महिला चिकित्सक ने फर्जी मेडिकल से लिया अवकाश

सिविल अस्पताल अमरपाटन का मामला... सीएमएचओ ने मामले पर डाला पर्दा

By: Pushpendra pandey

Published: 23 May 2020, 07:24 PM IST

सतना. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सिविल अस्पताल अमरपाटन में पदस्थ्य महिला चिकित्सक ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर अवकाश लिया था। जांच में मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जीवाड़ा प्रमाणित पाने पर एनएचएम डायरेक्टर ने महिला चिकित्सक को संविदा समाप्त करने का नोटिस जारी कर कलेक्टर के माध्यम से जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। लेकिन सीएमएचओ ने कलेक्टर को बाइपास कर कार्रवाई की बजाय पर्दा डाल दिया।
सिविल अस्पताल अमरपाटन में पदस्थ महिला चिकित्सक मनीषा पाण्डेय की लोकसभा चुनाव में ड््यूटी लगाई गई थी, लेकिन महिला चिकित्सक ने ड्यूटी स्थल पर उपस्थिति ही दर्ज नहीं कराई। कार्यस्थल पर भी बिना सूचना अनुपस्थित रहीं। इसके बाद में महिला चिकित्सक द्वारा ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अमरपाटन को स्वास्थ्य खराब होने की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद तत्कालीन सीएमएचओ ने महिला चिकित्सक को कहा कि यदि स्वास्थ्य खराब है तो आवेदन के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट भी संलग्न करें। तब महिला चिकित्सक ने गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के प्राध्यापक मेडिसिन विभाग डॉ वीके नंदमेर द्वारा जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट सीएमएचओ दफ्तर को उपलब्ध कराया ।

सामने आया सच
महिला चिकित्सक ने जो सर्टिफिकेट प्रस्तुत किया, जिसमें हस्ताक्षर एसोसिएट प्रोफेसर के थे पर मुहर असिसटेंट प्रोफेसर की लगी थी। एेसे में स्वास्थ्य अधिकारियों को संदेह हुआ। तब तत्कालीन सीएमएचओ ने डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल को पत्र लिखकर सर्टिफिकेट को प्रमाणित करने का अनुरोध किया।

हमने जारी नहीं किया सर्टिफिकेट
सीएमएचओ का पत्र मिलने के बाद गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन ने प्रो. डॉ वीके नंदमेर से जवाब मांगा। इस पर प्रोफेसर एेसे किसी भी प्रमाण पत्र को जारी करने अनभिज्ञता जाहिर की। हस्ताक्षर को कू टरचित बताया। जब डीन का जवाब सतना पहुंचा तो तो स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार भी सकते में आ गए। तत्कालीन सीएमएचओ ने कलेक्टर के संज्ञान में मामले को लाया। कलेक्टर ने सेवा समाप्ति की अनुंशसा कर मिशन संचालक को पत्र लिखा। इसी दौरान एक बड़ा बदलाव हुआ और सीएमएचओ का प्रभार डॉ अशोक कुमार अवधिया को मिला। तब से कोई कार्रवाई नहीं हुई।

महिला चिकित्सक के पति उसी कॉलेज से कर रहे थे पीजी
महिला चिकित्सक द्वारा जिस अवधि का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट सीएमएचओ कार्यालय में प्रस्तुत किया गया था उस अवधि में महिला चिकित्सक डॉ मनीषा पाण्डेय के पति डॉ सोमप्रकाश पाण्डेय गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में ही पीजी कर रहे थे।

Pushpendra pandey Desk
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