बड़े काम की गार्लिक , टेस्ट और हेल्थ के लिए फॉरएवर बेस्ट

गार्लिक डे स्पेशल: इसके बिना रसोई से रेस्टोरेंट तक अधूरा, औषधि में होती है उपयुक्त

By: Jyoti Gupta

Updated: 19 Apr 2020, 11:26 PM IST

सतना. भारतीय व्यंजन अपने ला-जवाब जायके के लिए जाने जाते हैं। यहां भोजन में कई खास चीजों को प्रयोग किया जाता है, जिसमें एक नाम लहसुन का भी है। यह अपनी तेज गंध और अद्भुत स्वाद के लिए जाना जाता है। भोजन का जायका बढ़ाने के अलावा, लहसुन अपने औषधीय गुणों के लिए भी लोकप्रिय है। वैसे भी किचन में बनने वाली सिंपल दाल हो या फि र रेस्टारेंट में बनने वाली ग्रेवी वेजीटेबल, पिकनिक के दौरान तैयार किया जाने वाला सबका फेवरेट डिश चोखा इसमें जब तक गार्लिक का तड़का न लगाया जाए तो स्वाद कुछ फ ीका- फ ीेका सा रहता है। यही वजह है कि शहर के अधिकतर घरों में गार्लिक जरूर मिल जाएगी। जिला अस्पताल के डाइटिशियन डॉ. जीएस तिवारी का कहना है कि यह केवल खाने में इस्‍तेमाल होने वाला एक पदार्थ नहीं है, बल्कि यह एक गुणकारी दवा भी है। उससे जुकाम, फ्लू, रक्तचाप, कैंसर से बचाव के गुण पाए जाते हैं। सर्दियों के दिनों में गार्लिक जरूर इस्तेमाल की जाती है। क्योंकि इसकी तासीर गर्म होने के कारण यह ठंड को दूर करने का कुदरती उपाय है। शहर के डॉक्टर सर्दियों में गार्लिक के सेवन करने को कहते हैं। सबसे बड़ी बात आज के दौर में तो हर किसी को कोरोना का डर सता रहा है। इसलिए जिन घरों में छोटे बच्चे हैं उन बच्चों को दूध में गार्लिक उबालकर पिलाने की बात कहते हैं जिससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती हैं।

लहसुन के कुछ रोचक तत्व
- दुनियाभर में लहसुन की 300 से भी ज्यादा किस्में हैं ।
- 19 अप्रैल को राष्ट्रीय लहसुन दिवस मनाया जाता है।

- पहले और दूसरे विश्व युद्ध में लहसुन को एंटीसेप्टिक की तरह घाव के संक्रमण के लिए उपयोग किया गया था।
- लहसुन को सिरका और नींबू के रस के साथ मिलाकर डिसइनफेक्टेंट की तरह उपयोग किया जा सकता है।
-प्राचीन ग्रीस में शादी समारोह में लहसुन और अन्य जड़ी बूटियों से बने गुलदस्ते दिए जाते थे।
- ग्रीक और रोमन के सैनिक युद्ध से पहले लहसुन का सेवन किया करते थे।

लहसुन के औषधीय गुण
एक समय था, जब आज की तरह जगह- जगह दवा की दुकानें नहीं होती थीं। उस समय लहसुन का इस्तेमाल आयुर्वेदिक उपचार में किया जाता था। लहसुन एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- बैक्टीरियल, एंटी-फ ंगल और एंटी-वायरल गुणों से भरपूर होता है । इसमें एलीसीन और सल्फ र यौगिक मौजूद होते हैं। साथ ही लहसुन में एजोइन और एलीन जैसे यौगिक भी मौजूद होते हैं, जो लहसुन को और ज्यादा असरदार औषधि बना देते हैं। इन तत्वों और यौगिकों की वजह से ही लहसुन का स्वाद कड़वा होता है, लेकिन यही घटक लहसुन को संक्रमण दूर करने की क्षमता भी देते हैं।

इसके हैं फायदे अनेक
- वजन घटाने में सहायक
- हाई ब्लड प्रेशर को करती है स्थिर
- कोलेस्ट्रॉल की रोकथाम के लिए लाभकारी
- हृदय को स्वस्थ रखने में मददगार
- मधुमेह के लिए लहसुन का उपयोगी - दमा के मरीजों के लिए बेहतर
- सर्दी, जुकाम और बुखार को करता है ठीक
- हड्डियों और गठिया का जोखिम कम करती है।
- फैटी लिवर की समस्या होती है कम
- रोग- प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक

लहसुन के पौष्टिक तत्व
पौष्टिक तत्व - प्रति 100 ग्राम
वॉटर पानी- 58.58 ग्राम
एनर्जी- 149 केसीएल
प्रोटीन- 6.36 ग्राम
टोटल लिपिड फैट - 0.5 ग्राम
ऐश- 1. 5 ग्राम
कार्बोहायड्रेट 33. ०6 ग्राम
फ ाइबर- 2.1 ग्राम
शुगर- 1 ग्राम
कैल्शियम - 181 मिलीग्राम
आयरन- 1.7 मिलीग्राम
मैग्नीशियम - 25 मिलीग्राम
फ ास्फ ोरस- 153 मिलीग्राम
पोटेशियम- 401 मिलीग्राम
सोडियम- 17 मिलीग्राम
जिंक- 1.16 मिलीग्राम
कॉपर- 0.२99 मिलीग्राम

एेसे लाएं उपयोग में
- भोजन में सीमित मात्रा में लहसुन को शामिल कर सकते हैं।
- हर रोज खाली पेट कच्ची या सूखी लहसुन की कली का सेवन कर सकते हैं। उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
- चाहें तो एक या दो लहसुन की कलियों को बारीक काटकर पालक की स्मूदी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं। यह कच्चा लहसुन खाने का तरीका थोड़ा अलग है।
- लहसुन को रोज सब्जी या सूप में डालकर भी खा सकते हैं।
- आप गार्लिक टी यानी लहसुन की चाय भी पी सकते हैं।
- लहसुन की कुछ कलियों को घी में भूनकर भी खा सकते हैं।

Jyoti Gupta
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