हद हैः जेल में बिक रहा गांजा, अफसरों की मिलीभगत से अरसे से चल रहा खेल

-अधिकारियों के बीच तनातनी में हो गया इसका खुलासा

By: Ajay Chaturvedi

Published: 07 Jun 2020, 03:10 PM IST

सतना. जेल में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है। इस कारोबार में प्रहरी से लेकर उच्चाधिकारियों तक के शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है। ऐसा नहीं कि ये कारोबार हालफिलहाल शुरू हुआ हो। बताया जा रहा है कि यह अरसे से चल रहा है। इन दिनों जेल में अफसरों के बीच गुटबाजी शुरू हो गई है, जिसके चलते इस गोरखधंधे का खुलासा हो गया।

बताया जा रहा है कि सेंट्रल जेल सतना में मादक पदार्थों की बिक्री का कारोबार बेखौफ हो कर चल रहा है। इसमें जेल प्रशासन के बड़े अफसरों की भी मिलीभगत रही। इसके तहत ही बंदी से लेकर रक्षक तक बंदियों तक मुंहमांगे दाम पर मादक पदार्थ पहुंचाते रहे हैं। बड़े अफसरों का संरक्षण प्राप्त होने के चलते ऐसे बंदियों की तलाशी तक नहीं होती। लेकिन इन दिनों जेल में अफसरों के बीच गुटबाजी सामने आई है। ऐसे में एक बंदी सुखचैन की तलाशी ले ली गई जिसमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। तलाशी एक प्रहरी ने ली।

घटना के बाबत बताया जा रहा है कि एक बंदी की तलाशी में जब उसकी जेब से गांजे की पुड़िया बरामद हुई तो पूछताछ शुरू हो गई। पता चला कि बंदी को एक जेल के ही प्रहरी ने गांजा उपलब्ध कराया है। इसकी कीमत 75 हजार रुपये प्रति किलो की दर से वसूली गई है। जेल में बंदी के पास से गांजा मिलने की सूचना बाहर न आने पाए इसकी हर संभव कोशिश की गई लेकिन बात बनी नहीं। ऐसे में जेल अधीक्षक नरेंद्र सिंह तोमर को गांजा देने वाले प्रहरी सुशांत सोधिया को निलंबित करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह प्रहरी जिम्मेदार अफसरों का खास है, इसी वजह से इसकी तलाशी नहीं होती।

घटना के संबंध में बताया यह भी जा रहा है कि 5 जून की रात 2 से सुबह 6 बजे के बीच नवीन आमद रखने के लिए प्रहरी सुशांत की ड्यूटी आइसोलेशन सेक्टर में लगी। आइसोलेशन सेक्टर में सुबह 6 से 8 बजे तक ड्यूटी करने के लिए बंदी सुखचैन उर्फ छोटू कोल पहुंचा तो प्रहरी ने छोटू को गांजा उपलब्ध कराया। ड्यूटी पूरी कर जब छोटू नवीन खंड के शारवा सेक्टर 3/5 की ओर जा रहा था तभी नवीन खंड फाटक पर तैनात बंदी रक्षक महेंद्र तिवारी ने छोटू की तलाशी ले ली। तलाशी के दौरान छोटू के दाहिने पैर के घुटने के नीचे पॉलीथिन में बंधा गांजा बरामद हुआ। गांजा ज्यादा था लेकिन जेल प्रबंधऩ ने महज 20 ग्राम ही दर्शाया है।

नवीन खंड चक्कर के प्रहरी द्वारिका प्रसाद चतुर्वेदी ने गांजा बरमादगी की खबर सुन कर पूछताछ की तो छोटू ने प्रहरी सुशांत से 1500 रुपये में 20 ग्राम गांजा लेना स्वीकार किया। ऐसे में प्रहरी को निलंबित कर दिया गया है।

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