एक सचिव का वित्तीय प्रभार छीना, दूसरे को किया निलंबित

गड़बड़झाले पर जिपं सीईओ ने की कार्रवाई

By: Ramashanka Sharma

Published: 18 Feb 2020, 01:12 AM IST

सतना. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के निर्माण कार्यों के लिए राशि निकाल कर खुर्दबुर्द करने वाले पंचायत सचिवों पर जिपं सीईओ की कार्रवाई लगातार जारी है। इन सभी पर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ही राशि वसूली की कार्रवाई भी की जा रही है। ऐसे ही मामलों की सुनवाई में जिपं सीईओ ऋजु बाफना ने एक सचिव का वित्तीय प्रभार हटा दिया है, साथ ही एक सचिव को निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत जनपद मझगवां की 84 ग्राम पंचायतों के न्यायालयीन प्रकरणों की सुनवाई जिपं सीईओ बाफना ने की। इसमें 41 ग्राम पंचायतों की पेशी में सर्व शिक्षा अभियान के निर्माण कार्यों के मामले शामिल थे, तो शेष 43 ग्राम पंचायतों में अन्य निर्माण कार्यों के मामले शामिल रहे। ग्राम पंचायत केल्हौरा की सुनवाई में पाया कि यहां के सचिव दिनेश गौतम लगातार कहे जाने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं करवा पा रहे हैं। यहां मामले की गंभीरता को देखते हुए जिपं सीईओ ने गौतम से वित्तीय प्रभार हटा दिया है। इसी तरह ग्राम पंचायत देवरा के मामले में सुनवाई की गई। पाया गया कि यहां का सचिव लालमन साकेत लगातार निर्देश के बाद भी काम पूरा नहीं कर रहा है। इस संबंध में जिपं सीईओ ने इन्हें काम पूरा कराने के लिये पर्याप्त समय भी दिया लेकिन इसके बाद भी सचिव ने काम पूरा नहीं किया। इस पर जिपं सीईओ ने सचिव लालमन को निलंबित कर दिया।

जनपद सीईओ को दिए निर्देश

पेशी में कई ग्राम पंचायतों के सचिव और सरपंच उपस्थित नहीं हुए। यह जानकारी भी सामने आई कि संबंधितों को जानकारी नहीं मिल सकी है, जिस पर जिपं सीईओ ने जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि अगली पेशी में अनुपस्थित ग्राम पंचायतों के सरपंच सचिवों को आदेश तामील कर उपस्थित कराना सुनिश्चित करें। सर्व शिक्षा अभियान के मामले में जिपं सीईओ ने सर्व शिक्षा अभियान के सहायक यंत्री विनायक तिवारी को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर संबंधित निर्माण कार्यों का मूल्यांकन कर अपडेट रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

Ramashanka Sharma
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