पुलिस के जाल में फंसे हाइवे के लुटेरे

हाइवे में लूट करने वाले दो गिरोह का पर्दाफास, एसपी ने किया मामलों का खुलासा, आरोपियों से हथियार समेत बाइक व जीप जब्त, दो थानों की पुलिस ने पकड़े पांच आरोपी

By: Dhirendra Gupta

Published: 04 Apr 2019, 11:12 PM IST

सतना. शहर से लगे स्टेट हाइवे में बाइक सवारों को लूटने वाले दो गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से हथियार, लूट के मोबाइल फोन व बाइक बरामद की गई हैं। इन बदमाशों की हरकतों का खुलासा गुरुवार को एसपी रियाज इकबाल ने किया है। इस दौरान एडिशनल एसपी गौतम सोलंकी, सीएसपी विजय प्रताप सिंह समेत बदमाशों को पकडऩे वाली पुलिस टीम मौजूद रही।

पहला गिरोह

एसपी ने बताया, 3 अप्रैल को बदमाशों की धरपकड़ के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत थाना उचेहरा के बहुली तिराहा रेस्ट हाउस के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा जो पुलिस को देख कर भागने लगा। पुलिस ने घेर कर पकड़ा तो उसने खुद को सिद्धू चौधरी पुत्र बुद्धा चौधरी (30) निवासी पौड़ी थाना नागौद का होना बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 12 बोर का एक देसी कट्टा एवं एक जिंदा कारतूस जब्त किया गया। आम्र्स एक्ट की कार्रवाही करते हुए आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने कबूल किया कि 9 मार्च को ग्राम अतरवेदिया के पास नागौद से उचेहरा रोड में अपने 3-4 अन्य साथियों के साथ लूट की घटना को वह अंजाम दिया है। उसने अपने साथी सद्दाम हुसैन पुत्र मोहम्मद शफीक (25) निवासी कुलगढ़ी थाना नागौद, हेमंत चौधरी पुत्र छोटे लाल चौधरी (21) निवासी बीरपुर थाना नागौद समेत अन्य दो साथियों के नाम पुलिस को बताए।

बरामद किए गए वाहन

लूट की एक घटना का पता चलने के बाद एसडीओपी नागौद आरएस पाण्डेय के मार्गदर्शन एक टीम बनाई गई। जिसका नेतृत्व कर रहे उप निरीक्षक गोपाल चौबे पुलिस लाइन सतना एवं उप निरीक्षक डीआर शर्मा थाना प्रभारी उचेहरा ने आरोपी की निशादेही पर लूट की मोटरसाइकिल बरामद की। साथ ही लूट में शामिल सिद्धू चौधरी के साथ ही सद्दाम हुसैन के कब्जे से लूट की रकम एवं घटना में प्रयुक्त जीप जब्त की गई। आरोपी हेमंत चौधरी के कब्जे से फरियादी अरविंद रैकवार का मोबाइल जब्त किया गया।

पांच साल जेल में रहा

एसपी रियाज इकबाल ने बताया, लूट की घटना का मुख्य आरोपी सिद्धू चौधरी पूर्व में भी अन्य जिलों व राज्यों में कई घटनाएं कर चुका है। छत्तीसगढ़ राज्य में गांजा के प्रकरण में वह जेल जा चुका है और मौजूदा समय में जमानत पर है। इसका साथी हेमंत चौधरी भी पूर्व में जिले के अन्य थाना क्षेत्रों से मोटर साइकिल चोरी की वारदात करना स्वीकार किया है।

यह जब्त किया गया

पुलिस ने फरियादी अरविंद रैकवार की मोटर साइकिल यूपी 90 डी 4714, उसका मोबाइल फोन, लूटी गई नगद रकम 700 रुपए, लूट की घटना में प्रयुक्त जीप यूपी 30 ए 7834, घटना में प्रयुक्त चाकू, आरोपी सिद्धू चौधरी से कट्टा जब्त किया है।

दूसरा गिरोह

दूसरे गिरोह के बारे में एसपी ने बताया कि 3 मार्च को ग्राम लोहरौरा के पास घटना के बाद फरियादी दिलीप कुमार साहू ने थाना कोतवाली आकर बताया कि तीन चार बदमाशों ने उसे रोक कर लूट की घटना की है। इसी दिन ग्राम उमरी मेहदेई के बीच सतना अमरपाटन रोड पर बदमाशों ने फरियादी गिरधारी विश्वकर्मा को मारपीट कर उसकी मोटरसाइकिल एवं नगद रुपए लूट कर फरार हो गए थे। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए सायबर सेल की मदद से ली गई तो आरोपी सुखी लाल चौधरी पुत्र छुन्नू चौधरी (20) निवासी रानीगंज को पकड़। उससे पूछताछ की गई तो उसने लोहरौरा के पास अपने साथियों के साथ लूट की घटना घटित करना स्वीकार किया। आरोपी सुखी लाल से फरियादी दिलीप का मोबाइल जब्त करते हुए इसके साथी राघवेंद्र पुत्र सुरेश चौधरी (19) निवासी रानीगंज थाना देवेंद्रनगर जिला पन्ना को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। जिसने ग्राम उमरी मेहदेइ के बीच साथियों के साथ घटना करना स्वीकार किया है। इसके कब्जे से नगद रुपए एवं घटना में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया है।

वारदात का तरीका

एसपी का कहना है कि आरोपी सूनसान इलाके में अपने वाहन से पहुंचने के बाद इंतजार करते थे। वहां से गुजरने वाले बाइक सवारों को निशाना बनाते हुए उनके साथ लूटपाट कर लेते थे। उचेहरा से मैहर और अमरपाटन मार्ग में बढ़ रही वारदातों के बाद पुलिस टीमें लगाई गई थीं।

डीजीपी ने सराहा

एसपी रियाज इकबाल ने बताया, मानव तस्करी के मामलों का पर्दाफास करने के साथ लूट की घटनाओं का खुलासा होने पर डीजीपी ने पुलिस टीम के काम को सराहा है। आइजी रीवा ने इस टीम को 30-30 हजार रुपए का इनाम देने के लिए कहा है। एसपी ने बताया, जिला मुख्यालय से बनाई गई टीम के उप निरीक्षक गोपाल चौबे के साथ थाना प्रभारी उचेहरा उप निरीक्षक डीआर शर्मा, सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक अजीत सिंह के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक दीपेश, प्रधान आरक्षक लाखन पंडा, आरक्षक अभिषेक पांडे, आरक्षक जगदीश मीणा, आरक्षक रमाकांत तिवारी, आरक्षक अरविंद सिंह, आरक्षक राहुल सिंह, आरक्षक विपेंद्र मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा। जिन्हें दोनों प्रकरणों में अलग से ३०- ३० हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।

Dhirendra Gupta Desk
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