अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस: शहर की झुग्गी बस्तियों से पॉश इलाकों की 'नस-नस' तक पहुंचा नशा

अंतर्राष्ट्रीय नशा निवारण दिवस: शहर की झुग्गी बस्तियों से पॉश इलाकों की 'नस-नस' तक पहुंचा नशा
International Day Against Drug Abuse Illicit Trafficking news in hindi

Suresh Kumar Mishra | Publish: Jun, 26 2019 05:06:48 PM (IST) Satna, Satna, Madhya Pradesh, India

संगठित गिरोह कर रहा नशीली दवाओं की तस्करी

सतना। नशीली दवाओं का दुरुपयोग रोकने, अवैध तस्करी पर लगाम लगाने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया जा रहा। लेकिन, नशे के इस कारोबार पर शहर से गांव तक अंकुश नहीं। शराब, गांजा की तरह इस नशीली दवा और कफ सीरप की मांग और खपत है। सीसी बंद नशे का कारोबार हर रोज लाखों रुपए का है। फिर भी इस कारोबार की जड़ तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।

दूसरी ओर औषधि विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने भी सख्ती नहीं बरती। यही वजह है कि मुनाफे के इस अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। जरूरत है कि इस नशे के कारोबार पर अंकुश लगानेे के लिए जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जाए। ताकि समाज में घुल रहे इस जहर से निजात मिल सके।

बदल देते हैं सरनेम
रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने कफ सीरप का कारोबार करने वाले एक आदतन आरोपी को 10 दिन में दो बार पकड़ा। लेकिन, दोनों बार कार्रवाई में उसका सरनेम बदल दिया। ताकि पुलिस रिकॉर्ड में यह न रहे कि छूटते ही आरोपी फिर उसी कारोबार में जुट गया। एक आरोपी विनीत मिश्रा को 11 जनवरी को फिर 19 जनवरी को पकड़ा गया। दूसरी बार में उसका नाम विनीत पयासी लिखा गया। इस एक आरोपी के दो बार पकड़े जाने के बाद भी पुलिस थोक कारोबारियों तक नहीं पहुंच सकी। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी दवा के बैच नंबर से पता लग जाता है कि वह किस डीलर के यहां सप्लाई हुई। डीलर के यहां से रिटेलर के यहां कब गई? इसका रिकॉर्ड सभी को रखना जरूरी है। लेकिन इन सब के बावजूद थोक विक्रेता पुलिस की गिरफ्त से बचे हुए हैं।

नशा के बाद अपराध
जिस तरह शराब, गांजा बेचने वाले पुुलिस की गिरफ्त से छूटकर फिर अपना वही कारोबार करने लगते हैं, ठीक उसी तरह कफ सीरप का कारोबार भी चल रहा है। कई ऐसे फुटकर कारोबारी हैं जो कई बार पुलिस के हत्थे चढ़ चुके और इसके बाद भी उनका वहीं पुराना काम चालू है। कफ सीरप का नशा करने वालों में युवा वर्ग आगे है। नशा करने के बाद उत्तेजित हाल में यही युवा वर्ग अपराध करने से नहीं चूकता। पुलिस भी कई गंभीर अपराधों के खुलासे में इस बात का जिक्र कर चुकी है कि गोली और सीरप का नशा करने के आदी युवकों ने वारदात को अंजाम दिया है।

6 महीने में 12 मामले
- कोलगवां थाना पुलिस ने 15 जनवरी को लावारिश हाल 405 सीसी कफ सीरप जब्त की है।
- सिटी कोतवाली पुलिस ने 11 जनवरी को 14 ककार्टून कफ सीरप बरामद कर आरोपी गुड्डा उर्फ लियाकत अली व सीरप के बड़े कारोबारी मिथलेश द्विवेदी को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 11 जनवरी को ही 180 सीसी कफ सीरप जब्त कर आरोपी विनीत मिश्रा को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान पुलिस ने ही 19 जनवरी को फिर से आरोपी विनीत पयासी को गिरफ्त में लेते हुए इसके कब्जे से 190 सीसी कफ सीरप जब्त किया।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 24 फरवरी को 240 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अभयराज सिंह पटेल को पकड़ा।
- सिटी कोतवाली पुलिस नेे 15 मार्च को 159 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अजय अग्रवाल उर्फ बंटा को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने 20 मार्च को 52 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी अमित साकेत को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने ही 30 मार्च को 35 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी नागेन्द्र त्रिपाठी को पकड़ा।
- सभापुर थाना पुलिस ने 18 अप्रेल को 500 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी निरंजन पाण्डेय को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 24 अप्रेल को 51 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी रिंकू पटेल को पकड़ा।
- कोलगवां थाना पुलिस ने 10 जून को 144 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी मो. अजीज को पकड़ा।
- रामपुर बाघेलान थाना पुलिस ने 11 जून को 110 सीसी कफ सीरप के साथ आरोपी ब्रजेश सिंह को पकड़ा।

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