पूर्व मंत्री के संरक्षण में ककलपुर में चल रहा अवैध क्रशर सीज, जानिए क्यों डर रहा था अमला

सरकार बदलने के बाद अधिकारियों ने हिम्मत दिखाई, न भंडारण लाइसेंस, न अनुमति, फिर भी चल रहा था करोबार

By: Balmukund Dwivedi

Updated: 19 Jan 2019, 07:37 PM IST

सतना. अमरपाटन में विगत दो साल से एक क्रशर अवैध रूप से संचालित था। उसके पास न तो संचालन की अनुमति थी और न ही खनिज भंडारण का लाइसेंस था। लेकिन, नेताओं के संरक्षण में क्रशर संचालक धड़ल्ले से अवैध कारोबार कर रहा था। मामले की शिकायत हुई, तो खनिज विभाग की नींद खुली और महकमा शुक्रवार को जांच करने पहुंचा। जांच के दौरान तमाम खामिया मिलने के बाद क्रशर सीज कर दिया गया। वहीं मौके पर उपलब्ध पत्थर व गिट्टी की जब्ती बनाई गई।

विभागों से कोई अनुमति तक नहीं
बताया गया है कि अमरपाटन के ककलपुर में रीवा के संजय मिश्रा द्वारा महाकालेश्वर स्टोन क्रशर स्थापित किया गया है। इसके लिए संबंधित विभागों से कोई अनुमति तक नहीं ली गई है। उसके बावजूद पत्थर खनन, भंडारण व गिट्टी तोडऩे का कारोबार चल रहा था। ये पूरा कारोबार स्थानीय अधिकारियों के जानकारी में था। लेकिन, राजनीतिक दबाव के चलते अधिकारी कार्रवाई से बचते रहे। जबकि लगातार शिकायत होती रही। राज्य में सरकार बदलने के बाद अधिकारियों ने हिम्मत दिखाई और शुक्रवार को खनिज विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। शुरुआती जांच के बाद ही क्रशर को सीज कर दिया गया।

गिट्टी-पत्थर जब्त
के्रशर में भंडारण अनुमति नहीं थी। उसके बाद भी बड़े पैमाने पर पत्थर व गिट्टी का भंडारण किया था। खनिज विभाग की टीम ने मौके पर 16 घन मीटर पत्थर व 42 घन मीटर गिट्टी जब्त की।

पूर्व मंत्री का संरक्षण
इस क्रशर का संचालन शुरू से नियम विरुद्ध था। सरकार बदलने से पहले तक भाजपा के एक मंत्री संरक्षण देते रहे। जिसके चलते अधिकारी क्रशर की ओर देखते तक नहीं थी। स्थानीय अधिकारियों व सीएम हेल्प लाइन में शिकायत होने के बाद भी जांच व कार्रवाई नहीं होती थी।

दूसरे क्रशर को छोड़ा
इस क्षेत्र में गायत्री स्टोन क्रशर भी संचालित है। इसके पास भी शत-प्रतिशत अनुमति नहीं है। शुक्रवार को मौके पर पहुंची टीम, दूसरे क्रशर की ओर देखा तक नहीं। इसे भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

Balmukund Dwivedi Desk
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