SATNA : सोशल मीडिया में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर बेचने का झांसा देकर करते थे ठगी

कोरोना काल में कुछ मानवता विरोधी तत्व निजी स्वार्थ के लिए धोखाधड़ी में उतर आए हैं। ऐसा ही मामला सतना में सामने आया है, जहां के कुछ युवक सोशल मीडिया में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर बेचने का झांसा देकर लोगों से लाखों की ठगी कर रहे थे। मामला संज्ञान में आने पर पुलिस ने धरपकड़ शुरू कर दी है।

By: Ramashanka Sharma

Updated: 12 May 2021, 11:24 AM IST

सतना. कोरोना आपदा काल में भी कुछ ऐसे तत्व सक्रिय हो गये हैं जो पीडि़त मानवता की सेवा करने के बजाय उनसे ठगी कर काली कमाई में जुटे हैं। ऐसा ही मामला सतना शहर के युवाओं का सामने आया है। इन लोगों ने उड़ीसा के छद्म पते के आधार पर सोशल मीडिया में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर बेचने का विज्ञापन जारी किया। कोविड हेल्प से संबंधित आनलाइन प्लेटफार्म में इनका विज्ञापन देख गुडग़ांव के एक युवक ने इनसे संपर्क किया। उससे डेढ़ लाख रुपये लेने के बाद इन लोगों ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। युवक को जब अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो उसने संबंधित खाते के आधार पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह खाता और बैंक सतना का है। लिहाजा इसकी शिकायत सतना पुलिस से की है। इस शिकायत के आधार पर सतना पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है और कुछ लोगों को पूछताछ के लिये बुलाया भी है।

गुड़गांव के युवक से की ठगी

इस मामले में ठगी के शिकार हुए सौरभ अरोरा की परिचित दीक्षा ने पत्रिका को बताया कि कोविड की वजह से सौरभ को ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की आवश्यकता थी। गुड़गांव में कंसन्ट्रेटर नहीं मिल रहे थे। लिहाजा कोविड हेल्प नाम से चल रहे सोशल मीडिया प्लेटफार्म में तलाश शुरू की। जिस पर उड़ीसा के एक डीलर के पते पर ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर उपलब्ध होना पाया गया। उस नंबर पर संपर्क किया गया। उसने अपना नाम काशी कुमार पाटनिक बताया। फर्म का नाम भुवनेश्वरी इंटर प्राइजेज, 575 सी, नियर दमयंती अपार्टमेंट बेहेराशाही नायापल्ली भुवनेश्वर बताया। कंसन्ट्रेटर की उपलब्धता बताते हुए उसने एडवांस में रुपये मांगे और कहा कि इसके बाद कंसन्ट्रेटर भेज दिया जाएगा। चूंकि इन दिनों आनलाइन में एडवांस लिया जा रहा है। लिहाजा हालात के मद्देनजर उसके बताए बैंक अकाउंट पर राशि जमा करा दी। तब संबंधित ने कहा कि अगले दिन कंसन्ट्रेटर डिलेवर कर दिया जाएगा।

पैसा पाने के बाद बंद हो गया नंबर

उसके बाद अगले दिन संपर्क करने पर उसका नंबर बंद मिला जो लगातार बंद आ रहा है। जब यह तय हो गया कि उनके साथ ठगी हो गई है तो गुड़गांव में साइबर सेल को सूचना दी। संबंधित बैंक अकाउंट 2489******134 और आईएफएससी कोड सीएनआरबी0002489 में राशि जमा कराई गई। इसकी शिकायत करने पर पता चला कि यह बैंक अकाउंट सतना शहर के केनरा बैंक का है जो किसी शुभम चौरसिया के नाम का है। दीक्षा ने पुलिस से इतर एक सरकारी अफसर को फोन पर यह भी बताया था कि उसने तीन दिन पहले नगर पुलिस अधीक्षक को इसकी सूचना दी थी। अपेक्षित कार्रवाई न होते देख पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी है।

एसपी ने सूचना मिलने पर शुरू की कार्रवाई

इधर पता चला है कि जैसे ही पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल इस मामले की जांच प्रारंभ करवा दी है। पुलिस प्राथमिक जांच में आरोपियों तक पहुंच गई है। पूछताछ के लिए जीवन ज्योति कॉलोनी निवासी युवक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। इसी तरह दो अन्य युवकों को भी थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस ने अभी इस मामले में चुप्पी साध रखी है।

शहडोल नंबर का भी था वाहन

जीवन ज्योति कॉलोनी से जिस युवक को उठाया गया है उसके पड़ोसियों ने बताया कि तीन गाड़ियों में पुलिस पहुंची थी। उसमें एक वाहन एमपी 18 शहडोल नंबर का भी था। उधर शहडोल पुलिस ने रेमडेसिविर कालाबाजारी में कुछ लोगों को पकड़ा है।

जिलाबदर के साथ दिखा फरार आरोपी

जानकारों ने यह भी बताया है कि पुलिस को जीवन ज्योति कॉलोनी के जिस युवक की तलाश है वह फरार हो गया है। लेकिन यह युवक शाम 7 बजे के करीब खेरमाई रोड से लगे इलाके में एक जिला बदर अपराधी के साथ देखा गया है।

Ramashanka Sharma
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