यहां खनिज नियम को ताक पर रख बना रहे फ्लाईओवर

यहां खनिज नियम को ताक पर रख बना रहे फ्लाईओवर

राजस्व का हो रहा नुकसान, अवैध खनन को मिल रहा बढ़ावा

 

सतना. सेमरिया चौक पर बन रहे फ्लाईओवर निर्माण में खनिज नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। इसके चलते राजस्व का नुकसान हो रहा है। अवैध खनन को बढ़ावा भी मिल रहा है। निर्माण के लिए कितनी मात्रा में गिट्टी, रेत व मुरुम का उपयोग हुआ? विभाग के हिस्से में कितनी रायल्टी आई? खनिज विभाग नहीं जानता है। इसके पीछे बड़ा कारण है कि आज तक भौतिक सत्यापन ही नहीं किया गया है।

अनुमति लेना अनिवार्य
खनिज नियमों की बात करें तो ऐसे प्रोजेक्ट के लिए मप्र अवैध उत्खनन परिवहन व भंडारण नियम 2006 के तहत भंडारण अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके बाद खनिज विभाग हर तीन माह में उपयोग हो रहे खनिज का भौतिक सत्यापन करता है। उसी आधार पर संबंधित विभाग ठेका कंपनी का भुगतान करता है। सतना में इस नियम को ताक पर रख दिया गया है। फ्लाईओवर का निर्माण कर रही ठेका कंपनी स्काईलार्क ने आज तक भंडारण अनुमति नहीं ली है। दूसरी ओर खनिज विभाग ने आज तक भौतिक सत्यापन नहीं किया है। न ही नियम तोडऩे के लिए नोटिस जारी किया गया। उल्टा, जिला प्रशासन कंपनी पर मेहरबानी दिखाता रहा और मॉनीटरिंग एजेंसी सेतु निगम की रिपोर्ट पर करोड़ों का भुगतान जारी है।

विभाग की लापरवाही
मामले में खनिज विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। काम शुरू हुए करीब एक साल हो चुके हैं। ठेका कंपनी ने सेमरिया चौक पर काम करने के साथ-साथ रामटेकरी क्षेत्र में साइट विकसित किया है। वहां बड़े पैमाने पर गिट्टी, रेत व मुरुम का उपयोग हो रहा है। लेकिन, खनिज विभाग ने आज तक मामले में संज्ञान नहीं लिया। ऐसे प्रोजेक्ट में विभाग द्वारा लापरवाही करने से रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है। अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है।

कराएंगे जांच
सतना खनिज अधिकारी पीपी राय ने बताया कि विभाग से भंडारण अनुमति नहीं ली गई है। मामले की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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