शिकंजा: SATNA एसपी ऑफिस में आग लगाने वालों पर 5 हजार का इनाम

सीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम का गठन, एसपी दफ्तर की बढ़ाई सुरक्षा, अब सशस्त्र गार्ड करेंगे निगरानी।

By: suresh mishra

Published: 13 Sep 2016, 05:54 PM IST


सतना।
पुलिस अधीक्षक दफ्तर में आगजनी की घटना को अंजाम देने के मामले में आरोपियों पर 5 हजार का इनाम घोषित किया गया है। इतना ही नहीं मामले की जांच के लिए सीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यी टीम का गठन किया गया हे। वहीं पुलिस अधीक्षक के दफ्तर समेत आसपास परिसर में निगरानी करने के लिए सशस्त्र गार्ड तैनात की गई है।

आगजनी की घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से इस संबंध में निर्देश जारी होते ही अमल शुरू कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में गश्त करने के लिए एसएएफ (स्पेशल आम्र्स फोर्स) के जवान लगाए गए हैं।

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जो अंधेरा होते ही सूरज निकलने तक चप्पे चप्पे पर नजर रखेंगे। वहीं आगजनी की घटना जानकारी देने वालों पर 5 हजार का ईनाम भी घोषित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, स्टेशनरी रूम में आगजनी की घटना के बाद विभागीय अधिकारियों ने यह माना है कि बाहर की ओर से तत्वों ने आग लगाई थी।

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जिसके चलते पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने पांच हजार का ईनाम घोषित किया है। इसके साथ ही सीएसपी सीताराम यादव के नेतृत्व में पांच सदस्यी टीम का गठन किया गया है। वहीं कार्यालय में भविष्य में घटना का दोबारा न हो इसके लिए एसएएफ का एक-चार का बल सुरक्षा के लिए लगाया गया है। इनकी ड्यूटी लाइन के क्वार्टर गार्ड की तरह होगी।

आस पास परिसर में नजर
शाम 6 बजे से सुबह 9 बजे तक हर रोज यह गार्ड सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी। बताया जा रहा है कि एसपी मिथलेश शुक्ल ने घटना के बाद जायजा लिया था और आस पास परिसर में नजर फेरी थी। तब उन्हें पुलिस परेड ग्राउण्ड में कई जगह शराब की बोतलें नजर आईं। जबाव तलब करने पर संतुष्ट उत्तर न मिल पाने से उन्होंने सशस्त्र गार्ड लगाने के निर्देश दिए। ताकि असामाजिक तत्व परिसर में प्रवेश न कर सकें।

छत पर रहेगा संतरी
मानवीय परामर्श केन्द्र की छत पर संतरी के रुकने की व्यवस्था की गई है। इस एसएएफ गार्ड को फोकस टार्च और लाउड एलर्ट सिस्टम दिया गया है। टार्च के सहारे यह पुलिस अधीक्षक कार्यालय और परिसर पर दूर तक नजर रख सकेंगे और माइक सिस्टम से जरूरी निर्देश प्रेषित कर सकते हैं।

कोडवर्ड में करेंगे बात
सुरक्षा के लिए लगाई गई एसएएफ गार्ड रात के वक्त अपने तय कोड वर्ड में ही बात करेगी। ताकि कोई व्यक्ति इनकी भाषा न समझ सके। इस बल को फ्री हैण्ड रखा गया है। परिसर के दायरे में अगर इन्हें किसी व्यक्ति पर संदेह होता है तो पूछताछ करेंगे और संतुष्ट जवाब न मिलने पर अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकते हैं।
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