अपने बीमार हों तो खून देकर मजबूत बनाएं रिश्ता

अपने बीमार हों तो खून देकर मजबूत बनाएं रिश्ता
If you get sick, strengthen your relationship with blood

Sukhendra Mishra | Updated: 14 Jun 2019, 10:55:10 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

एक सोच देगी जीवनदान

सतना. यदि अपना कोई मित्र, रिश्तेदार या परिवार का सदस्य बीमार है तो हम उसे देखने के लिए जाते हैं। यदि उसे खून की जरूरत है तो उसकी व्यवस्था भी करते हैं। लेकिन, किसी दूसरे का... जो पैसे से मिलता है। एेसा इसलिए क्योंकि रक्तदान को लेकर हमारे मन में कई भ्रांतियां हैं। उन्हें हम तोडऩा नहीं चाहते। आज अंतरराष्ट्रीय रक्तदाता दिवस है। यह दिन प्रतिवर्ष 14 जून को इसलिए मनाया जाता है ताकि लोग रक्तदान के प्रति जागरूक हो सकें। यदि हम सब चाहते हैं कि रक्त की कमी से किसी अपने की जान न जाए तो आज हम सबको यह संकल्प लेना होगा कि किसी रिश्तेदार, मित्र या परिवार के सदस्य को खून की जरूरत होने पर हम किसी दूसरे का रक्त नहीं लेंगे। स्वयं और परिवार के सदस्यों को रक्तदान के लिए प्रेरित कर रिश्ते की बागडोर को और मजबूत करेंगे।

अपनों के साथ हादसा होने या बीमार होने पर हम उससे मिलने जरूर जाते हैं। इस मौके पर हम मरीज को सहायता के रूप में एक किलो फल या 500 रुपए का लिफाफा पकड़ा कर अपना रिश्ता निभाने की कोशिश करते हैं पर यह सहायता मरीज के लिए पर्याप्त नहीं होती। इसलिए हम आज यह संकल्प लंे कि जब कभी किसी मरीज को देखने अस्पताल जाएंगे और मरीज को रक्त की जरूरत है, तो उसे खून जरूर देंगे। यदि हम सब इस भावना से कार्य करेंगे तो किसी को खून के लिए ब्लड बैंक या ब्लड डोनेटर को खोजने की जरूरत नहीं पड़ेगी। समय पर सही रक्त मिलने से मरीज का जीवन बचेगा और वह आपका यह छोटा सा उपकार जीवन भर याद रखेगा।
कौन दे सकता है खून

चिकित्सकों के अनुसार हर वह व्यक्ति (स्त्री हो या पुरुष) जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है, उसका वजन 50 किलो या इससे अधिक है वह बिना किसी झिझक रक्तदान कर सकता है। हर स्वस्थ्य व्यक्ति को एक साल में कम से कम एक बार रक्तदान करना चाहिए। यदि इतनी सामर्थता नहीं है तो जीवन में एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए।

रक्तदान के लाभ
- ब्लड डोनेशन से हार्टअटैक की आशंका कम हो जाती है। डॉक्टर्स का मानना है कि डोनेशन से खून पतला होता है। जो हृदय के लिए अच्छा होता है।

- एक रिसर्च के मुताबिक नियमित ब्लड डोनेट करने से कैंसर व दूसरी बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है। क्योंकि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है।
- ब्लड डोनेट करने के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है। इससे शरीर को नए ब्लड सेल्स मिलने के अलावा तंदुरस्ती भी मिलती है।

- ब्लड डोनेशन सुरक्षित व स्वस्थ परंपरा है। इसमें जितना खून लिया जाता है, वह 21 दिन में शरीर फि र से बना लेता है। ब्लड का वॉल्यूम तो शरीर 24 से 72 घंटे में ही पूरा बन जाता है।

 

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