दम्पति को आइपीसी की धारा 302, 201, 34 के आरोप में गिरफ्तारी कर लिया। दोनों आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जहां से इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
इस टीम को मिली सफलता
हत्या की यह गुत्थी सुलझाने में रामनगर थाना प्रभारी निरीक्षक डीके पुरी के साथ एसआइ विक्रम आदर्श, एएसआइ पंचरत्न द्विवेदी, पीएसआई सोमेन्दु दत्ता, प्रधान आरक्षक बृजभान सिंह, आरक्षक रामसुरेश, जितेंद्र, शंभू रॉय, महिला आरक्षक प्राप्ति गौतम व दीपिका की अहम भूमिका रही।

Dhirendra Gupta Desk
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